Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    अंबेडकरनगर में स्टाफ नर्स पर डबल सैलरी लेने का आरोप:नर्स को मिला मानदेय और वेतन दोनों, तीन के खिलाफ FIR

    3 hours ago

    2

    0

    अंबेडकरनगर के भीटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्टाफ नर्स को संविदा मानदेय के साथ स्थायी नौकरी का वेतन मिलने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. रामानंद ने एएनएम अंजू मिश्रा, डीडीएम वंशमणि पांडेय और डीपीएम अनिल कुमार मिश्रा के खिलाफ अकबरपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। एएनएम के पद पर कार्यरत अंजू मिश्रा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत भीटी सीएचसी में संविदा पर एएनएम के पद पर कार्यरत थीं और उन्हें मानदेय प्राप्त होता था। सितंबर 2023 में उन्हें स्टाफ नर्स के पद पर स्थायी नियुक्ति मिल गई। इसके बावजूद, उनके खाते में संविदा का मानदेय आता रहा और वह अपना सरकारी वेतन भी लेती रहीं। शिकायत मिलने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने लेखा प्रबंधक दिनेश कुमार गुप्ता से संबंधित दस्तावेज मांगे। जांच में पुष्टि हुई कि अंजू के भारतीय स्टेट बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के खातों में अतिरिक्त राशि जमा हुई थी। एसबीआई खाते में 59,250 रुपये और कोटक महिंद्रा बैंक में 2,23,195 रुपये वेतन के अतिरिक्त पाए गए। इसके बाद उनके बैंक खातों पर रोक लगा दी गई थी। अंजू मिश्रा ने अपने स्पष्टीकरण में बताया था कि एसबीआई में आई राशि एनएचएम से प्रोत्साहन के रूप में मिली थी। संविदा का वेतन खाते में आने की जानकारी होने पर उन्होंने एनएचएम कार्यालय में डीपीएम अनिल मिश्रा और डीडीएम वंशमणि पांडेय को सूचित किया था। वसूली की कार्रवाई नहीं की इन दोनों अधिकारियों ने इसे लिपिकीय त्रुटि बताकर उन्हें परेशान न होने को कहा था। हालांकि, किसी भी स्तर पर वसूली की कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत के बाद अंजू मिश्रा ने 6 फरवरी 2026 को यह रकम ब्याज सहित वापस जमा कर दी थी। उन्हें 19 फरवरी को निलंबित कर दिया गया था। सीएचसी भीटी की उपस्थिति पंजिका की जांच में यह भी सामने आया कि एएनएम के स्थान पर अंजू मिश्रा ने हस्ताक्षर नहीं किए थे। इस प्रकार, बिना उपस्थिति के ही उन्हें मानदेय भेजा गया। इस अनियमितता के जवाब में, डीडीएम वंशमणि और डीपीएम अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि विभाग में एक ही नाम के नौ कर्मचारी होने के कारण यह गड़बड़ी हुई है। वही पूरे मामले में जांच में दोषी पाये जाने पर जिला अधिकारी के निर्देश पर अपर सीएमओ डॉ रामानन्द सिद्धार्थ ने एएनएम अंजू मिश्रा, डीडीएम वंशमणि पांडेय, डीपीएम अनिल कुमार मिश्रा के खिलाफ अकबरपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    समाजवादी पार्टी की सरकार जनता एक साल नहीं झेल पाएगी:बरेली में बोले कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह- कमी देश में नहीं अखिलेश यादव के दिमाग में है
    Next Article
    BHU बिरला चौराहे पर छात्रों का धरना, नारेबाजी की:प्रशासन पर गलत कार्रवाई का लगाया आरोप,बोले- पुलिस ने 2 स्टूडेंट्स को हिरासत में लिया है

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment