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    अपनी जनता पार्टी का यूजीसी एक्ट को लेकर प्रदर्शन:सिटी मजिस्ट्रेट को दिया मांग पत्र, भेदभाव रोकने, आत्महत्याएं कम करने की मांग

    1 hour ago

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    सुल्तानपुर में गुरुवार को अपनी जनता पार्टी ने तिकोनिया पार्क में प्रदर्शन किया। पार्टी ने यूजीसी एक्ट 2026 को लागू करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने उच्च शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, गुणवत्ता और संवैधानिक समानता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इस संबंध में राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। यूजीसी एक्ट 2026 का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के साथ होने वाले जातीय अपमान और भेदभाव को रोकना है। यह धर्म, जाति, नस्ल, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम माना जा रहा है। घटनाओं में आएगी कमी यह एक्ट समानता, गरिमा और शिक्षा के अधिकार की भावना को मजबूत करता है। इसके प्रभावी होने से विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक मानकों का एकीकरण, प्रशासनिक उत्तरदायित्व और विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इस एक्ट का लक्ष्य रोहित वेमुला, डॉ. पायल तडवी और दर्शन सोलंकी जैसी घटनाओं को रोकना है। कई बार सामने आ चुकी हैं घटनाएं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में कम से कम 27 से 30 छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें से हाल के वर्षों में आईआईटी कानपुर से 9 मामले सामने आए हैं। 4 फरवरी 2026 तक, आईआईटी बॉम्बे में आत्महत्या का एक नया मामला दर्ज किया गया, जबकि 20 जनवरी 2026 को आईआईटी कानपुर में भी ऐसी ही एक घटना सामने आई थी। राज्यसभा में प्रस्तुत सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2018 से 2023 के बीच उच्च शिक्षण संस्थानों में कुल 98 आत्महत्याएं हुईं। इनमें से 39 आईआईटी से, 25 एनआईटी से और 25 केंद्रीय विश्वविद्यालयों से थीं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के 2023 के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में छात्रों द्वारा आत्महत्याओं की संख्या 13,892 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। आईसी-3 संस्थानों की 2025 की एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि प्रत्येक वर्ष 13,000 से अधिक छात्र आत्महत्या के शिकार होते हैं, लेकिन कम रिपोर्टिंग या गलत वर्गीकरण के कारण वास्तविक संख्या कम बताई जाती है।
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