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    वीडियो में देखिए MMMUT का साइबर फॉरेंसिक्स लैब:CM योगी ने किया था उद्घाटन, स्टूडेंट्स को तकनीक सीखने का सुनहरा मौका

    10 hours ago

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    गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बुधवार को एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि जुड़ी, जब 4.67 करोड़ रुपये की लागत से बने साइबर फॉरेंसिक्स रिसर्च सेंटर का उद्घाटन योगी आदित्यनाथ ने किया। यह अत्याधुनिक लैब विश्वविद्यालय परिसर स्थित आईटीआरसी भवन में स्थापित की गई है। यह साइबर फॉरेंसिक लैब भविष्य में साइबर अपराधों की जांच में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही, यहां पढ़ने वाले छात्रों को भी डिजिटल तकनीकों और फॉरेंसिक जांच की आधुनिक जानकारी प्रैक्टिकल तरीके से मिल सकेगी। जानिए कितना कारगर साबित होगा लैब दैनिक भास्कर से बातचीत में साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सीईओ विभु आनंद ने बताया कि यह लैब पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। यहां अलग-अलग डेस्क बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों की जांच और ट्रैकिंग की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि- “यहां पर जो है अलग अलग इक्विपमेंट लगाए गए हैं। जो अलग अलग इन्वेस्टिगेशन के लिए होंगे। यहां पर ड्रोन फॉरेंसिक डेस्क है। आज ड्रोन वेलफेयर का जमाना है। हमलोग ने इंडो पाक कनफ्लिक्ट देखा है। हम लोग ने ईरान अमेरिका इजरायल युद्ध देख रहे हैं। आज की डेट में जो ड्रोन है असेंबल ड्रोन होते हैं उसके अंदर से डाटा निकाला जाता है कि कहां से उड़ा है किस लिए जा रहा था टारगेट क्या था यह सारी चीज यहां से निकल जाएगी। दूसरी डेस्क हमारी मोबाइल फॉरेंसिक डेस्क है। जो भी डेटा आपको फोन से निकलवाना है। वो यहां आसानी से निकल जाएगा। इसमें सभी डेटा आयेंगे जैसे अवेलेबल डेटा, हिडन डेटा, डिलीटेड डेटा यहां पर सभी डाटा रिकवर होंगे। यह लैब पूरी तरह से यहां के स्टूडेंट के लिए समर्पित रहेगा। इसके साथ ही आईटी सेक्टर से जुड़े बाहरी स्टूडेंट भी यहां सीख सकते हैं। दूसरी बात इसको इन्वेस्टिगेशन लैब के लिए भी उसे किया जाएगा जहां पर डिफरेंट टाइप ऑफ़ कैसे खोले जाएंगे जहां पर भी पुलिस ऑर्गेनाइजेशन हेल्प चाहिए होगी आई थिंक यह विश्वविद्यालय उसकी अनुमति देगा।” साइबर अपराधों से निपटने की दिशा में बड़ा कदम देश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए इस तरह की अत्याधुनिक लैब की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अब इस सेंटर के शुरू होने से पुलिस जांच एजेंसियों को तकनीकी सहायता मिलेगी और डिजिटल सबूतों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा। आधुनिक तकनीकों से लैस होगी लैब इस साइबर फॉरेंसिक सेंटर में कई उन्नत उपकरण लगाए गए हैं, जो जांच प्रक्रिया को तेज और सटीक बनाएंगे, जैसे— एआई और डिजिटल फॉरेंसिक की उन्नत सुविधाएं इस लैब में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सॉफ्टवेयर भी लगाए गए हैं, जो जांच को और तेज बनाएंगे। इसके अलावा— छात्रों और पुलिस दोनों को होगा फायदा विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह लैब छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगी। यहां उन्हें किताबों के साथ-साथ प्रैक्टिकल अनुभव भी मिलेगा, जिससे वे भविष्य में साइबर सिक्योरिटी और फॉरेंसिक क्षेत्र में बेहतर करियर बना सकेंगे। साथ ही, यह लैब पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए भी उपयोगी होगी, जहां जरूरत पड़ने पर तकनीकी सहयोग दिया जा सकेगा। इससे गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में साइबर अपराधों की जांच और मजबूत होने की उम्मीद है।
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