Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Ram Temple donation row: SIT जांच में बड़ा खुलासा, 'Verbal Orders' पर होते थे सारे फैसले

    16 hours ago

    2

    0

    अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान के पैसे के गलत इस्तेमाल के आरोपों की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच का दायरा कैश गिनने की प्रक्रिया से आगे बढ़ा दिया है और अब वह मंदिर के पुजारियों और मंदिर प्रशासन के सदस्यों से पूछताछ कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने शुक्रवार को चल रही जांच के सिलसिले में अनिल मिश्रा से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। जांचकर्ताओं को दान और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को संभालने से जुड़े स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) के पालन में कमियां मिली हैं। SIT ने यह भी पाया है कि मंदिर परिसर में काम करने वाले कई लोगों को आधिकारिक आदेशों के ज़रिए स्पष्ट जिम्मेदारियां नहीं सौंपी गई थीं। इसके बजाय, कई कामकाज से जुड़े फैसले ज़ुबानी निर्देशों के आधार पर लिए जा रहे थे, जिससे जवाबदेही और निगरानी को लेकर चिंताएं पैदा हो रही हैं।इसे भी पढ़ें: Ram Mandir का पूरा Management System बदलना होगा, Nripendra Misra ने बताईं गंभीर खामियांमंदिर प्रबंधन जांच के घेरे मेंजांच में दान के फंड के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में गर्भगृह के प्रभारी KD तिवारी की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। यह विवाद 7 जून को तब सामने आया जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राम मंदिर में दान के तौर पर मिले करोड़ों रुपये गायब हो गए हैं। उन्होंने न्यायपालिका से इस मामले का संज्ञान लेने और गहन जांच की मांग की। इन आरोपों के बाद सत्ताधारी BJP और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी शुरू हो गई है। अखिलेश यादव ने दावा किया है कि इस विवाद का अयोध्या में धार्मिक पर्यटन पर निर्भर स्थानीय व्यवसायों पर बुरा असर पड़ा है और उन्होंने SIT की जांच के बारे में रोज़ाना अपडेट देने की मांग की है। डोनेशन विवाद पर यूपी के CM योगी आदित्यनाथशुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का बचाव किया और विपक्षी पार्टियों पर अयोध्या और मंदिर की छवि खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि ये पार्टियां कभी नहीं चाहती थीं कि अयोध्या को अहमियत मिले, क्योंकि उनमें खुद ऐसा बदलाव लाने की सोच और काबिलियत नहीं थी। अयोध्या में अलग-अलग कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "अयोध्या, राम मंदिर और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। लोगों को ऐसी साजिशों का शिकार नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर ही SIT जांच के आदेश दिए गए थे और भरोसा दिलाया कि जांच से पूरी सच्चाई सामने आएगी। आदित्यनाथ ने कहा कि ट्रस्ट के अनुरोध पर हमने SIT जांच के आदेश दिए हैं। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि यह जांच पूरी सच्चाई सामने लाएगी। इसमें कोई शक नहीं है। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    पवनराजे निंबालकर मर्डर केस: 20 साल बाद, CBI कोर्ट ने पद्मसिंह पाटिल समेत सभी 9 आरोपियों को बरी किया
    Next Article
    Pawanraje Nimbalkar मर्डर केस, गृह मंत्री Amit Shah के दखल के बाद अब High Court जाएगी CBI

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment