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    उन्नाव में गंगा कटान रोकने को युद्धस्तर पर काम शुरू:सिंचाई विभाग ने शुक्लागंज में 350 मीटर क्षेत्र में शुरू किए तकनीकी कार्य

    2 hours ago

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    उन्नाव में गंगा नदी के बढ़ते कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग ने गंगाघाट क्षेत्र में युद्धस्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। शुक्लागंज के पुराने गंगापुल के नीचे हो रहे तेज कटान को नियंत्रित करने के लिए बड़े पैमाने पर तकनीकी कार्य कराए जा रहे हैं। विभाग ने लगभग 350 मीटर क्षेत्र में कटान निरोधक कार्य की योजना बनाई है, जिसका उद्देश्य आसपास के रिहायशी इलाकों, घाटों और मार्गों को सुरक्षित करना है। अधिकारियों के अनुसार, कानपुर छोर पर चल रहे पुल निर्माण कार्य के कारण गंगा की धारा शुक्लागंज की ओर मुड़ गई है। इससे इस हिस्से में पानी का वेग काफी तेज हो गया है, जो कटान का मुख्य कारण बन रहा है। तेज धारा के चलते कार्य में लगातार बाधाएं आ रही हैं, फिर भी विभाग ने काम को तेजी से आगे बढ़ाया है। कटान रोकने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। सबसे पहले नदी के भीतर एक मजबूत आधार तैयार किया जा रहा है। इसके लिए बड़े पैमाने पर जियो बैग लगाए जा रहे हैं। प्रतिदिन लगभग 70 से 80 हजार जियो बैग लगाए जा रहे हैं और अब तक करीब डेढ़ लाख बैग डाले जा चुके हैं। इन बैगों को इस तरह व्यवस्थित किया जा रहा है ताकि वे नदी के बहाव के दबाव को सहन कर सकें और मिट्टी के कटाव को रोक सकें। कार्य को समय पर पूरा करने के लिए गंगा नदी में चार ड्रेजिंग मशीनें भी लगाई गई हैं। इन मशीनों की मदद से नदी की तलहटी को समतल किया जा रहा है और आवश्यक गहराई तक खुदाई कर आधार को मजबूत बनाया जा रहा है। विभाग ने बताया कि मशीनों और श्रमिकों के समन्वय से कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाएगा। तकनीकी योजना के तहत, पहले लगभग 7.30 मीटर गहराई तक पानी के अंदर कार्य किया जाएगा। इसके बाद लगभग 10.30 मीटर का ढलान (स्लोप) तैयार किया जाएगा। इससे नदी की धारा सीधे तट से टकराने के बजाय नियंत्रित होकर बहेगी, जिससे कटान की संभावना कम हो जाएगी। नीचे की सतह पर सैंड बैग डालकर आधार मजबूत किया जा रहा है, जबकि ऊपर जियो बैग लगाकर तट को स्थिर किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट में करीब 150 मजदूर लगातार काम कर रहे हैं। विभाग ने लक्ष्य रखा है कि अगले दो से ढाई महीने के भीतर यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। कार्य की निगरानी अधिकारी स्तर पर की जा रही है ताकि गुणवत्ता में कोई कमी न रहे। स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि हर साल गंगा कटान के कारण क्षेत्र में भय का माहौल बना रहता था और कई बार जमीन व रास्तों को नुकसान उठाना पड़ता था। अब समय रहते काम शुरू होने से लोगों को राहत की उम्मीद जगी है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद गंगाघाट क्षेत्र में कटान की समस्या से काफी हद तक स्थायी समाधान मिल सकेगा और आने वाले समय में बाढ़ के दौरान भी नुकसान की आशंका कम होगी।
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