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    शिष्य बोले- फरसा बाबा को कुचलकर मारा गया:गोवंश नहीं थे तो पुलिस कंटेनर क्यों छिपा रही, हमें CCTV दिखाए

    7 hours ago

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    मथुरा में फरसा वाले बाबा उर्फ चंद्रशेखर सिंह (45) की मौत हादसा है या हत्या…इसकी गुत्थी उलझती जा रही है। बाबा के समर्थक इसे हत्या बता रहे, जबकि पुलिस हादसा बता रही है। पुलिस की थ्योरी है कि बाबा नागालैंड नंबर के कंटेनर को चेक कर रहे थे, तभी पीछे से आ रहे राजस्थान नंबर के ट्रक ने कंटेनर को टक्कर मार दी। चपेट में आने से बाबा की मौत हो गई। वहीं, समर्थकों का कहना है कि बाबा को सूचना मिली थी कि ट्रक से गोवंश ले जाए जा रहे। उन्होंने अपने दो साथियों के साथ बाइक से ट्रक का पीछा किया। ओवरटेक कर सामने खड़े हो गए। कंटेनर को चेक करने लगे, तभी पीछे से आ रहे ट्रक ने जानबूझकर बाबा को कुचल दिया। उसके निशाने पर बाबा के साथी भी थे, लेकिन वो बाल-बाल बच गए। हालांकि, DIG का कहना है कि ट्रकों में गोवंश नहीं थे। नागालैंड नंबर वाले कंटेनर में साबुन-शैंपू और राजस्थान नंबर वाले ट्रक में तेल था। हादसे में राजस्थान नंबर वाला ट्रक क्षतिग्रस्त हो गया। इलाज के दौरान ड्राइवर की मौत हो गई थी, जबकि कंटेनर कहां है? इसका अब तक पता नहीं चल पाया है। ऐसे में बाबा के समर्थकों ने सवाल उठाया है कि अगर वाकई कंटेनर में साबुन-शैंपू ही था तो उसे पुलिस ने अज्ञात जगह पर क्यों रखा? उनका कहना है कि हाईवे पर लगे CCTV से सच्चाई सामने आएगी। पुलिस हमें CCTV दिखाए। पढ़िए रिपोर्ट… जिन शिष्यों को बाबा अपने साथ ले गए, पहले उनसे बातचीत पढ़िए- शिष्य बोला- जानबूझकर टक्कर मारी, कंटेनर में गायें थीं बाबा की गोशाला में रहने वाले शिष्य हरिओम ने बताया, 'फरसा वाले बाबा के पास शनिवार तड़के 3 बजे किसी ने फोन किया। सूचना दी कि कोसी में नेशनल हाईवे से गोवंश उठाए जा रहे। इस पर बाबा मुझे और कान्हा को अपनी बाइक से लेकर मौके पर पहुंचे। बाबा के पहुंचते ही नागालैंड नंबर का कंटेनर दिल्ली की तरफ भागने लगा। बाबा ने पीछा किया। उसे नवीपुर इलाके में रोका। बाबा बाइक से उतरकर कंटेनर चेक कर रहे थे कि पीछे से आ रहे राजस्थान नंबर के ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। वो हम सभी को कुचलना चाहता था, लेकिन बाबा ने हमें धक्का दे दिया और खुद चपेट में आ गए। अगर उस कंटेनर में कुछ गलत नहीं था तो उसमें बैठे लोग भागे क्यों? हरिओम ने दावा किया कि कंटेनर में गायें थीं। यही वजह है कि बीच में चल रहे ट्रक ने जानबूझकर टक्कर मारी।' दूसरा शिष्य बोला- जिस जगह घटना हुई, वहां पर्याप्त लाइट फरसा वाले बाबा के दूसरे शिष्य कान्हा ने बताया कि जिस जगह घटना हुई, वहां आप जाकर देख सकते हैं कि कितनी लाइट है। बीच में चल रहे ट्रक ने महाराज जी को देखकर डायरेक्ट टक्कर मारी। महाराज जी को मौका नहीं मिला। टक्कर के बाद कंटेनर के लोग भाग गए। वो मुसलमान थे, इसलिए पुलिस ने निकाल दिया। वरना जनता मार देती। कान्हा का कहना है कि महाराज जी रोज पहरे पर निकलते थे। ये केवल साजिश है। इसी पॉइंट पर तीन साल पहले गोसेवा करने वाले सोनू सरपंच को भी मारा गया था। कान्हा का दावा है कि प्रशासन CCTV खंगालेगा तो दिखेगा कि उस वाहन में गायें थीं। पुलिस ने अब तक कंटेनर की बरामदगी क्यों नहीं दिखाई। अब पुलिस और प्रशासन क्या कह रहा है, पढ़िए कौन हैं फरसा वाले बाबा? चंद्रशेखर बाबा का घर मथुरा में बरसाना रोड पर छाता इलाके के आजनौंख गांव में है। कई साल से गोसेवा कर रहे। स्थानीय