Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    भातखण्डे विश्वविद्यालय शताब्दी वर्ष:तबला युगलबंदी से सजी यादगार संगीत संध्या; राय उमानाथबली प्रेक्षागृह में पूर्व छात्रों ने दी प्रस्तुति

    2 hours ago

    2

    0

    भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय और भातखण्डे एलुमनी एसोसिएशन के सहयोग में शताब्दी वर्ष समारोह के तहत संगीत संध्या का आयोजन किया। यह आयोजन गुरुवार को राय उमानाथबली प्रेक्षागृह में किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों तुषार सहाय और शुभम भारती ने तबला युगलबंदी की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक शैली में हुई, जिसमें दोनों कलाकारों ने ताल तीनताल (16 मात्रा) में बनारस और लखनऊ घराने की विशिष्ट रचनाओं को प्रस्तुत किया। तुषार सहाय ने अपने गुरु डॉ. मनोज कुमार मिश्रा से प्राप्त बनारस घराने की बंदिशें पेश कीं, जबकि शुभम भारती ने लखनऊ घराने की रचनाओं से समां बांधा। उठान, पेशकार, कायदा, रेला, मध्यलय और द्रुत लय की विविध प्रस्तुतियों ने संगीत प्रेमियों को खूब प्रभावित किया। बनारस घराने की शैली में प्रस्तुत की गई इस तबला युगलबंदी में हारमोनियम पर आरिफ खान ने संगत दी, जिससे प्रस्तुति की भव्यता और बढ़ गई। विशेष रूप से मध्यलय की तिहाइयां, टुकड़े और द्रुत लय की चक्रदार गत व परन ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। बनारस घराने की शैली में प्रस्तुत की गई रचनाओं को दर्शकों ने विशेष रूप से सराहा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. मांडवी सिंह और विशिष्ट अतिथि कुलसचिव डॉ. सृष्टि धवन थीं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्षों और एलुमनी एसोसिएशन के सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। लघु स्मारिका का विमोचन का किया गया इस संगीत संध्या का एक अन्य आकर्षण एलुमनी एसोसिएशन द्वारा विगत वर्ष की गतिविधियों पर आधारित एक लघु स्मारिका का विमोचन और आजीवन सदस्यों को परिचय पत्र प्रदान करना रहा। यह पहल संस्था की सक्रियता और सदस्यों के जुड़ाव को दर्शाती है।कार्यक्रम का संचालन गिरीश चंद्र बहुगुणा ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि डॉ. सीमा भारद्वाज ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ संध्या का समापन किया। यह पूरा आयोजन संगीत, परंपरा और ताल के एक सुंदर संगम का प्रतीक बन गया।
    Click here to Read more
    Prev Article
    भारतेन्दु नाट्य अकादमी में 'किंग लियर' का मंचन:दर्शकों ने देखी सत्ता, अहंकार और रिश्तों के टूटने की पीड़ा
    Next Article
    हैप्पी लॉटर लाइफ क्लब की वर्षगांठ मनाया:कार्यक्रम में खुशहाल जीवन का संदेश दिया गया

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment