Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    ‘सपा भ्रम फैला रही, खाली कुर्सी से माहौल नहीं बदलेगा’:नंद किशोर गुर्जर बोले- हमारा समाज राष्ट्रवादी, अखिलेश को वोट नहीं देगा

    3 hours ago

    2

    0

    ‘सपा भ्रम फैला रही है। उन्होंने (अखिलेश यादव ने) यूपी की जनता को भाड़े की भीड़ कहा। जनता उन्हें माफ नहीं करेगी, 2027 में इसका जवाब देगी। उन्होंने दादरी में जनसभा की जिसमें कुर्सियां खाली दिखीं। खाली कुर्सी से माहौल नहीं बनता। जिस मैदान में रैली की वहां के 1857 के स्वतंत्रता सेनानियों का नाम तक नहीं लिया। उन्हें ऐसा कुछ पता ही नहीं। वे चाहे जितना माहौल बना लें या इस क्षेत्र में रैली कर लें, हमारा गुर्जर समाज उन्हें वोट नहीं देगा। हमारा समाज राष्ट्रवादी है। समाज हमेशा विचार से जुड़ता है।’ यह कहना है गाजियाबाद के लोनी विधानसभा क्षेत्र से विधायक नंद किशोर गुर्जर का। उन्होंने 30 मार्च को सीएम योगी से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने हमसे खास बातचीत की। इसमें उन्होंने हाल ही में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पश्चिम उत्तर प्रदेश से 2027 के विधानसभा चुनाव के प्रचार की शुरुआत और जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन में भीड़ पर दिए बयान के साथ पश्चिमी यूपी के वोटबैंक, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, गोरक्षा जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की। पढ़िए इंटरव्यू के मुख्य अंश… अखिलेश यादव प्रदेश में बदलाव की लहर बोलकर सिर्फ भ्रम फैला रहे हैं। सपा का पुराना रिकॉर्ड सबके सामने है। उन्होंने हमेशा जातिवाद को बढ़ावा दिया और एक वर्ग विशेष को फायदा पहुंचाने की कोशिश की। उनकी सरकार में अराजकता का माहौल था। उनकी पहली कैबिनेट में आतंकवादियों को छोड़ने जैसा फैसला लिया गया था, जिसे न्यायालय ने रोक दिया। गुर्जर समाज के इतिहास में मिहिर भोज जैसे सम्राट हुए, जिन्होंने देश की रक्षा की। ऐसे में कोई भी राष्ट्रवादी समाज ऐसी विचारधारा का समर्थन नहीं करेगा जो देश विरोधी तत्वों के प्रति नरमी दिखाए। सवाल : अखिलेश यादव की दादरी में रैली कर 2027 विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया है। आप इस रैली को कैसे देखते हैं? जवाब : देखिए, रैली को लेकर जो माहौल बनाया जा रहा है, वह वास्तविकता से अलग है। अगर आप तस्वीरें देखें तो पीछे की कई कुर्सियां खाली दिखाई देंगी। यह बताता है कि जितनी बड़ी भीड़ का दावा किया गया, उतनी मौजूदगी नहीं थी। गुर्जर समाज एक राष्ट्रवादी सोच वाला समाज है और वह ऐसे राजनीतिक दिखावे से प्रभावित नहीं होता। समाजवादी पार्टी ने पहले भी महापुरुषों का अपमान किया है। जब माननीय मुख्यमंत्री आए थे, तब नेमप्लेट हटाने जैसी घटनाएं हुईं। ये सब जनता ने देखा है और याद रखा है। सवाल : रैली स्थल के चयन को लेकर आप क्या कहना चाहेंगे? इस एरिया से चुनाव प्रचार से शुरुआत क्यों? जवाब : किसी भी क्षेत्र के इतिहास और वहां के महापुरुषों का सम्मान करना जरूरी होता है। अखिलेश यादव ने दादरी के मैदान में रैली की, वह राव उमराव सिंह भाटी की भूमि है। अखिलेश ने उन्हीं का नाम नहीं लिया। यह अपमान है। शायद अखिलेश