Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    अधिवक्ता समीर हत्याकांड में 3 दोषियों को फांसी की सजा:कोर्ट ने 10 लाख का लगाया जुर्माना, 1 को सात साल की सजा, फैसले में लिखी कविता

    2 hours ago

    2

    0

    मुजफ्फरनगर में अधिवक्ता समीर सैफी अपहरण और हत्या मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने 40 लाख रुपए के लेन-देन के विवाद में हुई हत्या के मामले में 3 दोषियों को फांसी और 1 आरोपी को सात साल की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट- तीन के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने फैसला सुनाया। दोषियो को सजा सुनाकर फैसले में लिखी गई यह कविता.... कचहरी की सीढ़ियों पर, आज सन्नाटा कुछ बोल रहा है, जहां दलीलों की गूंज थी कल, वहां खामोशी डोल रही है। काला कोट जो ढाल बना था, सच की हर एक लड़ाई में, वो गिर पड़ा आज जमीन पर, झूठ की गहरी साजिश में। कल तक जो कानून था जिंदा, हर जुर्म को आईना दिखाता था, आज उसी के रखवाले को, किसी ने बेरहमी से सुला डाला। पर ये खून बेकार नहीं जायेगा।। पढ़िए पूरा मामला… शहर कोतवाली क्षेत्र के लद्दावाला से 15 अक्तूबर 2019 की शाम संदिग्ध हालात में अधिवक्ता समीर सैफी गायब हो गए थे। इसके बाद 19 अक्तूबर को भोपा क्षेत्र के सीकरी में शव बरामद हुआ था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि 40 लाख के लेन-देन के विवाद में अधिवक्ता का अपहरण कर हत्या की वारदात अंजाम दी गई थी। पुलिस ने कहा कि समीर का आरोपियों के साथ करीब 40 लाख रुपये के लेन-देन का हिसाब था। मृतक अपने रुपए मांग रहा था। लेकिन आरोपियों ने देने से मना कर दिया। हत्या की साजिया रची। शहर से कार में ले जाकर भोपा क्षेत्र के सीकरी फार्म पर रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को मिट्टी में दबा दिया था। इस मामले में अजहर ने मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने बकरा मार्केट निवासी सोनू उर्फ रिजवान, सिंगोल अल्वी, शालू उर्फ अरबाज एवं भोपा के सीकरी निवासी दिनेश के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह अदालत में पेश किए। शनिवार को आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ था। अदालत ने सोमवार को सुनवाई करते हुए सोनू उर्फ रिजवान, सिंगोल अल्वी, शालू उर्फ अरबाज को फांसी की सजा सुनाई। चौथे आरोपी दिनेश को सात साल की सजा सुनाई गई। घटना के दिन हुआ था चैंबर का उद्घाटन बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि मृतक मोहम्मद समीर एडवोकेट नहीं था, क्योंकि वह निजी व्यापार भी करता था। इस पर अभियोजन की ओर से तर्क प्रस्तुत किया गया कि यह बात सही है कि समीर एडवोकेट पूर्व में निजी व्यापार भी करता था। नया-नया बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्रेशन कराकर अधिवक्ता नियुक्त हुआ था। अजहर ने अपने मुख्य बयान में कथन किया है कि घटना के दिन ही समीर ने कचहरी में अपने चैंबर का उद्घाटन किया। दोषियों को क्या सुनाई गई सजा दोषी सिंगोल अल्वी, सोनू उर्फ रिजवान एवं शालू उर्फ अरबाज को अपहरण, हत्या, साजिश और साक्ष्य मिटाने में दोषी पाया गया। तीनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई। दोषी दिनेश पर साक्ष्य मिटाने का आरोप साबित हुआ। सात साल की सजा सुनाई गई। सिंगोल अल्वी के साथ सुबह झगड़ा, शाम को हत्या जांच में सामने आया कि कार सिंगोल अल्वी की थी। आरोपी सोनू उर्फ रिजवान कार का ड्राईवर था, जबकि शालू उर्फ अरबाज और दिनेश उसके नौकर थे। सिंगोल अल्वी ने सीकरी में एक मुर्गी फार्म बना रखा था। दिनेश मुर्गी फार्म की देखभाल करता था। रॉयल पोल्ट्री फीड के नाम से समीर का रजिस्ट्रेशन था और इसी नाम से उसके बैंक खाते थे। फर्म को चलाने के लिए करीब 25 लाख रुपए का लोन भी लिया था। वारदात की सुबह आठ बजे लेन-देने को लेकर उसके भाई का सिंगोल अल्वी के साथ झगड़ा हो गया था। ------------------ अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… ------------------------- ये खबरें भी पढ़ें किस हॉस्पिटल में किसका ट्रांसप्लांट, सब सीक्रेट, ढाई करोड़ में अफ्रीकी महिला का ऑपरेशन कानपुर किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का कनेक्शन सिर्फ यूपी ही नहीं, विदेश से भी जुड़ रहा है। विदेशों के मरीज भी यहां चोरी-छिपे किडनी ट्रांसप्लांट कराने आते थे। तस्करों ने दिल्ली, मुंबई, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में किडनी ट्रांसप्लांट का खेल करने के लिए हॉस्पिटल और डॉक्टरों का पैनल बना रखा है। डोनर और रिसीवर दोनों से डील फाइनल होने के बाद यह लोग देश के अलग-अलग ठिकानों पर अवैध रूप से किडनी ट्रांसप्लांट करते थे। पढ़ें पूरी खबर OT टेक्नीशियन ने निकाली थी MBA स्टूडेंट की किडनी, कानपुर में ट्रांसप्लांट किया; मेरठ के 3 डॉक्टरों के भी नाम सामने आए कानपुर में MBA स्टूडेंट आयुष की किडनी किसी डॉक्टर ने नहीं, बल्कि एक ओटी टेक्नीशियन ने निकाली थी। उसी ने पारुल तोमर को किडनी ट्रांसप्लांट भी किया था। डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने यह जानकारी दैनिक भास्कर को दी। उन्होंने बताया- आरोपी ओटी टेक्नीशियन मुदस्सर अली सिद्दीकी दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला है। पढ़ें पूरी खबर
    Click here to Read more
    Prev Article
    प्रयोगात्मक परीक्षाओं छूटे हुए छात्रों के लिए एक और मौका:9 से 10 अप्रैल को होंगी परीक्षाएं, देखे कार्यक्रम
    Next Article
    गाजियाबाद में दुकानदार को सिर में मारी गोली:कहासुनी के बाद देर रात युवकों ने किया हमला, आरोपी फरार

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment