Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर आज से शुरू होगी:CM योगी और रेलमंत्री वाराणसी से नई दिल्ली रवाना करेंगे; शिवगंगा से 700 रुपए महंगा सफर

    5 hours ago

    1

    0

    वाराणसी से नई दिल्ली के बीच देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आज, 31 अक्टूबर से शुरू होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और CM योगी बनारस स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-8 से ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। PM मोदी दोपहर 3 बजे वर्चुअली इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। यह उत्तर प्रदेश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन होगी। इसका किराया शिवगंगा, काशी विश्वनाथ और महामना एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों से काफी ज्यादा है। थर्ड AC में शिवगंगा के मुकाबले 700 रुपए से ज्यादा और सेकेंड AC में 822 रुपए अधिक देने होंगे। हालांकि, यात्री आधुनिक सुविधाओं के साथ रात में सोते हुए दिल्ली पहुंच सकेंगे। यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी। वाराणसी से शुक्रवार और दिल्ली से शनिवार को इसका संचालन नहीं होगा। शिवगंगा से करीब 740 रुपए ज्यादा, महामना से 560 रुपए महंगी थर्ड AC वंदे भारत स्लीपर का किराया दूसरी ट्रेनों के मुकाबले काफी अधिक रखा गया है। रेलवे की शुरुआती अधिसूचना के मुताबिक, थर्ड AC का बेस किराया 1819 रुपए, सेकेंड AC का 2349 रुपए और फर्स्ट AC का 2880 रुपए है। इस पर 5% जीएसटी अलग से देना होगा। जीएसटी जोड़ने के बाद किराया क्रमश: करीब 1910 रुपए, 2467 रुपए और 3024 रुपए हो जाएगा। वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलने वाली प्रमुख ट्रेनों के सामान्य किराए से तुलना करें तो अंतर साफ नजर आता है। 16 कोच में 1128 यात्रियों के सफर की व्यवस्था वंदे भारत स्लीपर पूरी तरह वातानुकूलित ट्रेन है। इसमें कुल 16 कोच लगाए गए हैं। इनमें 11 थर्ड AC, चार सेकेंड AC और एक फर्स्ट AC कोच शामिल है। ट्रेन में कुल 1128 बर्थ हैं। थर्ड AC में 611, सेकेंड AC में 188 और फर्स्ट AC में 24 यात्रियों के सफर की व्यवस्था है। ट्रेन को अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के हिसाब से डिजाइन किया गया है। इसका स्वीकृत संचालन अधिकतम 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से होगा। RAC और वेटिंग टिकट पर सफर नहीं कर सकेंगे यात्री इस ट्रेन की सबसे खास व्यवस्था यह है कि इसमें पारंपरिक ट्रेनों की तरह RAC और वेटिंग टिकट की सुविधा नहीं होगी। केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्री ही सफर कर सकेंगे। इससे कोच में निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ नहीं होगी। यात्रियों को अपनी बर्थ पर आराम से सोने और सामान रखने की सुविधा मिलेगी। हर बर्थ पर चार्जिंग पॉइंट, रीडिंग लाइट और बेहतर कुशनिंग यात्रियों की सुविधा के लिए हर बर्थ पर चार्जिंग पॉइंट और रीडिंग लाइट दी गई है। बर्थ की कुशनिंग को बेहतर बनाया गया है, ताकि रातभर के सफर में यात्रियों को आराम मिले। ट्रेन में आधुनिक इंटीरियर, सेंट्रलाइज्ड AC और उन्नत सस्पेंशन सिस्टम लगाया गया है। तेज रफ्तार में भी झटके और बाहरी शोर कम महसूस होंगे। कोच में ऑटोमैटिक सेंसर वाले दरवाजे, सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम भी लगाए गए हैं। फर्स्ट AC में शॉवर, विमान जैसी सुविधाओं का अनुभव ट्रेन के फर्स्ट AC कोच में यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं दी गई हैं। यहां बर्थ और केबिन का इंटीरियर ज्यादा लग्जरी रखा गया है। फर्स्ट AC के बाथरूम में शॉवर की सुविधा भी मिलेगी। सभी कोच में इंडियन और वेस्टर्न स्टाइल के बायो टॉयलेट लगाए गए हैं। यात्रियों को सफर के दौरान साफ-सफाई और आराम का बेहतर अनुभव देने की कोशिश की गई है। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, ऑटोमैटिक दरवाजे और फायर सिस्टम ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई आधुनिक इंतजाम किए गए हैं। सभी कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ऑटोमैटिक दरवाजे और आधुनिक फायर अलार्म सिस्टम भी दिया गया है। इसके अलावा उन्नत सस्पेंशन और सुरक्षा तकनीक से ट्रेन को तेज गति में भी स्थिर रखने की व्यवस्था की गई है। काशी को दो नई मेमू ट्रेनों की भी सौगात वंदे भारत स्लीपर के साथ वाराणसी क्षेत्र को दो नई रेल सेवाओं की भी सौगात मिलेगी। वाराणसी सिटी से राजातालाब के बीच चार जोड़ी मेमू ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इन ट्रेनों में 12 कोच होंगे। रास्ते में वाराणसी जंक्शन, बनारस, भुलनपुर और हरदत्तपुर स्टेशन पर ठहराव होगा। इससे दैनिक यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को फायदा मिलेगा। इसके अलावा बनारस से प्रयागराज रामबाग के बीच मेमू सेवा को आगे बढ़ाने की योजना है। इससे दोनों धार्मिक और शैक्षिक शहरों के बीच आवागमन आसान होगा। इन नई सेवाओं से काशी की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ स्थानीय यात्रियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    IIT-BHU का 15वां दीक्षांत समारोह आज:कुमार मंगलम बिड़ला होंगे मुख्य अतिथि; 2048 विद्यार्थियों को मिलेगी डिग्री
    Next Article
    शाह ने यूपी चुनाव के लिए तय किए 3 मुद्दे:बोले-यूपी में 2027 चुनाव बाद UCC कराएंगे; अखिलेश को बाबू कहकर घेरा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment