Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    संतकबीरनगर में मक्के की फसल पर सैनिक कीट का खतरा:केंद्र-राज्य टीम ने किया सर्वेक्षण, किसानों को दिए बचाव के उपाय

    3 hours ago

    2

    0

    संतकबीरनगर जिले में मक्के की फसल को सैनिक कीट (स्पोडोपटेरा फ्रूगीपरडा) से बचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की एक संयुक्त टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय सर्वेक्षण किया। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, गोरखपुर, और राज्य कृषि रक्षा विभाग के अधिकारियों ने गायघाट एवं चोलखरी गांवों में फसल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, सैनिक कीट से प्रभावित फसल कुछ सीमित स्थानों पर ही पाई गई। हालांकि, क्षेत्र में कीट के पतंगों की उपस्थिति दर्ज की गई, जिससे भविष्य में संक्रमण बढ़ने की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने किसानों को समय रहते सावधानी बरतने और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने की सलाह दी। गंधपाश यंत्र से कीटों की निगरानी की व्यवस्था मौके पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार और केंद्रीय टीम के सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी अवधेश कुमार ने किसानों को समेकित नाशीजीव प्रबंधन (आईपीएम) विधि अपनाने के लिए प्रेरित किया। टीम ने खेतों में गंधपाश यंत्र स्थापित कर कीटों की निगरानी की व्यवस्था भी कराई। जिन खेतों में कीट का प्रभाव अधिक था, वहां केंद्रीय कीटनाशी बोर्ड एवं पंजीयन समिति द्वारा अनुशंसित रासायनिक दवाओं के नियंत्रित उपयोग की सलाह दी गई। फसल को बड़े नुकसान से बचाया सर्वेक्षण टीम ने किसानों के बीच बायोपेस्टिसाइड का वितरण किया और बीज शोधन के लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। किसानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देते हुए बताया गया कि समय पर बीज उपचार और निगरानी से फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, किसानों को भारत सरकार के एनपीएसएस ऐप को डाउनलोड कर नाशीजीव की पहचान और डेटा एंट्री करने का प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि भविष्य में कीट प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। इस संयुक्त सर्वेक्षण में केंद्रीय टीम से सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी अवधेश कुमार, रत्नेश कुमार मिश्रा और मोनल कुमार सिंह शामिल रहे। राज्य कृषि विभाग की ओर से उप जिला कृषि रक्षा अधिकारी अजय दीप, नाथनगर विकास खंड के बीज गोदाम प्रभारी गोरखनाथ चौधरी, तकनीकी सहायक रामजी चौधरी तथा प्रगतिशील किसान दिलीप कुमार और सुनील सिंह सहित अन्य किसान उपस्थित थे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    संभल में मजदूर दिवस पर श्रमिक एकता का संकल्प:पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारियों ने सुरक्षा की शपथ ली
    Next Article
    इटावा में रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखने का खुलासा:घरेलू विवाद और नशे के चलते की थी हरकत, आरोपी युवक गिरफ्तार

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment