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    शिवपाल यादव की सीट पर 47 हजार वोटर्स कम हुए:सदर सीट पर 81 हजार मतदाताओं के नाम हटे, जिले में 10 लाख 50 हजार वोटर्स बचे

    2 hours ago

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    इटावा में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। नई सूची के अनुसार जिले में कुल 10 लाख 50 हजार 636 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर जांच और सत्यापन हुआ, जिसमें अपात्र नाम हटाए गए और बड़ी संख्या में नए युवाओं को जोड़ा गया। तीनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल मिलाकर 1 लाख 79 हजार 5 मतदाता कम हुए हैं, जिससे जिले की राजनीतिक तस्वीर में भी बदलाव साफ नजर आ रहा है। जिले में मतदाताओं का नया आंकड़ा जिले में कुल 5 लाख 75 हजार 840 पुरुष मतदाता और 4 लाख 74 हजार 777 महिला मतदाता हैं। इस तरह महिलाओं की संख्या पुरुषों से करीब एक लाख कम बनी हुई है। थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या भी घटकर 19 रह गई है, जो पहले 22 थी। यह साफ दिखाता है कि मतदाता सूची में संशोधन के दौरान हर वर्ग की गहन जांच की गई है। एसआईआर की पूरी प्रक्रिया और तैयारी एसआईआर का कार्य इस बार बड़े स्तर पर किया गया। हर बूथ पर बीएलओ के साथ सुपरवाइजर तैनात किए गए थे और अधिकारियों ने लगातार निगरानी रखी। नो मैपिंग और तार्किक विसंगतियों के नोटिस जारी किए गए, जिनके जवाब में लोगों से दस्तावेज मांगे गए। सुनवाई के बाद इन मामलों का निस्तारण किया गया और पात्र पाए गए लोगों के नाम सूची में शामिल किए गए। इस दौरान युवाओं को जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। कॉलेजों और महाविद्यालयों में कैंप लगाकर उन युवाओं का पंजीकरण कराया गया, जिन्होंने 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली थी। इससे बड़ी संख्या में नए मतदाता सूची में जुड़े हैं। राजनीतिक दलों की सक्रियता और भागीदारी एसआईआर के दौरान राजनीतिक दलों की भूमिका भी अहम रही। जिले में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी सबसे ज्यादा सक्रिय नजर आईं। इनके बूथ लेवल एजेंट लगातार सुनवाई में शामिल हुए और मतदाताओं को जागरूक करते रहे। अन्य दलों की सक्रियता अपेक्षाकृत कम रही। पहले जिला मुख्यालय पर सुनवाई की व्यवस्था की गई थी, लेकिन बाद में आम लोगों की सुविधा को देखते हुए गांव स्तर पर भी कैंप लगाए गए, जहां मौके पर ही शिकायतों का निस्तारण किया गया। मतदाता सूची का प्रकाशन और प्रशासनिक कार्यक्रम भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने मतदाता सूची का औपचारिक प्रकाशन किया। कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया और उन्हें मतदाता सूची की प्रतियां सौंपी गईं। इस दौरान भाजपा, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस समेत अन्य दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इटावा सदर में सबसे ज्यादा कमी विधानसभा क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर इटावा सदर सीट पर देखने को मिला है। यहां 81 हजार 342 मतदाता कम हुए हैं, जिनमें 41 हजार 382 पुरुष और 39 हजार 950 महिला मतदाता शामिल हैं। अब इस सीट पर कुल 3 लाख 37 हजार 459 मतदाता रह गए हैं। इस सीट से भारतीय जनता पार्टी की विधायक श्रीमती सरिता भदौरिया हैं और यह जिला मुख्यालय की महत्वपूर्ण सीट मानी जाती है। जसवंतनगर वीआईपी सीट की स्थिति जसवंतनगर विधानसभा सीट, जिसे वीआईपी सीट माना जाता है, वहां 47 हजार 194 मतदाता कम हुए हैं। इसमें 26 हजार 592 महिला और 20 हजार 580 पुरुष मतदाता शामिल हैं। वर्तमान में यहां 3 लाख 51 हजार 508 मतदाता हैं। इस सीट से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव विधायक हैं और यह सीट हमेशा प्रदेश की राजनीति के केंद्र में रहती है। भरथना बना सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र भरथना विधानसभा क्षेत्र मतदाताओं की संख्या के आधार पर जिले में सबसे बड़ा बनकर सामने आया है। यहां कुल 3 लाख 61 हजार 669 मतदाता हैं, जिनमें 1 लाख 99 हजार 819 पुरुष और 1 लाख 61 हजार 848 महिला मतदाता शामिल हैं। हालांकि एसआईआर के दौरान यहां भी 50 हजार 469 नाम सूची से हटाए गए हैं। इस सीट से समाजवादी पार्टी के राघवेंद्र गौतम विधायक हैं। कुल मिलाकर बदली जिले की चुनावी तस्वीर एसआईआर के बाद इटावा जिले की मतदाता सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एक तरफ जहां अपात्र और संदिग्ध नाम हटाए गए, वहीं नए पात्र मतदाताओं को जोड़कर सूची को अधिक सटीक बनाया गया है। इसका सीधा असर आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों पर पड़ना तय माना जा रहा है, क्योंकि अब चुनाव नई और संशोधित मतदाता सूची के आधार पर होंगे।
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