Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    US Arms Deal पर तनातनी के बीच Xi Jinping का बड़ा दांव, Beijing में Taiwan के विपक्ष से मुलाकात

    3 hours from now

    2

    0

    चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने शुक्रवार को ताइवान के विपक्ष की नेता चेंग ली-वुन से बीजिंग में मुलाकात की। यह मुलाकात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगले महीने चीन की प्रस्तावित यात्रा से पहले हुई है। चेंग पिछले एक दशक में पहली कुओमिनतांग (केएमटी) अध्यक्ष हैं, जो अपनी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए एक सप्ताह की चीन यात्रा पर हैं। उनकी शी चिनफिंग के साथ इस बैठक पर दुनियाभर की नजरें हैं क्योंकि 2012 में सत्ता संभालने के बाद से चीनी नेता ताइवान के पुनर्एकीकरण के प्रयासों को तेज कर रहे हैं और ‘‘वन चाइना’’ नीति को सख्ती से लागू कर रहे हैं। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसे मुख्यभूमि के साथ पुनः एकीकृत करने का संकल्प दोहराता रहा है। चीन, ताइवान की सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) को अलगाववादी बताता है और बीजिंग समर्थक केएमटी का परोक्ष रूप से समर्थन करता है, क्योंकि वह मुख्यभूमि के साथ घनिष्ठ संबंधों की वकालत करती है। वहीं, डीपीपी चीन के पुनर्एकीकरण के प्रयासों का कड़ा विरोध करती है और ताइवान की अलग पहचान बनाए रखने की पक्षधर है। बीजिंग रवाना होने से पहले चेंग ने इस यात्रा को शांति की यात्रा बताया और कहा कि ताइवान जलडमरूमध्य के दोनों पक्षों को मतभेद सुलझाने के लिए संवाद और संचार का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘यह अस्वीकार नहीं किया जा सकता कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय माहौल अस्थिर है, संघर्ष बढ़ रहे हैं और लोगों की चिंता भी बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा कि ताइवान जलडमरूमध्य को लंबे समय से दुनिया के सबसे खतरनाक स्थानों में से एक माना जाता रहा है, इसलिए हमें सुनिश्चित करना होगा कि अगर यह जलडमरूमध्य सुरक्षित है, तो दुनिया भी सुरक्षित है। चेंग की यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 14-15 मई को बीजिंग यात्रा से पहले हो रही है, जिसमें ताइवान का मुद्दा शी चिनफिंग के साथ उनकी वार्ता में प्रमुख रूप से उठ सकता है। इस संभावना का कारण वाशिंगटन की ताइपे को 11 अरब डॉलर के हथियार सौदे की योजना है, जो अब तक का सबसे बड़ा अमेरिकी पैकेज होगा। चीन ने इस अमेरिकी हथियार पैकेज का कड़ा विरोध और निंदा की है। हालांकि, ताइवान सरकार को इस पैकेज का लाभ उठाने के लिए इस वर्ष का रक्षा बजट संसद से पारित कराने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा, क्योंकि विपक्ष-बहुल संसद में यह अटका हुआ है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    'झूठ और बेबुनियाद', Melania Trump ने Jeffrey Epstein से किसी भी संबंध को नकारा, कांग्रेस से माँगी सार्वजनिक सुनवाई
    Next Article
    पत्नी ने हथौड़े से कुचलकर पति को मारा, शव के साथ 22 दिन के बेटे को भी मरने के लिए छोड़ा, खुद भी ट्रेन से कट गई

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment