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    वर्ल्ड अपडेट्स:असम CM के बयान पर बांग्लादेश ने भारतीय उच्चायुक्त को तलब कर दर्ज कराया विरोध

    4 hours ago

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    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के कथित बयान को लेकर बांग्लादेश ने कड़ी आपत्ति जताई है। गुरुवार को ढाका ने भारतीय कार्यवाहक उच्चायुक्त पवन बाधे को विदेश मंत्रालय में तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। बांग्लादेश के अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की सार्वजनिक टिप्पणियां दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित कर सकती हैं और संवेदनशील मुद्दों पर संयम बरतना जरूरी है। दरअसल, 26 अप्रैल को हिमंत बिस्वा सरमा ने एक बयान में कहा था कि असम में पकड़े गए 20 विदेशी नागरिकों को “पुश बैक” कर बांग्लादेश भेज दिया गया। उनके इस बयान के बाद विवाद शुरू हो गया। बांग्लादेश ने इन टिप्पणियों को “काउंटरप्रोडक्टिव” बताते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच विश्वास पर असर पड़ सकता है। बता दें कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते ऐतिहासिक और रणनीतिक रूप से काफी मजबूत रहे हैं, जिनकी नींव 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान पड़ी थी। हालांकि हाल के समय में कुछ मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच संवेदनशीलता बनी हुई है। ढाका में हालिया राजनीतिक बदलावों के बाद द्विपक्षीय संबंध नए दौर से गुजर रहे हैं, जहां सहयोग के साथ-साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। फिलहाल, दोनों देश इन मुद्दों को सुलझाने के लिए लगातार उच्चस्तरीय संवाद बनाए हुए हैं, ताकि आपसी रिश्तों में संतुलन और सहयोग कायम रखा जा सके। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… ट्रम्प ने भारत-पाक संघर्ष को टैरिफ की धमकी से सुलझाने का दावा दोहराया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को टैरिफ की धमकी देकर खत्म कराया। गुरुवार को व्हाइट हाउस में एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइनिंग के दौरान मीडिया से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि दोनों देशों को चेतावनी दी गई थी कि अगर लड़ाई जारी रही तो अमेरिका 200% तक टैरिफ लगाएगा। ट्रम्प के मुताबिक, इस आर्थिक दबाव के चलते दोनों परमाणु संपन्न देश पीछे हटे और संभावित बड़े युद्ध को टाला गया। उन्होंने कहा कि इस कदम से 30 से 50 मिलियन लोगों की जान बची। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कुल 8 युद्ध सुलझाए हैं और कई देशों ने उन्हें इसके लिए धन्यवाद पत्र भेजे। हालांकि, भारत सरकार ने ट्रम्प के इस दावे को खारिज किया है। भारत के अनुसार, सीजफायर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ, जब पाकिस्तान के DGMO ने भारतीय DGMO से संपर्क किया। गौरतलब है कि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम हुआ। आंग सान सू ची को हाउस अरेस्ट में शिफ्ट किया गया, सजा में भी कटौती म्यांमार की पूर्व नेता आंग सान सू ची को जेल से हटाकर हाउस अरेस्ट में भेज दिया गया है। यह फैसला सैन्य सरकार द्वारा सजा में कटौती और आम माफी के तहत लिया गया है। गुरुवार को जारी बयान में राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने कहा कि सू ची अपनी बाकी सजा अब निर्धारित निवास पर पूरी करेंगी। राज्य मीडिया ने उनकी एक तस्वीर भी जारी की है, जिसमें वे लकड़ी की बेंच पर बैठी नजर आ रही हैं। यह कई सालों बाद उनकी पहली सार्वजनिक तस्वीर है। सू ची को 2022 में विभिन्न मामलों में कुल 33 साल की सजा सुनाई गई थी। हालिया राहत के बाद उनकी सजा घटकर करीब 18 साल रह गई है, जिसमें अभी 13 साल से ज्यादा सजा बाकी है। यह फैसला बौद्ध धार्मिक पर्व के मौके पर घोषित आम माफी का हिस्सा है, जिसमें 1519 कैदियों को रिहा किया गया और अन्य कैदियों की सजा में कटौती की गई। संयुक्त राष्ट्र ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक बताया है। हालांकि, सू ची की कानूनी टीम ने कहा कि उन्हें इस फैसले की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। गौरतलब है कि 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद आंग सान सू ची को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद से म्यांमार में लगातार हिंसा और अस्थिरता बनी हुई है, जिसमें हजारों लोगों की जान जा चुकी है। लंदन में हमले के बाद UK में आतंकी खतरे का स्तर ‘सीवियर’ तक बढ़ाया गया ब्रिटेन में आतंकवादी खतरे का स्तर बढ़ाकर ‘सीवियर’ कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अगले छह महीनों में आतंकी हमले की संभावना बेहद अधिक मानी जा रही है। गुरुवार को लिया गया यह फैसला लंदन में दो यहूदी नागरिकों पर चाकू से हुए हमले के बाद आया है। उत्तर लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में हुए इस हमले को मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने आतंकी घटना घोषित किया है। इसके बाद जॉइंट टेररिज्म एनालिसिस सेंटर (JTAC) की सिफारिश पर खतरे का स्तर बढ़ाया गया। सिक्योरिटी मंत्री डैन जार्विस ने कहा कि जनता को सतर्क रहने की जरूरत है, लेकिन घबराने की नहीं। उन्होंने बताया कि खतरे का स्तर बढ़ाने का कारण केवल यह हमला नहीं, बल्कि इस्लामिस्ट और अतिवादी दक्षिणपंथी गतिविधियों में बढ़ोतरी भी है। हाल के महीनों में UK में यहूदी समुदाय को निशाना बनाने वाली घटनाएं बढ़ी हैं। सरकार ने इन घटनाओं को देखते हुए 25 मिलियन पाउंड की अतिरिक्त फंडिंग और सुरक्षा बढ़ाने का ऐलान किया है। पुलिस ने हमले के आरोपी एसा सुलेमान को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि वह पहले भी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रह चुका है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि सरकार लोगों की चिंता को समझती है और सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, नफरत फैलाने वाले संगठनों पर सख्त कार्रवाई के लिए नए कानूनों पर विचार किया जा रहा है।
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