Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    अम्बेडकरनगर पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद:मां सिद्धेश्वरी मंदिर में हुआ भव्य स्वागत, सनातन धर्म पर दिया प्रवचन

    3 hours ago

    1

    0

    अम्बेडकरनगर जिले के टांडा तहसील क्षेत्र स्थित गोवर्धनपुर के मां सिद्धेश्वरी मंदिर में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का आगमन हुआ। रविवार को इस अवसर पर श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। शंकराचार्य के आगमन को लेकर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में भक्त एकत्रित हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में एक धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया। कार्यक्रम के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। भक्तों ने शंकराचार्य से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस आयोजन में स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे, जो शंकराचार्य के दर्शन और उनके प्रवचन सुनने के लिए पहुंचे थे। अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सनातन धर्म के मूलभूत मूल्यों और आचरण की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म के मार्ग पर चलने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सदैव मर्यादा, त्याग और अनुशासन का पालन करना चाहिए। उन्होंने व्यक्तिगत जीवन में सादगी, संयम और उच्च नैतिक मूल्यों को अपनाने पर विशेष बल दिया। अच्छे आचरण से सही मार्ग दर्शन होता है शंकराचार्य ने समाज में धार्मिक और आध्यात्मिक जीवन व्यतीत करने वाले व्यक्तियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों के आचरण और व्यवहार से ही समाज को सही दिशा और मार्गदर्शन प्राप्त होता है। इसलिए, धर्म से जुड़े व्यक्तियों को अपने व्यवहार और कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखते हुए एक आदर्श स्थापित करना चाहिए। इस अवसर पर शंकराचार्य ने आध्यात्मिक जागृति और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल व्यक्तिगत स्तर पर शांति और संतोष मिलता है, बल्कि यह सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी सुदृढ़ करता है। उनका यह दौरा क्षेत्र में धार्मिक चेतना को और अधिक प्रबल करने वाला सिद्ध हुआ।
    Click here to Read more
    Prev Article
    उत्तर भारत के सबसे बड़े स्नेक हाउस के खुले ताले:कानपुर जू में अब रेंगते दिखेंगे अजगर और वाइपर; जल्द आ सकता है एनाकोंडा
    Next Article
    'गोरखपुर में असली इंडिया बसता है':बोले- साउथ एक्टर, फैंस में दिखा वो पागलपन, पवन को चुनना मेरे लिए खास

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment