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    उत्तर प्रदेश में 2 चरणों में होगी 16वीं जनगणना:2 चरणों में होगी प्रक्रिया, पहली बार होगी जातीय गणना

    3 hours ago

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    उत्तर प्रदेश में 16वीं जनगणना को लेकर कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। इस बार की जनगणना कई मायनों में खास होगी, क्योंकि आजादी के बाद पहली बार जातीय जनगणना भी कराई जाएगी। जनगणना निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा के अनुसार, राज्य में यह प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। पहला चरण मई-जून 2026 में और दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। जनगणना के अंतिम आंकड़े 1 मार्च 2027 की रात 12 बजे जारी किए जाएंगे। इसके लिए 31 दिसंबर 2025 को प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज कर दी गई हैं। पूरी प्रक्रिया के लिए प्रदेशभर में लाखों अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इस बार जनगणना को डिजिटल माध्यम से संचालित करने की तैयारी की गई है, जिससे डेटा संग्रह और विश्लेषण अधिक तेज और पारदर्शी होगा। दो चरणों में पूरी होगी जनगणना प्रक्रिया उत्तर प्रदेश में जनगणना का पहला चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा। इस दौरान मकानों की गणना और हाउस लिस्टिंग की जाएगी। दूसरे चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या की गणना होगी, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति का विस्तृत विवरण जुटाया जाएगा। पहली बार होगी जातीय जनगणना दूसरे चरण में जातीय जनगणना भी कराई जाएगी, जो आजादी के बाद पहली बार होगी। हालांकि इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) अभी तैयार किया जाना बाकी है। अधिकारियों के मुताबिक यह प्रक्रिया केंद्र सरकार की नीति के तहत पूरी की जाएगी। 31 दिसंबर 2025 से प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज जनगणना को ध्यान में रखते हुए 31 दिसंबर 2025 के बाद नई तहसील, राजस्व इकाई या प्रशासनिक बदलाव नहीं किए जाएंगे। इससे आंकड़ों की सटीकता और स्थिरता सुनिश्चित की जाएगी। घर-घर जाकर जुटाया जाएगा डेटा पहले चरण में जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर मकानों की स्थिति, परिवार को मिलने वाली सुविधाएं और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी मोबाइल ऐप के जरिए दर्ज करेंगे। दूसरे चरण में व्यक्तिगत स्तर पर डेटा कलेक्शन किया जाएगा। 5.25 लाख से ज्यादा कर्मियों की ड्यूटी जनगणना के लिए प्रदेश में करीब 5.25 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसमें 18 मंडलायुक्त, 75 जिलाधिकारी, 17 नगर आयुक्त, 1195 चार्ज अधिकारी, 285 मास्टर ट्रेनर, 6939 फील्ड ट्रेनर और करीब 5 लाख प्रगणक व पर्यवेक्षक शामिल हैं। संशोधन का पांच बार मिलेगा मौका जनगणना निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा के अनुसार, पहले चरण में हाउसहोल्ड लेवल डेटा और दूसरे चरण में व्यक्तिगत जानकारी जुटाई जाएगी। जातीय जनगणना भी दूसरे चरण में ही कराई जाएगी, जिसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे। जनगणना के दौरान दर्ज आंकड़ों में पांच बार तक संशोधन का अवसर दिया जाएगा। हालांकि एक बार अंतिम फ्रीज होने के बाद डेटा में बदलाव संभव नहीं होगा।
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