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    अयोध्या के छह प्रवेश द्वारों को मंजूरी:‘लक्ष्मण, हनुमान, सुग्रीव’ पर काम जारी, श्री राम, श्री भरत और गरुण मार्गों पर जमीन अधिग्रहण तेज

    1 hour ago

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    अयोध्या में पर्यटन विकास और यात्री सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए शहर से जुड़ने वाले छह प्रमुख मार्गों पर भव्य प्रवेश द्वार और यात्री सुविधा केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। शासन से स्वीकृत इस परियोजना के तहत तीन प्रवेश द्वारों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि तीन अन्य मार्गों पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। तीन द्वारों का निर्माण कार्य जारी गोण्डा मार्ग पर ‘लक्ष्मण द्वार’, बस्ती मार्ग पर ‘हनुमान द्वार’ और अम्बेडकर नगर मार्ग पर ‘सुग्रीव द्वार’ का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इन प्रवेश द्वारों के साथ यात्रियों के लिए सुविधा केंद्र भी विकसित किए जाएंगे, जिससे रामनगरी में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर मार्गदर्शन और सुविधाएं मिल सकेगी। तीन नए मार्गों पर जमीन अधिग्रहण लखनऊ मार्ग पर ‘श्रीराम द्वार’, रायबरेली मार्ग पर ‘श्रीगरुण द्वार’ और सुल्तानपुर मार्ग पर ‘श्रीभरत द्वार’ का निर्माण प्रस्तावित है। जमीन अधिग्रहण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए शासन ने प्रबुद्ध वर्ग के विशेषज्ञों की सामाजिक समाधान अध्ययन समिति गठित की है। समिति की अध्यक्षता प्रो मनोज छापड़िया कर रहे हैं। किसानों से आपसी सहमति बनाने के प्रयासों को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। कितनी जमीन और कितनी लागत लखनऊ रोड पर श्रीराम द्वार के लिए फिरोजपुर व सलारपुर क्षेत्र में 0.3676 हेक्टेयर, रायबरेली मार्ग पर ग्राम सरियावां में 0.230 हेक्टेयर तथा सुल्तानपुर रोड पर ग्राम मैनुद्दीनपुर में 0.124 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है। तीनों प्रस्तावित द्वारों की कुल अनुमानित लागत करीब 134 करोड़ रुपये बताई गई है। इसमें श्रीराम द्वार की लागत लगभग 52.07 करोड़, श्रीभरत द्वार की 40.92 करोड़ और श्रीगरुण द्वार की 40.75 करोड़ रुपये निर्धारित है। एक जैसी होगी सभी द्वारों की डिजाइन परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार सभी प्रवेश द्वारों की डिजाइन एक समान होगी, ताकि अयोध्या में प्रवेश करते ही शहर की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक भव्यता का एकरूप स्वरूप दिखाई दे।
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