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    सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-राजामंडी से अतिक्रमण हटा या नहीं?:सिर्फ अतिक्रमण हटाने के लिए है तोड़फोड़ का आदेश, 22 मई को होगी अगली सुनवाई

    1 hour ago

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    एमजी रोड स्थित राजामंडी बाजार में रोड और फुटपाथ को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने नगर निगम के अधिकारियों से पूछा कि रोड से कब्जा हटा है या नहीं? अधिकारियों को सच बोलने के लिए कहा। कहा, जिला जज से संबंधित स्थल का सत्यापन करा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ये कहा सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि उसका आदेश आगरा के राजा की मंडी बाजार में सिर्फ सड़क से अतिक्रमण हटाने के लिए है और उसके आदेश के नाम पर इसके अलावा कहीं अन्य तोड़फोड़ की जाती है तो यह अदालत की अवमानना होगा। शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी तब की, जब कुछ आवंटियों की ओर से कहा गया कि इस अदालत के आदेश के नाम पर उन लोगों को भी हटाने का प्रयास किया जा रहा है, जो सड़क पर नहीं हैं। अतिरिक्त कार्रवाई न करने का आदेश जस्टिस अहसानुद्दीन अमनुल्लाह और आर महादेवन की पीठ ने कहा कि ‘यह मामला सिर्फ सड़क से अतिक्रमण हटाने तक सीमित है। यदि हमारे आदेश की आड़ में इसके अतिरिक्त कोई कार्रवाई की जाती है तो यह अदालत की अवमानना माना जाएगा।’ इससे पहले, कुछ आवंटियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने पीठ से कहा कि यह मामला सड़क से अतिक्रमण हटाने का है, लेकिन इस अदालत के आदेश की आड़ में उन आवंटियों को हटाने का प्रयास किया जा रहा है जो यहां पर 1942 और 1947 हैं, लेकिन सड़क पर कोई अतिक्रमण नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अटार्नी जनरल आर. वेंकटरमणी से इस आरोपों पर जवाब देने को कहा है। हालांकि पीठ ने साफ किया कि सड़क के दोनों किनारे किसी भी तरह का कोई अतिक्रमण है तो इसे हटाया जाए। अधिकारियों की ओर से अटार्नी जनरल वेंकटरमणी ने पीठ से कहा कि वे इस बात से पूरी तरह से अवगत हैं कि यह मामला अवमानना का है और किसी भी आदेश का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। उन्होंने पीठ से कहा कि मामले में पुनर्वास एक बहुत बड़ा मुद्दा है और अगली सुनवाई पर पिछले आदेशों के पालन सहित सभी पहलुओं पर समुचित जवाब देंगे। अब मामले की सुनवाई 22 मई को होगी।
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