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    सुनील गनवानी ने अंगदान कर दो लोगों को दी जिंदगी:एम्स के डॉक्टर पार्थिव शरीर लेकर खुद घर पहुंचे, भरथना मंडी में शोकसभा आयोजित

    15 hours ago

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    इटावा के भरथना सिंधी कॉलोनी निवासी सुनील गनवानी का छत्तीसगढ़ के रायपुर में सड़क हादसे के बाद इलाज के दौरान निधन हो गया, लेकिन जाने से पहले उन्होंने दो लोगों को नई जिंदगी दे दी। परिवार ने कठिन समय में अंगदान का फैसला लिया, जिससे दो मरीजों का जीवन बच सका। इस घटना से जहां हर कोई भावुक है, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। अंगदान से बचीं दो जिंदगियां इटावा जिले के भरथना के सिंधी कॉलोनी निवासी लक्ष्मण दास गनवानी के पुत्र सुनील गनवानी 26 मार्च को रायपुर में सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे। हादसे के बाद उन्हें गंभीर हालत में एम्स छत्तीसगढ़ में भर्ती कराया गया था। सिर में गहरी चोट लगने के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और उनका मस्तिष्क धीरे-धीरे काम करना बंद कर गया। कई दिनों तक वे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रहे। परिवार का साहसिक फैसला ऐसे कठिन समय में भी परिवार ने हिम्मत दिखाते हुए अंगदान का फैसला लिया। डॉक्टरों की सलाह पर सुनील की दोनों किडनी दान करने की सहमति दी गई। इससे एक 24 वर्षीय युवक और 35 वर्षीय महिला, जो लंबे समय से डायलिसिस पर थे, को नई जिंदगी मिल सकी। नम आंखों से परिवार ने वेंटिलेटर हटाने की अनुमति दी और अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया पूरी की गई। सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई एम्स छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों की टीम ने सुनील गनवानी को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। डॉक्टर खुद उनके पार्थिव शरीर को उनके घर तक छोड़ने पहुंचे। इस दौरान अस्पताल स्टाफ भी भावुक नजर आया। सुनील का यह त्याग और परिवार का यह निर्णय मानवता के लिए एक बड़ी मिसाल बन गया है। मंडी परिषद में शोक सभा आयोजित सुनील गनवानी आढ़तिया का काम करते थे और रुपए के लेनदेन के सिलसिले में रायपुर गए थे, जहां 26 मार्च को वह सड़क हादसे में घायल हो गए थे। बाद में उन्हें 4 अप्रैल को एम्स में भर्ती कराया गया, जहां 18 अप्रैल को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। उनकी मौत की खबर मिलते ही भरथना मंडी परिसर में शोक सभा आयोजित की गई। आढ़तिया एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने बताया कि सभा में मंडी के सभी आढ़तियों और पदाधिकारियों ने मौजूद रहकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कई लोगों ने उनके स्वभाव और व्यवहार को याद करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया।
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