Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    आईआईटी मद्रास ने चित्रकूट में जल जीवन मिशन का अध्ययन:प्रोफेसरों ने ग्रामीणों के जीवन में आए बदलावों का आकलन किया

    4 hours ago

    1

    0

    भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मद्रास के प्रोफेसरों ने चित्रकूट जनपद में जल जीवन मिशन योजना के प्रभाव का अध्ययन किया। उन्होंने बुंदेलखंड के इस क्षेत्र में ग्रामवासियों के जीवन में आए बदलावों का आकलन किया। उत्तर प्रदेश शासन के अनुरोध पर, आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर लिगी फिलिप, पवन लाभसेटवार, डॉ. गजल श्रीवास्तव, श्रीनिवासन, बी.एस. मूर्ति और एकता चंदेल की टीम ने यह अध्ययन किया। टीम ने विकासखंड रामनगर में यमुना नदी पर आधारित सिलौटा मुस्तकिल ग्राम समूह पेयजल योजना के अंतर्गत खजूरिया खुर्द ग्राम पंचायत में बने अवर जलाशय का निरीक्षण किया। उन्होंने गांव की गलियों में भ्रमण कर ग्रामीणों से जल जीवन मिशन के कारण हुए सार्वजनिक, सामाजिक और आर्थिक बदलावों तथा नियमित पेयजल आपूर्ति की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इसके बाद, टीम ने विकासखंड मानिकपुर में रैपूरा ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत गुंता डैम पर आधारित मऊगुरदरी ग्राम पंचायत में स्थित अवर जलाशय परिसर का दौरा किया। यहां भी ग्रामीणों से पेयजल की रोस्टर के अनुसार आपूर्ति, भंडारण, पानी में क्लोरीन की उपलब्धता और पानी के उपयोग जैसे विभिन्न विषयों पर जानकारी हासिल कर जल जीवन मिशन की सफलता का मूल्यांकन किया गया। अध्ययन दल ने रैपूरा ग्राम पेयजल योजना के अगरहुंडा ग्राम स्थित 29 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) जल शोधन संयंत्र (वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट) का भी निरीक्षण किया। इस दौरान पूर्व क्लोरिनेशन, पोस्ट क्लोरिनेशन और फिल्टर की कार्यप्रणाली की जांच की गई। साथ ही, प्रयोगशाला में जल परीक्षण की प्रक्रिया को भी देखा गया। निरीक्षण के दौरान, जल जीवन मिशन के अंतर्गत कराए गए कार्यों और पेयजल आपूर्ति की जानकारी सहायक अभियंता शोभित गुप्ता, जूनियर इंजीनियर विजय शंकर यादव, हरिकेश, टीपीई चंद्रशेखर गिरी और कार्यदायी संस्था एलएनटी, जीवीपीआर के उपस्थित इंजीनियरों द्वारा दी गई। अध्ययन टीम ने कार्यों की प्रगति और जन सामान्य को मिल रही पानी की मात्रा पर संतोष व्यक्त किया।
    Click here to Read more
    Prev Article
    पत्नी की गैर इरादतन हत्या मामले में 10 साल कैद:मां की गवाही पर बेटी को सात साल बाद मिला न्याय
    Next Article
    श्रावस्ती में मुठभेड़ के बाद 2 लुटेरे गिरफ्तार:महिला पर हमला कर लूटे थे जेवर, 48 घंटे में पुलिस को मिली सफलता

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment