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    संभल हिंसा, हाईकोर्ट से 21 नामजद समेत 900 को राहत:चार सप्ताह तक कार्रवाई स्थगित, याचिका पर एक साल बाद फैसला

    3 hours ago

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    संभल हिंसा से जुड़े एक मुकदमे में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 21 नामजद और 800-900 अज्ञात लोगों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने इस मामले में सभी कानूनी कार्रवाई को चार सप्ताह के लिए स्थगित करने का आदेश दिया है। यह मामला संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोट पूर्वी स्थित एक विवादित धार्मिक स्थल से जुड़ा है। कोर्ट के आदेश पर 24 नवंबर 2024 को श्री हरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद का सर्वे चल रहा था। इसी दौरान हजारों की भीड़ जमा हो गई और हिंसा भड़क उठी। इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एसपी, सीओ, इंस्पेक्टर, एसडीएम सहित सैकड़ों लोग घायल हुए थे। संभल कोतवाली के पूर्व इंस्पेक्टर अनुज कुमार तोमर की शिकायत पर अपराध संख्या 337/2024 दर्ज की गई थी, जिसमें 21 अभियुक्तों को नामजद किया गया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में अभियुक्तों के अधिवक्ता इरशाद अहमद ने दलीलें पेश कीं। राज्य सरकार के अधिवक्ता ने नोटिस स्वीकार करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद मामले को चार सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का आदेश दिया। साथ ही, तब तक सभी कानूनी कार्रवाई को स्थगित रखने का निर्देश दिया। पुलिस की एफआईआर को 20 फरवरी 2025 और 15 मई 2025 को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। याचिका दायर होने के एक साल एक महीने बाद कोर्ट ने यह संज्ञान लिया है। अभियुक्तों पर भारतीय न्याय संहिता (B.N.S.) की धारा 191(2), 191(3), 190, 109(1), 125(A), 125(B), 221, 132, 121(1), 121(2), 324(4), 223(B), 326(F), आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम की धारा 7, सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा 3/4 और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25/27 एवं 3/25 के तहत आरोप लगाए गए हैं। अधिवक्ता इरशाद अहमद ने तर्क दिया कि ये सभी आरोप दुर्भावनापूर्ण, झूठे और निराधार हैं, जिनका एकमात्र उद्देश्य आवेदकों को परेशान करना था। सुब्हान, मुन्ना, फैज आलम, अब्दुल अली, अकबर अली, मो. आजम खान, नईम, मो. जावेद, जैद, मुस्तफा हसन, राजू, अजहरुद्दीन, मुन्नाब्बर अली, हैदर अली, मो. अली, मो. हुसैन, दिलनावाज, असद अली, अजहर अली, शेर मोहम्मद, असद, मो. वसीम, इमरान को इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच से चार सप्ताह की राहत मिली है। आपको बता दें कि 19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष की ओर से संभल की शाही जामा मस्जिद को श्रीहरिहर मंदिर होने का दावा सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट चंदौसी में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन शाम को पहले चरण का सर्वे हुआ और दूसरे चरण का सर्वे 24 नवंबर 2024 को किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। सर्वे को बाधित करते हुए हिंसा भड़क गई, पुलिस पर पथराव-फायरिंग की गई, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई, चर्चित ASP अनुज चौधरी, डिप्टी कलेक्टर सहित 29 पुलिसकर्मी घायल हुए। संभल कोतवाली एवं थाना नखासा में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क एवं सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इक़बाल सहित कई लोगों को नामजद करते 2750 से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया, हालांकि चार्जशीट में साक्ष्य नहीं मिलने के आधार पर विधायक पुत्र का नाम निकाल दिया गया। जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट सहित 158 अभियुक्तों को जेल भेज चुकी है, जिसमें 3 महिलाएं और संभल हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता फरार गैंगस्टर शारिक साठा के तीन गुर्गे मुल्ला अफरोज, वारिस एवं गुलाम भी शामिल हैं। मुल्ला अफरोज पर NSA लगा है। हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जफर अली को बीती 1 अगस्त 2025 को मुरादाबाद जेल से रिहा कर दिया गया था। 24 मार्च को उन्हें जेल भेजा गया था और 131 दिन के बाद जेल से बाहर आए थे। आपको बता दें कि कई अभियुक्तों की जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट से हो चुकी है।
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