लोग बताते हैं, 'फरसा वाले बाबा हमेशा गाय के लिए समर्पित रहे। शुरुआत में बरसाना इलाके में गायों को लेकर जब भी कोई समस्या सामने आती, लोग बाबा को ही बताते। वह गायों की मदद करके धीरे-धीरे इलाके में मशहूर हो गए। गोसेवा में अपना जीवन अर्पित करने वाले फरसा वाले बाबा का तस्करों में इस कदर खौफ था कि उनकी मौजूदगी का पता चलते ही वह अवैध रूप से ले जाए जाने वाले गोवंश को छोड़कर भाग खड़े होते थे।' बाबा के बड़े भाई केशव सिंह बताते हैं, 'छोटे भाई की उम्र 45 साल थी। मूलरूप से फिरोजाबाद के सिरसागंज लंगड़ा के रहने वाले हैं। वह 10 साल की उम्र में ही बाबा बन गए थे। परिवार में हम दोनों ही सगे भाई थे। मेरे 4 बेटे, 4 बहुएं, 7 पोते और 6 पोतियां हैं। बाबा ने शादी नहीं की है। हम लोग अयोध्या में रहते हैं। पहले बाबा भी हमारे साथ अयोध्या में रहते थे। बाद में वह मथुरा आ गए। केशव सिंह ने दोषियों को फांसी देने की मांग की है।' पूरा मामला समझ लीजिए… फरसा वाले बाबा की शनिवार को कोसीकलां के कोटवन थाना क्षेत्र में ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। हादसे के बाद एक वीडियो सामने आया है। इसमें बाबा जमीन पर पड़े हैं। उनके पास म्यान के साथ तलवार पड़ी है। राजस्थान नंबर का ट्रक के आगे का हिस्सा डैमेज दिख रहा है। उसके ड्राइवर अलवर निवासी खुर्शीद की भी आगरा में इलाज के दौरान मौत हो गई है। घटना की जानकारी इलाके में आग की तरह फैली। हजारों लोग मथुरा के छाता कस्बे में हाईवे पर उतर आए। गुस्साए लोगों ने बाबा का शव रखकर दिल्ली-कोलकाता हाईवे जाम कर दिया। आरोपियों के एनकाउंटर की मांग करने लगे। शव कब्जे में लेने और जाम खुलवाने पहुंची पुलिस को लोगों ने खदेड़ दिया। पथराव भी किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी लहूलुहान हो गए। लोगों ने पुलिस की 5 से 6 गाड़ियों में तोड़फोड़ की। शीशे तोड़ दिए। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। आंसू गैस के गोले छोड़े। इस बीच, लोग बाबा का शव लेकर आजनौंख गांव में स्थित गोशाला पहुंचे। प्रशासन के सामने बाबा का स्मारक बनाने समेत 6 मांगें रखीं। डीएम ने आश्वासन दिया कि बाबा के दाह संस्कार वाली जगह पर समाधिस्थल बनवाया जाएगा। इसके बाद बाबा का अंतिम संस्कार किया गया। CM योगी ने भी मामले का संज्ञान लिया। अफसरों को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा- आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, शनिवार देर रात फरसा बाबा की मौत को लेकर उपद्रव करने के आरोप में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता दक्ष चौधरी समेत 16 उपद्रवी गिरफ्तार किए गए। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… मथुरा में साधु की मौत पर हंगामा, पथराव:पुलिस की गाड़ियां तोड़ीं; आरोप- गोतस्करों ने ट्रक से कुचला, पुलिस बोली- हादसा मथुरा में साधु चंद्रशेखर सिंह (45) की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। वह ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर थे। घटना के बाद जमकर हंगामा हुआ। गुस्साए लोगों ने बाबा का शव रखकर हाईवे जाम कर दिया। बाबा के एक साथी ने दावा किया- शनिवार तड़के बाबा 2 साथियों के साथ ट्रक का पीछा कर रहे थे। ट्रक में गोवंश होने की सूचना थी। ट्रक को ओवरटेक कर बाबा ने सामने बाइक खड़ी कर दी। तभी अचानक ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ा दी और बाबा को कुचलते हुए भाग गया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर
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