को यह जानकारी नहीं है कि 1857 की क्रांति में गुर्जर समाज के वीरों जैसे धन सिंह कोतवाल ने शहादत दी थी। आज योगी आदित्यनाथ की सरकार ने ऐसे वीरों की प्रतिमा स्थापित कर उन्हें सम्मान देने का काम किया है। बीजेपी में आज गुर्जर समाज के सात सांसद हैं, अलग-अलग राज्यों में मंत्री हैं, यह पहले कभी नहीं हुआ। इससे साफ है कि बीजेपी हर समाज को साथ लेकर चलती है, जबकि सपा केवल दिखावे की राजनीति करती है। सवाल : सपा का आरोप है कि प्रधानमंत्री की रैली में भाड़े की भीड़ थी। इस पर आपका क्या कहना है? जवाब : यह बयान पूरी तरह से उत्तर प्रदेश की जनता का अपमान है। जो लोग रैली में पहुंचे थे, वे यहीं के किसान, नौजवान, मजदूर और छात्र थे, कोई बाहर से नहीं लाया गया था। वहां करीब दो लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था थी और उतने ही लोग बाहर खड़े थे। वे लोग यूपी की ही विभिन्न जगहों से आए थे, पाकिस्तान से नहीं। जैसे इनकी रैलियों में होते हैं। यह एक ऐतिहासिक जनसैलाब था। आज प्रदेश में एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और बड़े-बड़े विकास कार्य हो रहे हैं, इसलिए जनता खुद जुड़ रही है। ऐसे में भीड़ को भाड़े का कहना जनता का अपमान है। सवाल : क्या इस बार सपा की लहर है, जैसा दावा किया जा रहा है कि बीजेपी का सूपड़ा साफ हो जाएगा? जवाब : यह सिर्फ एक राजनीतिक नैरेटिव गढ़ने की कोशिश है। 1948 से लेकर अब तक कई बार ऐसे भ्रम फैलाए गए हैं। 2022 के चुनाव में भी ऐसे दावे हुए, लेकिन परिणाम सबके सामने हैं। 2024 में संविधान बचाने का नारा दिया गया। अब दलित और अन्य वर्ग सच्चाई समझ चुके हैं। उन्हें पता है कि सपा की राजनीति क्या है और उनका ट्रैक रिकॉर्ड कैसा रहा है। इसलिए ऐसी लहर की बातों में कोई सच्चाई नहीं है। सवाल : आप गो-रक्षा के मुद्दे पर सक्रिय रहते हैं। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा को कैसे देखते हैं? जवाब : गो-रक्षा हमारे लिए आस्था और जिम्मेदारी दोनों है। हम चाहते हैं कि इस मुद्दे पर कोई हिंसा न हो, एक बूंद खून भी न गिरे। नरेंद्र मोदी स्वयं गो-पालन से जुड़े हैं और योगी आदित्यनाथ गोरक्ष पीठाधीश्वर हैं। उत्तर प्रदेश में इस दिशा में ऐतिहासिक काम हुआ है। हालांकि, कुछ भ्रष्ट अधिकारी हैं, जिनके कारण सवाल उठते हैं। हमने सदन में गाय को ‘राजमाता’ का दर्जा देने की मांग भी उठाई है। सवाल : शंकराचार्य और सरकार के बीच विवाद की भी चर्चा है, आप इसे कैसे देखते हैं? जवाब : यह विवाद नहीं है, बल्कि कुछ अधिकारियों के व्यवहार को लेकर नाराजगी हो सकती है। सरकार का रुख बिल्कुल साफ है संतों और धार्मिक गुरुओं का सम्मान किया जाता है। डिप्टी सीएम ने भी शंकराचार्य जी को पूरा सम्मान दिया है। भगवा वस्त्र पहनने वाला हर संत हमारे लिए पूजनीय है और रहेगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    अयोध्या में अनिल राजभर बोले- गैस की नहीं किल्लत:राहुल के बयान से जनता में भ्रम में फैला, यूपी में भाजपा सरकार बनेगी
    Next Article
    बलिया में नए कारागार की जमीन खरीद को मंजूरी मिली:1000 कैदियों की होगी क्षमता, 24 करोड़ रुपए की पहली किश्त जारी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment