Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    आचार्य नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय में घोड़ों के लिए विशेष वार्ड:पूर्वांचल के 22 जिलों के पशुपालकों को मिलेगी सुविधा, 14 लाख की मंजूरी

    2 hours ago

    1

    0

    आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, पूर्वांचल के 22 जिलों के पशुपालकों के लिए एक नई सुविधा शुरू करने जा रहा है। अब विश्वविद्यालय में सामान्य पशुओं के साथ-साथ घोड़ों की चिकित्सा के लिए भी विशेष प्रबंध किए जाएंगे। इसके लिए एक अलग वार्ड का निर्माण किया जाएगा। विश्वविद्यालय के पशुपालन एवं पशुचिकित्सा महाविद्यालय द्वारा भेजे गए 14 लाख रुपये के प्रस्ताव को सरकार से स्वीकृति मिल गई है। इसके लिए धनराशि भी आवंटित कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह राशि भविष्य में बढ़ भी सकती है। वर्तमान में, विश्वविद्यालय के क्लीनिक कॉम्प्लेक्स में चार प्रकार के वार्ड उपलब्ध हैं। इनमें एक आउटडोर वार्ड है, जहाँ बड़े और छोटे पशुओं की प्राथमिक चिकित्सा की जाती है। इसके अतिरिक्त, पशुओं की सर्जरी के लिए एक अलग वार्ड, एक इंडोर वार्ड जहाँ पशुओं को भर्ती किया जाता है, और एक ऑपरेशन थिएटर भी मौजूद है। अभी तक, गाय, भैंस और कुत्तों के लिए अलग-अलग वार्ड की व्यवस्था है। चिकित्सालय के अध्यक्ष डॉ. सोनू जायसवाल ने बताया कि घोड़ों की चिकित्सा के लिए एक अलग वार्ड की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। शासन ने अब इसके निर्माण को स्वीकृति दे दी है। पूर्वांचल के कई जिलों जैसे अयोध्या, सुल्तानपुर, बाराबंकी, अमेठी, रायबरेली, अंबेडकर नगर, प्रयागराज, जौनपुर और आजमगढ़ से अश्व पालक अपने बीमार घोड़ों को इलाज के लिए यहाँ लाते हैं। पहले, चिकित्सकों द्वारा घोड़ों का बेहतर इलाज तो किया जाता था, लेकिन उन्हें भर्ती करने के लिए कोई विशेष वार्ड नहीं था। इलाज के बाद स्वस्थ होने पर घोड़ों को वापस भेज दिया जाता था। नए वार्ड के निर्माण से अब घोड़ों को भर्ती कर गहन चिकित्सा प्रदान करना संभव हो सकेगा। पशुपालक अपने मवेशियों के इलाज के लिए विश्वविद्यालय के क्लीनिक कॉम्प्लेक्स को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि यहाँ मामूली शुल्क पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हैं। निजी चिकित्सालयों में यही इलाज काफी महंगा होता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    अमेठी में SP सरवणन टी का एक्शन:चौकी इंचार्ज बदले, कुछ ही घंटों में दूसरी तबादला सूची जारी
    Next Article
    मां की सहेली ने बेटी का मोबाइल नंबर वायरल किया:लखनऊ में महिला बोली- मेरा चरित्र हनन किया, पिता की सेवा नहीं करने दे रही

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment