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    'राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच कौन करेगा, सब बेईमान':अयोध्या में महंत कमलनयन दास बोले-हल्ला मचाने वाले दूध के धुले नहीं, भगवान दंड देंगे

    11 hours ago

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    अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान व्यवस्था को लेकर उठे विवाद पर अयोध्या के प्रमुख महंत ने बड़ा बयान दिया है। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा है कि अगर कहीं कोई गड़बड़ी हुई है, तो उसकी जांच अवश्य होनी चाहिए, लेकिन जांच कौन करेगा। जांच करने वाले खुद बेईमान हैं। जो हल्ला मचा रहे हैं, वो भी दूध के धुले हुए नहीं हैं। जो कभी साइकिल पर चलते थे। आज बड़ी-बड़ी गाड़ियों में घूम रहे हैं। आलीशान भवनों में रह रहे हैं। आखिर यह सब कैसे हुआ, इसका जवाब भी समाज को मिलना चाहिए। जो जैसा करेगा भगवान उसे वैसा फल देंगे। ये बातें महंत कमल नयन दास ने बुधवार को मीडिया से बातें करते हुए कहीं। महंत बोले- अब भगवान ही न्याय करेंगे महंत कमल नयन दास ने कहा- आज स्थिति ऐसी है कि सब एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। जो जांच कर रहे हैं, उनकी ईमानदारी पर भी सवाल हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच कैसे होगी? भगवान सब देख रहे हैं और वही न्याय करेंगे। आज जो लोग राम मंदिर और ट्रस्ट पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें भी अपने आत्ममंथन करना चाहिए। क्या उन्होंने अपने जीवन में कभी कोई गलती नहीं की? जो कभी साइकिल पर चलते थे, वे आज बड़ी -बड़ी गाड़ियों से चल रहे हैं। मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता लेकिन ये ठीक बात नहीं है। गड़बड़ी करने वाले से लेकर जांच करने वाले तब सब के सब बेईमान है। भगवान ही अब न्याय करेंगे। हमारा लक्ष्य सेवा और समाज का कल्याण राम जन्मभूमि आंदोलन को याद करते हुए महंत कमल नयन दास ने कहा- मेरे लिए हमेशा राष्ट्र और राम जन्मभूमि सर्वोपरि रहा है। मैंने राम जन्मभूमि के लिए अपना जीवन समर्पित किया। जो कुछ करना था, वो सब हमने कर दिया। आज भी हमारा लक्ष्य सेवा और समाज का कल्याण है। किसी व्यक्ति विशेष या राजनीतिक विवाद से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। मंदिर में पहले भी दान का हिसाब रखा जाता था उन्होंने दान और चढ़ावे के संबंध में कहा- वर्षों तक मंदिरों में आने वाले सोने-चांदी और दान का हिसाब-किताब रखा जाता रहा है। कई बार श्रद्धालुओं द्वारा बिना नाम बताए भी बड़ी मात्रा में दान दिया जाता था, जिसकी जानकारी संबंधित व्यवस्थाओं में दर्ज होती रही है। संदेह है, तो जांच होनी चाहिए अगर राम जन्मभूमि से जुड़े किसी भी मामले में संदेह है, तो उसकी जांच होनी चाहिए, लेकिन जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। हर व्यक्ति को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है। भगवान के न्याय से कोई नहीं बच सकता। मेरा इस विवाद से कोई लेना देना नहीं है। न मैंने कुछ देखा है और न जानता हूं। 2025-26 में मंदिर को 220.81 करोड़ रुपये की आय हुई राम मंदिर ट्रस्ट की बीते मार्च महीने में हुई बैठक में प्रस्तुत वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में मंदिर को विभिन्न माध्यमों से 220.81 करोड़ रुपये की आय हुई। इनमें सबसे अधिक 54.79 करोड़ रुपये रामलला की हुंडी (दानपात्र) से प्राप्त हुए। इस आधार पर मंदिर को दानपात्रों के माध्यम से हर माह औसतन करीब पांच करोड़ रुपये का चढ़ावा मिल रहा है। वहीं ऑनलाइन दान के रूप में 8.33 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कार्यों पर 1800 करोड़ रुपये खर्च भारतीय स्टेट बैंक खाते में वर्तमान में लगभग 1940 करोड़ रुपये जमा हैं, जबकि राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कार्यों पर अब तक करीब 1800 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। आय के मामले में राम मंदिर देश के प्रमुख मंदिरों में शीर्ष मंदिरों की श्रेणी में शामिल हो चुका है। 40 लोगों की उपस्थिति में रोज होती है चढ़ावे में मिली रकम की गिनती दानपात्रों से निकलने वाली धनराशि की गिनती प्रतिदिन की जाती है। इस प्रक्रिया में करीब 15 बैंक कर्मचारी और 25 ट्रस्ट कर्मचारी शामिल रहते हैं। गिनती सीसीटीवी निगरानी में होती है और पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड तैयार किया जाता है। गिनी गई धनराशि को रजिस्टर में दर्ज करने के बाद मंदिर परिसर में बने सुरक्षित लॉकर में रखा जाता है तथा अगले दिन बैंक खाते में जमा करा दिया जाता है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर और दर्शन मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर करीब चार दर्जन दानपात्र स्थापित किए हैं। श्रद्धालु दर्शन के बाद इनमें स्वेच्छा से नकद दान अर्पित करते हैं। ट्रस्ट ने इस व्यवस्था के संचालन और धनराशि की गिनती के लिए भारतीय स्टेट बैंक को अधिकृत किया है। चढ़ावे में मिली रकम का समय-समय पर होता है ऑडिट ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास के अनुसार- आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा व्यवस्थित तरीके से रखा जाता है। हर तीन माह में होने वाली ट्रस्ट की बैठक में सभी ट्रस्टियों के सामने वित्तीय विवरण प्रस्तुत किया जाता है। इसके अलावा समय-समय पर आंतरिक ऑडिट भी कराया जाता है ताकि पारदर्शिता बनी रहे। गबन व चोरी का सवाल ही नहीं उठता। ये खबर भी पढ़ेंः- नौकरी जॉइन करने से 2 दिन पहले पति की हत्या:5 साल का अफेयर, 4 महीने पहले शादी; पत्नी बोली- भाई मुझे भी मारना चाहता था 'शादी के बाद हम दोनों काफी खुश थे, लेकिन घर वाले नाराज थे। भाई और मामा हमें जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इसलिए हमने घर छोड़ दिया। मुजफ्फरनगर में एक रिश्तेदार के घर रहने लगे। पति कहते थे- सब सही हो जाएगा। उसकी SSF में नौकरी लग गई थी। आज (11 जून) ज्वाइनिंग थी, लेकिन उन लोगों ने पहले ही उसकी जिंदगी छीन ली।' ये बातें पुलिस भर्ती परीक्षा देने सहारनपुर आई आकांक्षा ने रोते हुए कहीं। जिनके पति शिवकुमार की मंगलवार को परीक्षा केंद्र से 500 मीटर दूर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आकांक्षा ने अपने भाई, पिता, मामा और रिश्तेदारों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। पढ़ें पूरी खबर…
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