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    उन्नाव में डायरिया का प्रकोप बढ़ा, डिहाइड्रेशन की शिकायत:13 बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती, इलाज जारी

    2 hours ago

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    उन्नाव जिले में बढ़ती गर्मी के साथ डायरिया और उल्टी-दस्त के मामलों में तेजी देखी जा रही है। शुक्रवार को उन्नाव जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डायरिया से पीड़ित कुल 13 बच्चों को भर्ती कराया गया है। सभी का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है। बच्चों के एक साथ भर्ती होने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। डॉक्टरों के अनुसार, तेज गर्मी, दूषित पानी और खानपान में लापरवाही के कारण बच्चों में डायरिया के मामले बढ़ रहे हैं। भर्ती किए गए बच्चों को उल्टी, दस्त, कमजोरी और डिहाइड्रेशन की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था। प्राथमिक जांच के बाद उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर आवश्यक उपचार शुरू किया गया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सभी बच्चों की स्थिति फिलहाल स्थिर है। उन्हें लगातार ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस), दवाएं और जरूरत के अनुसार ड्रिप दी जा रही है। डॉक्टरों की टीम मरीजों की नियमित निगरानी कर रही है ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से बचा जा सके। चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे पानी और भोजन जल्दी दूषित हो जाता है। खासकर छोटे बच्चे संक्रमण की चपेट में जल्दी आते हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के खानपान और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को उबला या साफ पानी पीने, खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचने और बासी भोजन न खाने की सलाह दी है। साथ ही बच्चों को बाहर से आने के बाद साबुन से हाथ धोने और घर में साफ-सफाई बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। जिला अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त दवाओं और बेड की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने नगर क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी जागरूकता फैलाने के लिए कहा गया है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि बच्चों में बार-बार उल्टी, दस्त, तेज बुखार या सुस्ती जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में दिखाएं। घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करने की सलाह दी गई है।
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