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    West Bengal Elections 2026 | भवानीपुर में ममता की 'बड़ी जीत' का खाका तैयार, अभिषेक बनर्जी ने कार्यकर्ताओं को दिया 60,000+ का लक्ष्य

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    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के बीच सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राजनीतिक गढ़ भवानीपुर में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। रविवार को दक्षिण कोलकाता के अहिंद्रा मंच पर आयोजित एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कार्यकर्ताओं के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया। सूत्रों के अनुसार, बंद कमरे में हुई बैठक में तृणमूल प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं को आत्मसंतोष के प्रति आगाह किया और उनसे मतदान समाप्त होने के बाद स्ट्रांग रूम पर नजर रखने को कहा।भवानीपुर में हाई-प्रोफाइल मुकाबला: दीदी बनाम शुभेंदुआगामी चुनावों में भवानीपुर सीट पर सबकी नजरें टिकी होंगी। भाजपा ने यहाँ से विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतारने का फैसला किया है, जिससे यह मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।अभिषेक बनर्जी ने बंद कमरे में हुई इस बैठक में स्पष्ट किया कि:जीत का अंतर: ममता बनर्जी को कम से कम 60,000 से अधिक वोटों से जीतना चाहिए।बूथ प्रबंधन: भवानीपुर के कुल 287 मतदान केंद्रों में से कम से कम 232 बूथों पर जीत का परचम लहराना है (पिछली बार यह संख्या 231 थी)।कोलकाता का गौरव: भवानीपुर को कोलकाता के सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले निर्वाचन क्षेत्र के रूप में उभरना चाहिए। विस्तार से समझे भवानीपुर का गणित   पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा तथा मतों की गिनती चार मई को होगी। यह संगठनात्मक बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भाबानीपुर लंबे समय से ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है और इसके आगामी चुनावों में एक हाई-प्रोफाइल मुकाबले का गवाह बनने की उम्मीद है, क्योंकि भाजपा ने उनके खिलाफ विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा है। तृणमूल कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, चेतला के अहिंद्रा मंच में एक बंद कमरे में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक ने बूथ स्तर के नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि भवानीपुर को कोलकाता में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले निर्वाचन क्षेत्र के रूप में उभरना चाहिए। उन्होंने कहा, कोलकाता में भाबानीपुर को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ममता बनर्जी 60,000 से अधिक वोटों से जीतें। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि इस निर्वाचन क्षेत्र के तृणमूल का गढ़ होने के बावजूद वे आत्मसंतोष में न पड़ें। स्थानीय पार्षदों, बूथ कार्यकर्ताओं और संगठनात्मक नेताओं की उपस्थिति में हुई यह बैठक, विधानसभा चुनावों से पहले भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में बूथ स्तर पर पार्टी की कार्यप्रणाली को मजबूत करने के पार्टी के प्रयासों का हिस्सा थी। अभिषेक बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि भवानीपुर में 287 मतदान केंद्र हैं और उनसे पार्टी के पिछले प्रदर्शन को बेहतर करने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘जब ममता बनर्जी ने पहले यहां चुनाव लड़ा था, तब हमने 231 बूथों पर जीत हासिल की थी। इस बार हमें उस आंकड़े को पार करना होगा और कम से कम 232 बूथों पर जीत सुनिश्चित करनी होगी।’’ तृणमूल कांग्रेस सांसद ने बूथ अध्यक्षों से अपने-अपने मतदान क्षेत्रों के ‘‘सतर्क संरक्षक’’ के रूप में कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि स्थानीय समितियों के भीतर आंतरिक मतभेदों का संगठनात्मक प्रयासों पर प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। उपस्थित लोगों में तृणमूल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी, कोलकाता के महापौर फिरहाद हकीम, दक्षिण कोलकाता जिला अध्यक्ष देबाशीष कुमार और क्षेत्र के पार्षद शामिल थे। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने सावधानी बरतने की बात कही और उनसे मतदान समाप्त होने के बाद भी सतर्क रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, अब से सतर्क रहें। मतदान समाप्त होने के बाद घर न जाएं। स्ट्रांग रूम पर नजर रखें। नंदीग्राम में 2021 के विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान हुई नाटकीय घटनाओं को याद करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान अचानक बिजली कटौती ने परिणाम की दिशा बदल दी थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, नंदीग्राम में जो हुआ उसे याद रखें। बिजली गुल हो सकती है। आपको स्ट्रांग रूम पर नजर रखनी होगी। ममता बनर्जी ने भी सभा को संबोधित करते हुए चुनाव प्रक्रिया के दौरान हुए हालिया प्रशासनिक परिवर्तनों पर चिंता व्यक्त की और केंद्र पर राज्य के कामकाज में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। ममता ने कार्यकर्ताओं से कहा, ‘‘पिछले तीन दिनों में 50 अधिकारियों को हटाया जा चुका है। अगर कुछ भी होता है तो नरेन्द्र मोदी और निर्वाचन आयोग को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी।’’ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का भी जिक्र किया और कहा कि पार्टी समस्या का सामना करने वाले मतदाताओं को कानूनी सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘कल एक पूरक सूची प्रकाशित की जाएगी। यदि किसी का नाम सूची से हटा दिया जाता है या उन्हें कोई कठिनाई होती है, तो हम कानूनी सहायता प्रदान करेंगे।
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