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    सोनभद्र में नारी वंदन सम्मान सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न:महिला सशक्तिकरण पर वक्ताओं ने दिए महत्वपूर्ण संदेश

    13 hours ago

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    उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान एवं संगीत नाटक अकादमी लखनऊ और गुप्त काशी विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में नगर स्थित साईं हॉस्पिटल एण्ड कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग के सभागार में 'नारी वंदन सम्मान' सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया, साथ ही सरस्वती वंदना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। महिलाओं को स्वतंत्रता और समानता का अधिकार कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह थीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ महिलाओं को निर्णय लेने, शिक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता और समानता के अधिकार प्रदान करना है, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। उन्होंने जोर दिया कि यह केवल अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र की प्रगति के लिए भी आवश्यक है। एक सशक्त महिला न केवल अपने परिवार को, बल्कि पूरे समाज को आत्मनिर्भर और विकसित बनाती है। कार्यक्रम संयोजक और गुप्त काशी विकास परिषद के अध्यक्ष पंडित आलोक कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि सशक्त नारी वह है जो आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर सके।उन्होंने बताया कि आज की महिलाएं प्रधानमंत्री, अंतरिक्ष यात्री, वैज्ञानिक और उद्यमी बनकर हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।उन्होंने इस बात पर बल दिया कि महिलाओं को केवल घर तक सीमित न रखकर, उन्हें घर और बाहर दोनों की जिम्मेदारियों में बराबरी का हक मिलना चाहिए। साईं हॉस्पिटल एण्ड कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग की डायरेक्टर डॉ. अनुपमा सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी समाज में कन्या भ्रूण हत्या, घरेलू हिंसा और लैंगिक असमानता जैसी कुरीतियां मौजूद हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ पुरुषों के खिलाफ होना नहीं,बल्कि समानता के साथ मिलकर एक बेहतर समाज का निर्माण करना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार पंडित पारसनाथ मिश्र ने कहा, "नारी तू अबला नहीं, खुद को तू पहचान। उठ खड़ी हो और लड़ तभी मिलेगा सम्मान।" उन्होंने प्राचीन काल से ही मानव समाज को महिला और पुरुष रूपी दो पहियों वाला रथ बताया और कहा कि इस रथ को सुचारु रूप से चलाने के लिए दोनों पहियों का सही तरीके से चलना अत्यंत आवश्यक है।
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