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    शंकर ने लिखी श्रीराम की कहानी:गोंडा में राजन जी महाराज बोले- गंगा नहाने से सभी पाप नहीं मिटते

    2 hours ago

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    गोंडा जिले की कौड़िया बाजार स्थित जय सम्मय माता पैड़ीबरा में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन पूज्य राजन जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम की कहानी स्वयं भगवान शंकर ने लिखी है। महाराज जी ने यह भी बताया कि भगवान को प्राप्त करने के चार मुख्य साधन हैं नाम, रूप, लीला और धाम। राजन जी महाराज ने समझाया कि भगवान का नाम बार-बार लेने से वे अवश्य मिलते हैं, ठीक वैसे ही जैसे किसी व्यक्ति को बार-बार पुकारने पर वह सामने आ जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गंगा में स्नान करने और राम का नाम लेने मात्र से सभी पाप खत्म नहीं हो जाते, बल्कि केवल अनजाने में हुए पाप ही समाप्त होते हैं। यदि कोई व्यक्ति भगवान के नाम में नहीं लग पाता, तो वह उनके रूप में लीन हो सकता है। बार-बार भगवान का दर्शन करने से उनकी छवि मन में बस जाती है। तीसरा साधन भगवान की लीला है; उनकी कथाएं सुनने और उनमें रमने से परमात्मा की प्राप्ति होती है। यदि ये तीनों साधन संभव न हों, तो चौथा विकल्प भगवान के धाम में वास करना है, जिससे किसी न किसी दिन उनसे भेंट अवश्य होती है। महाराज जी ने चारों साधनों में से 'नाम' को सबसे श्रेष्ठ बताया। उन्होंने कहा कि जिसका नाम लिया जाता है, उसका रूप अपने आप आंखों के सामने आ जाता है। रूप के स्मरण से चरित्र यानी लीला का पता चलता है। इस प्रकार, नाम से रूप का स्मरण और रूप से चरित्र का ज्ञान होता है। जहां नाम, रूप और लीला तीनों का संगम हो, वही भगवान का धाम कहलाता है। राजन जी महाराज ने आगे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हम बात आपसे कहे आंख बंद करके बैठ जाना भगवान को ध्यान करना नहीं है यह बगुला ध्यान करना है। कभी अनुभव करियेगा आंख खोल करके पूजा करियेगा मन कम लगता है तो आंख बंद करने के बाद म भाग जाता है खुला रहता है तो कंट्रोल में रहता है। बन्द आप कर लेंगे तो भागता है इस बात को आप ध्यान रखिएगा जब तक भगवान आपके हृदय में नहीं दिखाई देंगे। तब तक ध्यान नहीं लगने वाला है जिस दिन भगवान हृदय में दिखाई देंगे आपको ध्यान लगाने की आवश्यकता नहीं है अपने आप ध्यान लग जाएगा। पूज्य राजन जी महाराज ने आगे कहा कि गंगा नहाने से भगवान राम का नाम लेने से वही पाप समाप्त होता है जो पाप अनजाने में हुआ है। जानबूझकर किया गया जो पाप है वह समाप्त नहीं होता है कितना भी राम-राम रहेगा वही पाप समाप्त होगा जो अनजाने में किया गया है। जो जाने में पाप हुआ है उसकी सजा मिलेगी और अनजाने में जो पाप हुआ है राम का नाम लेने से खत्म हो जाता है। अब किसी को गोली मार करके आप राम नाम का माला जाप कर लीजिए और कह दीजिए बैलेंस जीरो तो फिर आप भ्रम में जी रहे हैं उसकी सजा आपको मिलेगी। आप चल रहे हैं आपके पांव के नीचे कीड़े और मकोड़े अगर आकर के मर गए और इस प्रकार के जो पाप है वह राम कहने से इस समय समाप्त हो जाता है ये भगवान के नाम की महिमा है।
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