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    यूपी में पकिस्तान के रास्ते प्रवेश करेगा पश्चिमी विक्षोभ:38 जिलों में बारिश का अलर्ट, बांदा रहा सबसे गर्म

    2 hours ago

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    उत्तरी पाकिस्तान से आ रहा पश्चिमी विक्षोभ आज यूपी के पूर्वांचल के रास्ते प्रवेश करेगा। मौसम विज्ञान विभाग ने इसको लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, इस दौरान तापमान में भी 2-3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को पश्चिमी इलाकों समेत प्रदेश के 38 जिलों में गरज चमक और कहीं कहीं हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि गुरुवार की देर रात पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश शुरू हो सकती है। 27 मार्च को इसके लखनऊ सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंचने की संभावना है। 28 मार्च को मौसम शुष्क हो सकता है, जबकि 29 मार्च से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में फिर से बारिश होने की संभावना है। बांदा रहा सबसे गर्म गुरुवार को बांदा 40.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि प्रयागराज और हमीरपुर में 38.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। बांदा में 21.6 डिग्री के साथ सबसे गर्म रात दर्ज की गई। विश्वनाथ मंदिर में धूप व गर्मी से बचाव के किए गए इंतजाम श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन ने धूप और गर्मी से बचाव के तमाम इंतजाम श्रद्धालुओं के लिए कर रखे हैं। पूरे मंदिर कॉरिडोर परिसर में जर्मन हैंगर की व्यवस्था की गई है।वहीं श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचने में पैर न जले इसके लिए जूट के मैट बिछाए गए हैं।इसके साथ ही कॉरिडोर परिसर क्षेत्र में पीने के पानी की व्यवस्था, कूलर- पंखे की व्यवस्था भी मंदिर प्रशासन द्वारा की गई है। गर्मी को लेकर ऊर्जा मंत्री की बैठक, ट्रिपिंग की समस्या को लेकर सुधार के कड़े निर्देश नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने सर्किट हाउस वाराणसी में विद्युत विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए विभागीय तैयारियों का गहन आकलन किया और अधिकारियों से विद्युत आपूर्ति की वर्तमान स्थिति, क्षमता वृद्धि, अनुरक्षण कार्यों, ट्रांसफार्मरों की उपलब्धता तथा फाल्ट रेस्पॉन्स सिस्टम के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी उपकेंद्रों पर आवश्यक उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई दल (रैपिड रिस्पॉन्स टीम) सक्रिय रखे जाएं। उन्होंने अंडरग्राउंड केबलिंग कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए, साथ ही जर्जर तारों को बदलने, ओवरलोडिंग की समस्या को दूर करने तथा एक महीने के अंदर बांस-बल्ली के स्थान पर सुरक्षित एवं स्थायी ढांचे विकसित करने पर विशेष जोर दिया। यहां मेघगर्जन व वज्रपात की संभावना अंबेडकर नगर, अमेठी, अयोध्या, आजमगढ़, बागपत, बलिया, बांदा, बस्ती, बिजनौर, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, फतेहपुर, गाजीपुर, गोरखपुर, हमीरपुर, जोनपुर, झांसी, कौशांबी, कुशीनगर, ललितपुर, महाराजगंज, महोबा, मऊ, मेरठ, मिर्जापुर, मुजफ्फरनगर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, सहारनपुर, संत कबीर नगर, भदोही, शामली, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, सुल्तानपुर, वाराणसी। मौसम की 3 तस्वीरें देखिए… अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम? मौसम में उतार-चढ़ाव क्यों? मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड के पहाड़ों पर मौसम लगातार बदल रहा है। अगले 2 से 3 दिन बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। इसका सीधा असर यूपी में दिखेगा। पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाएं ठंड का एहसास कराएंगी। आंधी से गेहूं, अरहर की फसल को नुकसान, कैसे करें बचाव कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और तेज हवा का असर रबी, जायद और बागवानी फसलों पर पड़ेगा। इस समय अरहर, सरसों, चना, मटर, मूंग और मूंगफली में फलियां बन रही हैं। दाने भर रहे हैं। तेज हवा चलने से फलियां फट सकती हैं और दाने झड़ सकते हैं। गेहूं की फसल भी तेज हवा से गिर सकती है, जिससे पैदावार कम होने का खतरा है। सब्जियों में भिंडी, टमाटर, लौकी, खीरा, तरबूज, खरबूजा, बैंगन और मिर्च के फूल और छोटे फल गिर सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि जो फसल पक चुकी है, उसकी तुरंत कटाई कर लें और सुरक्षित जगह पर रखें। खेतों में पानी जमा न होने दें, इसके लिए जल निकास की सही व्यवस्था करें। सरकार बोली- फसल गिरी तो किसान बीमा क्लेम कर सकते हैं पिछलों दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि और आगामी अलर्ट के बीच जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, उनके लिए राहत की खबर है। सरकार के मुताबिक, कटाई के 14 दिनों के भीतर अगर फसल खराब होती है तो किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम कर सकते हैं। जिला प्रशासन प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट देगा, जिसके आधार पर यूपी सरकार मुआवजा देने का फैसला कर सकती है। ------------------------
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