Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Ankita Bhandari Murder Case: Dushyant Gautam की नियुक्ति पर प्रदर्शन, रिहाई के बाद दी चेतावनी

    23 minutes ago

    1

    0

    अंकिता भंडारी हत्याकांड से कथित तौर पर जुड़े एक ‘‘वीआईपी’’ की संवैधानिक पद पर नियुक्ति रोकने की मांग को लेकर यहां इंडिया गेट पर धरना दे रहे अंकिता के माता-पिता को बृहस्पतिवार तड़के हिरासत में लिया गया हालांकि उन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। अंकिता के माता-पिता को उस समय हिरासत में लिया गया जब वे सिक्किम के राज्यपाल के तौर पर दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति के विरोध में इंडिया गेट के पास प्रदर्शन कर रहे थे। हिरासत के दौरान अंकिता के पिता ने केंद्र सरकार को गौतम की नियुक्ति रद्द करने की 24 घंटे की समयसीमा दी।सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिया था और उन्हें सुबह करीब पांच बजे रिहा कर दिया। अंकिता के पिता ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। अंकिता के परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी की मौत में गौतम की अहम भूमिका थी।सितंबर 2022 में हुई इस हत्या के समय गौतम भाजपा की उत्तराखंड इकाई के प्रभारी थे। अंकिता के पिता ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘हम सरकार को दुष्यंत की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का वक्त देते हैं। यदि सरकार हमारी मांग नहीं मानती है, तो देशव्यापी प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे।’’ अंकिता के माता-पिता के अलावा कांग्रेस के कई नेताओं को भी हिरासत में लिया गया, जिनमें पार्टी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा, सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत और भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब शामिल हैं।बाद में इन सभी को रिहा कर दिया गया। अंकिता के माता-पिता का कहना है कि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है और इसके पूरा होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के तौर पर नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। भाजपा नेता गौतम का नाम अंकिता के परिवार और कार्यकर्ताओं की ओर से बार-बार इस मामले में कथित रूप से जुड़े उस ‘‘वीआईपी’’ के तौर पर उठाया जाता रहा है, जिसकी पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है।गौतम को सोमवार को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। अंकिता ऋषिकेश स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। उनकी 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी।चार दिन बाद उनका शव चिल्ला नहर से बरामद किया गया था। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों को दोषी ठहराया गया था। तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।पुलकित भाजपा के पूर्व नेता विनोद आर्य का बेटा है। अंकिता हत्याकांड उस समय राजनीतिक रूप से चर्चा में आया, जब अपराध में एक अज्ञात ‘‘वीआईपी’’ के कथित तौर पर शामिल होने के आरोप सामने आए थे। अंकिता के परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पहलू की जांच की मांग की है।गौतम ने इन आरोपों से इनकार किया है और आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि की कार्यवाही शुरू की है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि गौतम की नियुक्ति उन्हें बचाने के उद्देश्य से की गई है। पार्टी का तर्क है कि राज्यपाल पद पर रहते हुए किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही नहीं की जा सकती।गौतम भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं। वह उत्तराखंड में पार्टी के प्रभारी के रूप में भी काम कर चुके हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    India Gate पर विरोध प्रदर्शन के दौरान Ankita Bhandari के माता-पिता को हिरासत में लिया गया, कांग्रेस ने सरकार को आड़े हाथों लिया
    Next Article
    स्वदेशी तकनीक से मजबूत होगी सैन्य ताकत, Rajnath Singh ने IITs और DRDO संग मांगा तालमेल

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment