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    'दामिनी मैम ने सर को सांप से डसवाकर मार डाला':मेरठ में स्कूल के बच्चे बोले- वहां नहीं पढ़ेंगे, पेरेंट्स ने कहा- सालभर की फीस जमा है

    11 hours ago

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    क्या बताएं...पूरे 15 हजार रुपए फीस देकर 20 दिन पहले ही बेटे का कृष्णा किड्स स्कूल में एडमिशन कराया था। लेकिन, प्रिंसिपल दामिनी ने सांप से डसवाकर स्कूल मालिक अपने पति अतुल की हत्या कर दी। अब 4 दिन से स्कूल बंद हैं। समझ नहीं आ रहा कि स्कूल कब खुलेगा? बच्चे का भविष्य अंधेरे में है। ये बातें मेरठ की अवनी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहीं। अवनी का बेटा सौरभ दामिनी के स्कूल में ही पढ़ता है। अवनि ने बताया कि स्कूल की ओर से केवल छुट्टी का मैसेज मिला है। आगे कोई जानकारी नहीं दी गई। टीचर्स भी कुछ नहीं बता रहे। अवनी ने पड़ोसी वैन ड्राइवर तुषार के कहने पर बेटे का एडमिशन कृष्णा किड्स स्कूल में कराया था। दामिनी का वैन ड्राइवर तुषार के साथ ही अफेयर था। अनीता की बेटी भूमि और अपर्णा ने कैमरे पर कहा- स्कूल बंद हैं तो हमें गंदा लग रहा है। क्योंकि हमारी मैम ने सर को सांप से डसवाकर मार डाला। अब हम उस स्कूल में नहीं पढ़ेंगे। दामिनी मैम स्कूल आ गईं तो हमें भी सांप से डसवा देंगी। इसी तरह इलाके के 150 परिवार ऐसे हैं, जहां पेरेंट्स अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं। कई पेरेंट्स ने सालभर की फीस एडवांस जमा कर दी है। उन्हें समझ आ रहा कि अब उनके बच्चे की पढ़ाई का क्या होगा? प्रिंसिपल दामिनी जेल में है। दैनिक भास्कर टीम उन पीड़ित पेरेंट्स के पास पहुंची, जिनके बच्चों का भविष्य इस हत्याकांड के बाद संकट में है। पढ़िए उनसे बातचीत… 3 बच्चों की एडवांस फीस जमा की, 50 हजार तक खर्च किया, सब डूब गया हस्तिनापुर के जे ब्लॉक के रहने वाले नीरज के तीन बच्चे कृष्णा किड्स स्कूल में पढ़ते हैं। नीरज के छोटे भाई करन ने बताया- तीनों बच्चों की एडवांस में फीस जमा हो चुकी है। 11 हजार रुपए की किताबें, 5 हजार रुपए की यूनिफॉर्म आ चुकी है। अब बच्चे घर ही बैठे हैं। ये समझ नहीं आ रहा है कि बच्चों को दूसरे स्कूल में एडमिशन कराएं या यहीं पर रहने दें। करीब 50 हजार रुपए तक खर्च कर चुके हैं। जो हुआ वो गलत था, इसका नुकसान बच्चों को उठाना पड़ रहा हस्तिनापुर के क्यू ब्लॉक, पानी की टंकी के पास दीप्ति और अनुज का मकान है। अनुज प्राइवेट जॉब करके घर चलाते हैं। घर में दीप्ति हमें मिलीं। दीप्ति ने बताया कि मेरा बेटा पीयूष और चित्रांश दोनों दामिनी के स्कूल में पढ़ते हैं। दोनों की मार्च तक की फीस जमा है। दोनों बच्चों की 5 हजार रुपए की यूनिफॉर्म और 8 हजार रुपए की किताबें पूरी आ चुकी हैं। अचानक स्कूल बंद हो गया। अब कब खुलेगा, कोई पता नहीं। हमारे पैसों का क्या होगा? हमारे बच्चों का क्या होगा? कुछ समझ नहीं आ रहा, बस टेंशन में हैं। जो भी हुआ वो गलत है, लेकिन बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। पेरेंट्स बोले- फीस दे चुके, अब बच्चों को कहां भेजें राखी ने बताया कि उनका बेटा श्रेयांश इसी स्कूल में प्री नर्सरी में पढ़ रहा है। स्कूल तो ठीक था, लेकिन अब तो चिंता बढ़ गई। मिडसेशन में बच्चों को दूसरे स्कूल में कहां भेजें। प्रियंका पाल ने बताया- बेटा देव नर्सरी में पढ़ता है। वैन से स्कूल जाता था। वैन के 300 रुपए महीने फीस और स्कूल की 500 रुपए फीस जाती थी। दामिनी को ऐसा नहीं करना चाहिए थी। हमारा बच्चा अब घर बैठा है। समझ नहीं पा रही हूं कि अब बच्चे को कहां भेजूं। उसकी फीस जमा कर चुकी हूं। बच्ची सारवी बोली- मेरे सारे फ्रेंड उसी स्कूल में, दूसरे जगह नहीं पढ़ूंगी राजेश कश्यप ने बताया कि मेरी पोती सारवी LKG में पढ़ती है। अब बढ़िया टीचर आएं, दोबारा से स्कूल जल्दी खोला जाए, ताकि हमारे बच्चों का भविष्य न बिगड़े। हमारी बच्ची अब घर बैठी है। आगे का भी कुछ पता नहीं चल रहा। वैन से तुषार ही हमारी पोती को स्कूल ले जाता था। वैन के 300 रुपए और स्कूल की 500 रुपए फीस एडवांस में जुलाई तक की जमा कर चुकी हूं। हमें तो स्कूल सही लगा, तभी यहां अपने बच्चों का एडमिशन कराया है। लेकिन, दो-चार दिनों से तो बिल्कुल खराब माहौल हो गया है। अब वहां क्या पढ़ाई होगी। सारवी ने कहा कि मुझे अच्छा नहीं लग रहा। मेरा स्कूल बंद हो गया है। मेरे सारे फ्रेंड्स भी इसी स्कूल में पढ़ते हैं, दूसरे स्कूल में नहीं जाना चाहती हूं। बच्चे कह रहें- कहीं दामिनी मैम स्कूल आकर हमें भी सांप से न डसवा दें अनीता की बेटी भूमि पहली और अपर्णा सेकेंड क्लास में पढ़ती हैं। वैन से बच्चे स्कूल जाती हैं। 300 रुपए महीना वैन की फीस 6 महीने की एडवांस जमा कर चुकी हैं। एक बच्चे की 800 रुपए के हिसाब से एडवांस स्कूल फीस जमा है। अनीता कहती हैं कि हमारे बच्चों का इतना नुकसान हुआ है कि बता नहीं सकती। हर बच्चे की 6-6 हजार रुपए की किताबें आई हैं। तीन-तीन यूनिफॉर्म आई हैं। एक यूनिफॉर्म 1100 रुपए की है। अब तक तो मैम ने छुट्‌टी कर रखी थी। अब सांप से डसवाकर स्कूल मालिक पति को मार डाला, वो भी प्रेमी वैन ड्राइवर तुषार के चक्कर में। ऐसे में सारा नुकसान हम पेरेंट्स का हुआ है। बच्चों की तो पढ़ाई खराब हो गई। दूसरे स्कूल वाले अब मिडसेशन भी नहीं लेंगे। अगर दूसरे स्कूल ने एडमिशन लिया भी, तो वो नई ड्रेस, फीस, किताबें सब खरीदनी पड़ेंगी। इतना पैसा कहां पेरेंट्स खर्च करें। कुछ लोग तो कह रहें कि अतुल के बड़े भाई कुलदीप शायद सोमवार से स्कूल खोलेंगे, लेकिन ये सच है या झूठ, किसी को नहीं पता। लेकिन, हमारे बच्चे कह रहे हैं कि अगर स्कूल खुला और दामिनी मैम आ गईं तो हमें भी सांप से कटवा सकती हैं। बच्चे डर गए हैं। कृष्णा किड्स स्कूल के बारे में जानिए ---------------------------- ये खबरें भी पढ़िए- पति को सांप डसवाने वाली बेटे के लिए रो रही, मेरठ जेल में करवटें बदलती रही, भाई बोला- मर गई मेरठ में स्कूल मालिक पति को सांप से डसवाने वाली पत्नी जेल में रातभर करवटें बदलती रही। सूत्रों के मुताबिक, वह 6 साल के बेटे को याद कर रोती रही। पुलिसवालों से एक बार बेटे को दिखाने की मिन्नतें करती रही। पढ़िए पूरी खबर मेरठ की दामिनी बोली-पति को सांप डसवाने का गम नहीं: उसका अफेयर था, रोकने पर पीटता, इसलिए वैन ड्राइवर से दोस्ती की 'मुझे पति की मौत का गम नहीं है। वो मर गया, ठीक हुआ। उसका दूसरी महिला से अफेयर था। टोकने पर मुझे पीटता था। कहता था कि घर में रहना है तो मेरे हिसाब से रहो, वरना मारकर भगा दूंगा। मैं कमाती थी तो पैसा वो रख लेता था। उससे तंग आ गई थी। इसलिए मैंने भी वैन ड्राइवर से दोस्ती कर ली।' मेरठ में पति अतुल पवार (32) को सांप से डसवाने वाली पत्नी दामिनी (30) ने पुलिस पूछताछ में ये बातें कहीं। पढ़ें पूरी खबर...
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