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    सिद्धार्थनगर में तेज आंधी और बारिश के साथ ओले गिरे:गेहूं की फसल पर खतरा, किसानों की चिंता बढ़ी; अलर्ट जारी

    2 hours ago

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    सिद्धार्थनगर में शुक्रवार को मौसम में बदलाव देखा गया। दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे के बीच जिले के विभिन्न हिस्सों में हल्की से तेज बारिश दर्ज की गई। बढ़नी क्षेत्र में विशेष रूप से तेज वर्षा हुई, जिससे हालात प्रभावित हुए। हालांकि, दोपहर 1:30 बजे तक स्थिति सामान्य हो गई थी, लेकिन मौसम विभाग ने दोपहर बाद फिर से मौसम बिगड़ने की आशंका जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच जिले में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। विभाग ने अचानक तेज हवाएं, गरज-चमक और ओले गिरने की संभावना व्यक्त की है, जिससे जनजीवन और कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं। दोपहर तक हुई बारिश का असर खेतों में खड़ी फसलों पर दिखना शुरू हो गया है। जिले में लगभग 30 प्रतिशत गेहूं की फसल कटाई के करीब है और पीली अवस्था में है। इनमें से करीब 10 प्रतिशत फसल पर बारिश का प्रभाव पड़ चुका है। वहीं, हरी खड़ी फसल को फिलहाल 5 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान है। यदि मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार ओले और तेज हवा के साथ बारिश होती है, तो फसलों को होने वाले नुकसान का दायरा तेजी से बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज हवा और ओलावृष्टि की स्थिति में हरी फसल को 30 से 60 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। ओले गिरने से फसल सीधे जमीन पर गिर जाती है, जिससे दाने खराब होने लगते हैं। इसके अतिरिक्त, लगातार नमी रहने से फसल सड़ने की संभावना भी बढ़ जाती है, जिससे गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इटवा क्षेत्र के महादेव घुरहू इलाके और आसपास के कुछ गांवों में पहले ही ओलावृष्टि की सूचना मिली है। स्थानीय किसानों के अनुसार, इन क्षेत्रों में ओले गिरने से गेहूं के साथ-साथ अन्य फसलें भी प्रभावित हुई हैं और उन्हें नुकसान होने की आशंका है। जिले में दोपहर 12:00 बजे से ही घने बादल छाए हुए हैं और बीच-बीच में तेज गर्जना सुनाई दे रही है, जो आने वाले खराब मौसम का संकेत दे रही है। तेज हवा के झोंकों ने कई स्थानों पर खड़ी फसल को झुकाना शुरू कर दिया है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के ठीक पहले इस तरह का मौसम उनकी मेहनत पर पानी फेर सकता है। यदि दोपहर बाद फिर से तेज बारिश और ओलावृष्टि होती है, तो नुकसान और बढ़ना तय है। कई किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि फसल नुकसान का जल्द सर्वे कराया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए। सिद्धार्थनगर में मौसम का यह बदलता रुख फिलहाल राहत नहीं, बल्कि चिंता का कारण बना हुआ है। दोपहर बाद के मौसम पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यही तय करेगा कि फसलों को कितना नुकसान होगा और स्थिति कितनी गंभीर बनेगी।
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