Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    विपिन अनेजा बोले- रहमान से मांगा अपनी आवाज का गाना:हनी सिंह ने फोन कर कहा- आपकी गजल दिल छू गई

    1 day ago

    1

    0

    सिंगर विपिन अनेजा इन दिनों फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ के गाने ‘तेरे पास मैं’ को लेकर चर्चा में हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि यह गाना उनके लिए नया प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि लंबे इंतजार और संगीत सफर का अहम पड़ाव है। उन्होंने ‘जाने तेरे शहर का’, ए.आर. रहमान के साथ अनुभव, हनी सिंह के साथ प्रयोग और बदलते संगीत पर बात की। उनका कहना है कि हर नया गाना उन्हें आगे बढ़ने का मौका देता है। सवाल: फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ का गाना ‘तेरे पास मैं’ आपके लिए कितना खास है? जवाब: यह गाना मेरे लिए बहुत खास है। ‘तेरे पास मैं’ और ‘जाने तेरे शहर का’ दोनों की भावनात्मक दुनिया एक जैसी है। दोनों न्यू एज गजल जैसे लगते हैं। लोगों ने पहले गाने की तरह इसे भी अपनाया है और यह लंबे समय तक साथ रहेगा। सवाल: लोग आज भी फिल्म ‘जज्बा’ के गाने ‘जाने तेरे शहर का’ को याद करते हैं, उस सफर को कैसे देखते हैं? जवाब: इस गाने ने मुझे पहचान दी। फिल्म में यह गाना इरफान खान और ऐश्वर्या राय पर फिल्माया गया है। शुरुआत में लगा था कि इसे ज्यादा प्रमोशन नहीं मिलेगा, लेकिन बाद में यह अपने दम पर लोगों तक पहुंचा। आज भी युवा इसे सुनते हैं और अपनी प्लेलिस्ट में रखते हैं। सवाल: ‘जाने तेरे शहर का’ गाने तक पहुंचने की कहानी क्या रही? जवाब: मुंबई में एक संगीत महफिल के दौरान मेरी मुलाकात आर्को से हुई। उन्होंने मुझे लाइव सुना और मेरी आवाज पसंद आई। वहीं से मुझे मौका मिला और बाद में यह गाना फिल्म का हिस्सा बना। सवाल: ‘मैं वापस आऊंगा’ और ए.आर. रहमान के साथ जुड़ने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: रहमान साहब के साथ मेरा जुड़ाव काफी पुराना है। मैंने उनसे कहा था कि मेरी आवाज की अपनी पहचान है और उसके हिसाब से कुछ बनाएं। बाद में इस प्रोजेक्ट में मैंने अलग-अलग वर्जन रिकॉर्ड किए। उनके साथ काम करना सपना पूरा होने जैसा है। सवाल: ए.आर. रहमान से पहली मुलाकात कैसे हुई थी? जवाब: रहमान साहब से मेरी मुलाकात करीब 20 साल पहले कजाकिस्तान के वर्ल्ड पॉप म्यूजिक फेस्टिवल में हुई थी। मैं भारत को सिंगर के तौर पर रिप्रेजेंट कर रहा था और वह जज थे। उन्होंने मेरी परफॉर्मेंस सुनी और बाद में इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स में भी मौका दिया। वहीं से जुड़ाव शुरू हुआ। ‘मैं वापस आऊंगा’ से पहले मैंने उनकी साउथ की कुछ फिल्मों में गाए हैं। सवाल: आपने रहमान से अपनी आवाज के लिए अलग तरह का संगीत बनाने की बात भी कही थी? जवाब: मैंने उनसे कहा था कि मेरी आवाज मिड और लो रेंज में ज्यादा सहज रहती है। मेरी आवाज की अपनी पहचान है। इसके बाद लंबी बातचीत हुई और मैंने उन्हें देर रात तक गजलें सुनाईं। यह मेरे लिए खास अनुभव था। सवाल: हनी सिंह के साथ जुड़ी कौन-सी बात सबसे ज्यादा यादगार रही? जवाब: हनी सिंह ने मेरा गाना सुनकर मुझे फोन किया और कहा कि उन्हें ‘जाने तेरे शहर का’ पसंद आया। वह मेरे साथ कुछ अलग करना चाहते थे। बाद में हमने गजल और रैप को मिलाकर प्रयोग किया। सवाल: हनी सिंह के साथ गजल और रैप का प्रयोग कैसे हुआ? जवाब: हमारी पहचान पुरानी है। हमने साथ काम किया और गजल-रैप का नया प्रयोग किया। संगीत में नए रास्ते तलाशते रहना जरूरी है। सवाल: ओटीटी आने के बाद संगीत में क्या बदलाव महसूस हुआ? जवाब: ओटीटी ने संगीत को ज्यादा आजादी दी है। अब सिर्फ पारंपरिक फिल्मी साउंड तक सीमित नहीं रहना पड़ता। नए विषय और अलग तरह के गानों को जगह मिल रही है। सवाल: क्या आज के दौर में मेलोडी पीछे छूट रही है? जवाब: मुझे ऐसा नहीं लगता। ट्रेंड बदलते रहते हैं, लेकिन अच्छी धुन, अच्छे बोल और अच्छी आवाज लोगों के दिल तक पहुंचती है। मेलोडी कभी खत्म नहीं होती। सवाल: हजारों लाइव शोज के बाद कौन-सा मंच सबसे यादगार रहा? जवाब: रहमान साहब के साथ इंटरनेशनल स्टेज पर परफॉर्म करना यादगार रहा, लेकिन महाकाल में गाना सबसे भावुक अनुभव था। वहां भजन और स्तोत्र गाना अलग अनुभव था। सवाल: अपने पूरे सफर को आज किस तरह देखते हैं? जवाब: मैं अपने परिवार का पहला इंसान हूं जिसने प्रोफेशनल म्यूजिक को करियर बनाया। रास्ते में कई बार गिरा, सीखा और आगे बढ़ा। जब लोग कहते हैं कि मेरी सफलता उन्हें अपनी लगती है, तो लगता है कि मेहनत सही दिशा में जा रही है। सवाल: इतने सालों बाद भी क्या आज सीखना जारी है? जवाब: बिल्कुल। मैं आज भी खुद को संगीत का छात्र मानता हूं। 27 साल से मंच पर हूं, लेकिन हर नया गाना और कंपोजर कुछ नया सिखाता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    ‘वो सुबह हम से ही आएगी’ पर बोले महेश भट्ट:रंगमंच आज भी जोड़ता है इंसान से इंसान को, अनु मलिक ने बताई चुनौती
    Next Article
    पैपराजी पर भड़कीं मलाइका अरोड़ा:किसी से बात कर रही थीं; ज्यादा करीब आने पर बोलीं- बाबा, आप इधर आ जाओ

    Related मनोरंजन Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment