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    अलीगढ़ में सपा नेता इशहाक के खिलाफ FIR:हथियार लेकर नगर आयुक्त के चैंबर में घुसे, जान से मारने की धमकी दी

    7 hours ago

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    ​अलीगढ़ के नगर आयुक्त को चैंबर में घुस कर धमकी देने वाले सपा नेता अज्जू इशहाक के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई शुरू हो गई है। सहायक नगर आयुक्त के साथ पहुंचे प्रवर्तन दल ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी है। प्रवर्तन दल के किशोर कुमार शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। हथियारों से लैस होकर आए थे सपा नेता, जान से मारने की धमकी दी सिविल लाइंस थाने में दी तहरीर में कहा गया है कि 24 फरवरी को नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा अपने कार्यालय में बैठकर जन समस्याएं सुन रहे थे। उसी दौरान सपा नेता अज्जू इशहाक, प्रशांत वाल्मीकि और कांग्रेस नेता आगा यूनुस हथियारों से लैस होकर जबरदस्ती नगर आयुक्त के कार्यालय में घुस आए। नेताओं ने कार्यालय में घुसते ही नारेबाजी शुरू कर दी। आरोप है कि उस समय कार्यालय में कुछ महिलाएं भी बैठी हुई थीं। काफी संख्या में समर्थकों के साथ घुसे नेताओं ने मर्यादा लांघते हुए चिल्लाते हुए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। जैसे ही नगर आयुक्त ने सभी को शांति से बैठकर बात करने के लिए कहा, वैसे ही नेताओं ने भीड़ के साथ नगर आयुक्त को घेर लिया। तहरीर में आरोप लगाया है कि सपा नेता अज्जू इशहाक ने गंदी-गंदी गालियां देते हुए नगर आयुक्त को जान से मारने की धमकी दी। नेता ने धमकी देते हुए कहा कि अभी तो कार्यालय में हो, जब सड़क पर होगे देख लूंगा। तभी अज्जू इशहाक के इशारे पर उनके साथ आए व्यक्ति ने कार्यालय में रखी स्टील की कुर्सी हमला करने के इरादे से उठा ली। इस पर कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों ने उसे छीन लिया। अज्जू इशहाक ने अज्जू इशहाक ने चिल्लाते हुए नगर आयुक्त की टेबिल पर हाथ मारते हुए धमकी दी। सपा नेता ने मारने के लिए कुर्सी उठाई, निगम कर्मियों ने पकड़ लिया अज्जू इशहाक ने चिल्लाते हुए कहा, लॉर्ड हो तुम, हो कौन तुम। इसके बाद उनके कार्यकर्ताओं ने नगर आयुक्त पर हमला करने के लिए कुर्सी भी उठाई, लेकिन वहा मौजूद नगर निगम के कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया। ​अज्जू इशहाक ने नगर आयुक्त को धमकाते हुए कहा कि वे प्रतिदिन नगर भ्रमण पर जाते हैं। उस दौरान उन्हें और उनके कार्यकर्ताओं को कोई नहीं रोक पाएगा। उसने चेतावनी दी कि यदि दर्ज की गई एफआईआर वापस नहीं ली गई, तो इसका अंजाम बहुत बुरा होगा। इस दौरान अनाधिकृत रूप से घटना का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है। प्रवर्तन दल के किशोर कुमार शर्मा ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी भी सरकारी अधिकारी के साथ इस तरह की बदसलूकी न हो सके। उनका कहना है कि पूरी घटना की वीडियो फुटेज भी पुलिस को उपलब्ध कराई गई है। आजादी छीनोगे तो यही अंदाज रहेगा सपा नेता अज्जू इशहाक ने कहा कि अधिकारियों को यह समझना चाहिए कि वे एक लोकतांत्रिक देश में लोकतांत्रिक पद पर बैठे हैं। लॉर्ड माउंटबेटन जा चुके हैं, हिंदुस्तान आजाद है। जब आजादी छीनी जाएगी, तो प्रतिक्रिया भी उसी अंदाज में होगी। सपा नेता अज्जू इशहाक ने कहा कि उन्होंने बिल्कुल सही बात कही थी। उनका कहना है कि वे जनता की आवाज उन कानों तक पहुंचाने गए थे, जो सुनना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि 200–300 रुपए रोज कमाने वाले गरीब लोगों के साथ जो हुआ, वह दुखद है। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी राजनीतिक दल हो, गरीबी का कोई धर्म नहीं होता और भूख का कोई मजहब नहीं होता। यदि सभी दल इन लोगों की आवाज बनकर सामने आते, तो बेहतर होता। अज्जू इशहाक ने कहा कि बुधवार को जो भाजपा के नेता और कार्यकर्ता अधिकारियों और नगर निगम की जय-जयकार कर रहे थे। ये वही लोग हैं जो तीन महीने पहले इनके खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। उनका कहना है कि इससे उन्होंने जनता की नजरों में अपना मान-सम्मान खो दिया है। उन्होंने कहा कि यदि उनसे कोई गलती हुई है तो संविधान और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। नगर निगम की तहरीर की जानकारी मिलने पर हथियार लेकर जाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि वहां कैमरे लगे हुए थे, सब कुछ स्पष्ट है। धमकी देने के आरोप पर उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी को धमकी नहीं दी। उन्होंने केवल इतना कहा था कि कोई भी अधिकारी किसी गरीब की रेड़ी-पटरी हटाकर उसके फल सड़क पर न फेंके। उन्होंने दोहराया कि इसे धमकी कहना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की आड़ में झूठ नहीं बोलना चाहिए और बिना पूछताछ के कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। उनका कहना है कि सरकार में अंधा कानून चल रहा है। जानिए पूरा मामला 23 फरवरी को दोपहर 12 बजे नगर निगम का प्रवर्तन दल तस्वीर महल और तिब्बती कॉलेज के पास सड़क किनारे लगे अवैध ठेलों को हटाने पहुंचा था। इस दौरान नगर निगम की टीम और फल विक्रेताओं के बीच मारपीट हो गई। दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसे चले। इसी दौरान एक फल विक्रेता ने एक कर्मचारी पर लोहे के बाट से हमला कर दिया, जिससे उसके सिर में चोट लग गई। कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन दल के सदस्यों ने ठेले पर लगा छाता हटाया और फल सड़क पर फेंक दिए। इसके बाद विवाद और बढ़ गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। घटना के बाद नगर निगम ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और हमला करने के आरोप में FIR दर्ज कराई। अज्जू इशहाक सहित तीन पर FIR सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि नगर निगम की प्रवर्तन दल के किशोर कुमार शर्मा ने नगर आयुक्त कार्यालय में हथियारों से लैस होकर जबरदस्ती घुसने और जान से मारने की धमकी देने की तहरीर दी थी। इस मामले में अज्जू इशहाक, प्रशांत वाल्मीकि और आगा यूनुस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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