Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    थाईलैंड रैकेट के एक नहीं, सात मददगार:कौंधियारा थाने में 4 महीने पहले ही हुआ था केस, एक कदम आगे नहीं बढ़ी पुलिस

    3 hours ago

    1

    0

    प्रयागराज में दो दिन पहले गिरफ्तार विपिन मिश्रा थाईलैंड, कंबोडिया व लाओस के साइबर फ्रॉड रैकेट का अकेला मददगार नहीं। जिले में सात अन्य लोग ऐसे हैं जो विदेश में बैठकर साइबर ठगी करने वाले रैकेट को म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराते हैं। इन सभी पर कौंधियारा थाने में चार महीने पहले ही एफआईआर दर्ज हुई थी। लापरवाही का आलम यह कि इस मामले में पुलिस एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी। कौंधियारा से ऑपरेट कर रहे मददगार सूत्रों के मुताबिक, विदेश में बैठे साइबर रैकेट्स के मददगारों का एक पूरा गैंग है जो कौंधियारा से ऑपरेट करता है। इसमें दो दिन पहले गिरफ्तार विपिन मिश्रा के अलावा सर्वेश पांडेय, आलोक कुमार शुक्ला, राज मिश्रा, तुषार मिश्रा, उदित पांडेय उर्फ कान्हा, राकेश और संदीप पांडेय शामिल हैं। इसमें सर्वेश को छोड़कर अन्य सभी कौंधियारा के रहने वाले हैं। यानी इस पूरे गैंग का ऑपरेटिंग बेस यहीं पर है। महिला ने खोली थी पोल इस पूरे गैंग का खुलासा तब हुआ, जब कौंधियारा के ही गौरा गांव की रहने वाली सुनीता देवी पत्नी राजेंद्र प्रसाद सामने आई। उसने बताया कि आरोपियों ने सिर्फ उसका बल्कि करछना व आसपास की तहसीलों के कई गांव के लोगों को शिकार बनाया। इंडिया पेमेंट बैंक में उनके खाते खुलवाए, फिर एटीएम कार्ड समेत खाते से जुड़े सभी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। उन्हें इसके एवज में दो-चार हजार दिए और कहा कि वह उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाएंगे। सीएम से शिकायत के बाद लिखी थी FIR कुछ महीनों बाद पता चला कि इन खातों में 40-50 लाख रुपये का लेनदेन हुआ। सुनीता ने कई बार कौंधियारा थाने में इसकी शिकायत की। बाद में उसने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी और इसके बाद 24 नवंबर 2025 को यह मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें विपिन व राज समेत गैंग के सभी लोग नामजद किए गए। हालांकि चार महीने बाद भी इस मामले में जांच एक कदम आगे नहीं बढ़ सकी। मुकदमे की विवेचना ट्रांसफर इस बारे में कौंधियारा एसीपी अब्दुल सलाम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस मुकदमे की विवेचना साइबर क्राइम थाने में ट्रांसफर हो गई है। उधर साइबर थाना प्रभारी ओमनारायण गौतम ने बताया कि मुकदमे की विवेचना चल रही है। अब सवाल यह है कि आखिर कौंधियारा पुलिस और साइबर थाना पुलिस इस मामले में क्यों जांच आगे नहीं बढ़ा सकी। उठ रहे सवाल चार महीने पहले दर्ज इस मामले में जिस विपिन मिश्रा का नाम है, उसे दो दिन पहले ही म्यूल अकाउंट मामले में ही गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। सवाल यह भी है कि जब आरोपी पहले ही मुकदमे में नामजद था, तो इसी मुकदमे की विवेचना में यह तथ्य क्यों नहीं शामिल किया गया कि उसके नाम पर बने अकाउंट के साइबर फ्रॉड में लिप्त होने की शिकायतें सात राज्यों से प्राप्त हुई हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    भारतीय महिला क्रिकेट दीप्ती को 51 गेंदों की माला पहनाई:टाटा सिएरा कार भेंट की,बोली, क्रिकेटर नहीं होतीं, तो बैडमिंटन खिलाड़ी बनती
    Next Article
    नेपाली युवती 3 साल बाद परिजनों से मिली:सीडब्ल्यूसी अयोध्या ने प्रधान मजिस्ट्रेट के निर्देश पर परिजनों को सौंपा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment