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    ईरान युद्ध में छा गए जयशंकर, रूस भी हुआ फैन, ट्रंप हैरान!

    3 hours from now

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    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के तेवरों और सनक को देखें तो ईरान के आसमान पर हमले की जो गुंजाइश है वो अब साफ नजर आ रही है कि बड़ा अटैक यहां पर हो सकता है। अगले 24 से 48 घंटे मिसाइलों की बारिश भी हो सकती है और एक बड़ा सैन्य एक्शन भी देखने को मिल सकता है। उधर ईरान भी चुप नहीं बैठा। उसने अपनी मिसाइलों का मुंह खोल दिया है। लेकिन बता दें कि इस बारूदी माहौल के बीच में कुछ ऐसा हुआ है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान इस वक्त भारत की तरफ खींच लिया है। ईरान ने सीधे-सीधे भारत को फोन किया है और बात की है भारत के विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर से। आखिरकार ऐसा क्या हुआ जो इस जंग के बीच में ईरान को भारत की याद आई और यह पहली बार नहीं। कई बार ईरान ने भारत में फोन किया है।आपको बता दें वो यह है कि ईरान के विदेश मंत्री का फोन आया है भारत के विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर को और यह कोई सामान्य बातचीत नहीं है। पिछले 47 दिनों से चल रहे इस तनाव के बीच में यह दोनों नेताओं के बीच बता दें कि छठी बार बातचीत हो रही है। यानी ईरान लगातार भारत से संपर्क बनाए हुए हैं। हर डिटेल्स दी जा रही है। इस कॉल में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति, युद्ध के असर और इतना ही नहीं आगे की रणनीति पर भी चर्चा हुई है। लेकिन अब बड़ा सवाल यह है कि ईरान भारत से आखिर चाहता क्या है? संकेत बिल्कुल साफ है।  भारत एक न्यूट्रल और भरोसेमंद देश है। भारत के अमेरिका और ईरान दोनों से ही रिश्ते हैं। और बता दें कि भारत जो है वो इस वक्त डिप्लोमेटिक ब्रिज बन सकता है। ईरान यह चाहता है कि उसकी बात दुनिया तक पहुंचे। अंतरराष्ट्रीय दबाव अमेरिका पर बने और युद्ध को रोका जा सके।भारत सिर्फ एक यहां पर दर्शक नहीं है बल्कि पश्चिम  एशिया भारत के लिए ऊर्जा का सबसे बड़ा स्त्रोत भी है और सबसे अहम जो स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस की लगातार बातें हो रही है यही वो रास्ता है जहां से दुनिया का करीब बता दें 20% तेल गुजरता है और यहां पर अगर संकट बढ़ता है तो भारत की तेल सप्लाई पर सीधा असर तो पड़ेगा ही लेकिन इसके साथ-साथ पेट्रोल डीजल महंगा हो सकता है इकॉनमी पर भी दबाव आ सकता है इसलिए इस पूरी स्थिति पर भारत एक्टिव है डिप्लोमेसी कर रहा है कतर कतर के प्रधानमंत्री, यूएई के विदेश मंत्री और ईरान सबसे लगातार बातचीत जारी है।
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