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    अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के लिए वोटिंग जारी:फ्लोरिडा में बाढ़ के चलते 19 बूथ बदले गए, ट्रम्प का बहुमत दांव पर, हारे तो पावरलेस प्रेसिडेंट होंगे

    21 hours ago

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    अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के लिए मंगलवार को मतदान जारी है। भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे सबसे पहले 8 राज्यों में पोलिंग बूथ खुले। इस बीच फ्लोरिडा में भारी बाढ़ के कारण 7 काउंटियों के 19 मतदान केंद्रों की जगह बदलनी पड़ी है। यह फैसला मतदान शुरू होने से करीब 45 मिनट पहले लिया गया। इन चुनावों में अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और उच्च सदन सीनेट की 35 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। अमेरिका में राष्ट्रपति के चुनाव के ठीक दो साल बाद मिडटर्म चुनाव कराए जाते हैं। इसमें संसद की सीटों और कुछ राज्यों में गवर्नर के पदों के लिए मतदान होता है। फिलहाल ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के पास संसद के दोनों सदनों में बहुमत है। अगर पार्टी इनमें से किसी एक सदन में भी बहुमत खो देती है, तो ट्रम्प के लिए अपने एजेंडे से जुड़े कानून पास कराना मुश्किल हो जाएगा। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से जुड़ी 5 तस्वीरें… 5.7 करोड़ लोग पहले ही वोट कर चुके मतदान शुरू होने से पहले ही 5.76 करोड़ लोग अर्ली वोटिंग के जरिए वोट डाल चुके हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा के आंकड़ों के मुताबिक, इस बार शुरुआती वोटिंग 2022 के मिडटर्म चुनाव से आगे निकल गई है। 2022 में करीब 4.59 करोड़ लोगों ने अर्ली वोटिंग की थी। इस बार अर्ली वोटिंग में डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थकों की हिस्सेदारी ज्यादा रही है। हालांकि, रिपब्लिकन समर्थक आमतौर पर चुनाव के दिन मतदान करना पसंद करते हैं। अमेरिकी संसद में बहुमत का गणित अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने के लिए अलग-अलग सीटों की जरूरत होती है। सीनेट में बहुमत के लिए 51 सीटें जरूरी हाउस में बहुमत के लिए 218 सीटें जरूरी अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में 4 बड़े मुद्दे… 1. ईरान युद्ध और महंगाई ईरान युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका में डीजल 70% और पेट्रोल 50% तक महंगा हुआ है। ट्रम्प की अप्रूवल रेटिंग गिरकर 31% पर आ गई है। ईंधन की बढ़ती कीमतें मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के लिए चुनौती हैं। रूस से 3 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा डीजल खरीदने के फैसले पर भी ट्रम्प की आलोचना हो रही है। 2. इमिग्रेशन और अवैध प्रवासी ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के पहले 18 महीनों में करीब 9.8 लाख लोगों को डिपोर्ट किया गया। मेक्सिको बॉर्डर पर अवैध घुसपैठ 95% घटी। लेकिन छापेमारी और बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को भी निकालने का विरोध हो रहा है। डेमोक्रेट्स का आरोप है कि इससे परिवार बिछड़ रहे हैं, जबकि खेती और निर्माण जैसे क्षेत्रों में मजदूरों की कमी हो सकती है। 3. टैरिफ और नौकरियां ट्रम्प ने टैरिफ से अमेरिकी कंपनियों और नौकरियों को फायदा पहुंचाने का वादा किया था। लेकिन इससे गाड़ियों, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ों और निर्माण सामग्री की कीमतें 12% से 18% तक बढ़ने का दावा है। टैरिफ से अमेरिकी परिवारों का खर्च बढ़ा है और दूसरे देशों के जवाबी टैरिफ से किसानों के सोयाबीन और मक्का कारोबार पर असर पड़ा है। 4. गर्भपात का अधिकार और महंगा इलाज केएफएफ के सर्वे के मुताबिक, 68% महिला वोटरों और 18 से 29 साल के 74% युवाओं के लिए गर्भपात का अधिकार बड़ा चुनावी मुद्दा है। डेमोक्रेट्स चाहते हैं कि महिलाओं को गर्भपात कराने का कानूनी अधिकार पूरे देश में मिले। वहीं, रिपब्लिकन चाहते हैं कि हर राज्य खुद तय करे कि वहां गर्भपात की अनुमति होगी या नहीं। वहीं, ओबामाकेयर के तहत 2.13 करोड़ लोग स्वास्थ्य बीमा का लाभ लेते हैं। सरकारी मदद घटने पर बीमा महंगा होने का मुद्दा भी चुनाव में अहम है। सीनेट की 5 सीटों पर कड़ा मुकाबला 1. टेक्सास: रिपब्लिकन केन पैक्सटन और डेमोक्रेट जेम्स टैलारिको के बीच मुकाबला बराबरी का है। अक्टूबर के दो सर्वे में दोनों को 49% वोट मिले, जबकि एक अन्य सर्वे में टैलारिको 3.8 पॉइंट आगे हैं। 2. ओहायो: रिपब्लिकन जॉन हस्टेड का मुकाबला डेमोक्रेट शेरोड ब्राउन से है। सर्वे में ब्राउन 4 से 6 पॉइंट आगे हैं। यह सीट रिपब्लिकन के लिए बहुमत बचाने के लिहाज से अहम है। 3. नॉर्थ कैरोलाइना: डेमोक्रेट रॉय कूपर सर्वे में 52% वोट के साथ रिपब्लिकन माइकल वाटले से 13 पॉइंट आगे हैं। माइकल को 39% वोट मिले हैं। 4. मिशिगन: डेमोक्रेट अब्दुल अल-सईद को रिपब्लिकन माइक रोजर्स के मुकाबले मामूली बढ़त मिली है। सर्वे में अल-सईद 50% और रोजर्स 48% पर हैं। 5. मेन: डेमोक्रेट ट्रॉय जैक्सन सर्वे में 49% वोट के साथ रिपब्लिकन सीनेटर सुसान कॉलिन्स (47%) से आगे हैं। कॉलिन्स को 47% वोट मिले हैं। समोसा कॉकस; 6 भारतवंशी मैदान में, रामास्वामी भी रेस में अमेरिका में भारतीय मूल के नेताओं को समोसा कॉकस कहा जाता है। मौजूदा सदस्य अमी बेरा, रो खन्ना, प्रमिला जयपाल और सुहास सुब्रमण्यम कैलिफोर्निया, वॉशिंगटन और वर्जीनिया से दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। एरिजोना से अमीश शाह और फ्लोरिडा से पिया डांडिया भी हाउस उम्मीदवार हैं। सभी छह डेमोक्रेट हैं। इस बार दो सीटों पर भारतीय मूल के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। कैलिफोर्निया में रो खन्ना का मुकाबला रिपब्लिकन रितेश टंडन से है। वहीं, वॉशिंगटन में प्रमिला जयपाल के सामने रिपब्लिकन नीरव शेठ हैं। राजा कृष्णमूर्ति सीनेट चुनाव की डेमोक्रेटिक प्राइमरी हार गए, जबकि श्री थानेदार हाउस की प्राइमरी में हारकर बाहर हो गए। अमीश शाह और पिया डांडिया जीतते हैं तो समोसा कॉकस की संख्या छह बनी रह सकती है। वहीं, रिपब्लिकन विवेक रामास्वामी ओहायो से गवर्नर उम्मीदवार हैं। उनका मुकाबला डेमोक्रेट एमी एक्टन से है। जीतने पर वे बॉबी जिंदल और निक्की हेली के बाद अमेरिका के तीसरे भारतीय मूल के गवर्नर होंगे। समोसा कॉकस नाम 2018 में भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने दिया था। समोसा भारत का लोकप्रिय नाश्ता है। इसी के जरिए उन्होंने भारतीय मूल के सांसदों की साझा पहचान को एक हल्के-फुल्के नाम से जोड़ा। ----------------------------- यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका मिडटर्म चुनाव- रिपब्लिकन के गढ़ में डेमोक्रेट्स आगे: ट्रम्प की घटती लोकप्रियता से पार्टी को झटका; महंगाई से नाराज वोटर अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले डेमोक्रेटिक पार्टी को बढ़त मिल रही है और ट्रम्प की पार्टी रिपब्लिकन को नुकसान हो रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
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