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    सिद्धार्थनगर में कांग्रेसियों से पुतला छीनकर पुलिस भागी:10 मिनट तक दौड़ते रहे कार्यकर्ता, पुतला दहन नहीं होने पर जमकर नारेबाजी की

    9 hours ago

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    सिद्धार्थनगर में शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। साड़ी तिराहे पर पुतला दहन की तैयारी के दौरान पुलिस ने पुतला छीन लिया, जिसके बाद कांग्रेसी करीब 10 मिनट तक पुलिसकर्मियों के पीछे दौड़ते रहे। पुतला दहन न होने पर कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। यह विरोध प्रदर्शन मुख्यमंत्री सरमा द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में किया जा रहा था। कार्यकर्ताओं में इस टिप्पणी को लेकर गहरी नाराजगी थी। जैसे ही कांग्रेसी कार्यकर्ता साड़ी तिराहे पर पुतला जलाने पहुंचे, पुलिस मौके पर आ गई और पुतला छीनकर भागने लगी। पुलिस की इस कार्रवाई से भड़के कांग्रेसी तुरंत उनके पीछे दौड़ पड़े। करीब 10 मिनट तक पुलिसकर्मी पुतला लेकर आगे-आगे भागते रहे और कांग्रेसी कार्यकर्ता उन्हें पकड़ने के लिए पीछा करते रहे। इस दौरान पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों की भीड़ भी जमा हो गई, जो इस पूरे घटनाक्रम को देखती रही। दौड़ भाग के दौरान एक कांग्रेसी कार्यकर्ता संतुलन खोकर जमीन पर गिर गया। हालांकि उसे गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन इस घटना से कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई। वहीं विरोध प्रदर्शन कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी अस्वीकार्य है और इसी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से अपना आक्रोश व्यक्त करने पहुंचे थे। जिलाध्यक्ष अहमद ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता शांतिपूर्ण ढंग से पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराना चाहते थे। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर बिना अनुमति का हवाला देकर पुतला छीनने और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साड़ी तिराहे जैसे व्यस्त स्थान पर पुतला दहन की अनुमति नहीं थी और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए समय रहते पुतला अपने कब्जे में लिया गया। पुलिस का दावा है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौके पर जमकर नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराया। कुछ समय तक क्षेत्र में तनाव का माहौल बना रहा, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनके नेताओं के खिलाफ इस प्रकार की बयानबाजी जारी रही तो आगे भी बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
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