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    बाराबंकी HIMS में ट्रस्ट विवाद:मानवेंद्र सिंह का 300-400 करोड़ रुपये के गबन का आरोप, पुलिस ने खातों को फ्रीज किया

    3 hours ago

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    बाराबंकी के सफेदाबाद स्थित 'हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस' में ट्रस्टियों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। डॉ. बीके सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह ने मीडिया के सामने संस्थान में कथित करोड़ों रुपये के वित्तीय गबन और फर्जी बैंक खातों के आरोप लगाए हैं। मानवेंद्र का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, बैंक खातों और फर्जी दस्तावेजों के जरिए गबन की परतें खुल रही हैं। उन्होंने आरबीएल और आईसीआईसीआई बैंक में कई संदिग्ध खातों का जिक्र किया, जो कथित तौर पर फर्जी डीड के जरिए संचालित किए जा रहे थे। 300-400 करोड़ रुपये के गबन का आरोप, पुलिस ने कार्रवाई की मानवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि लगभग 300-400 करोड़ रुपये का गबन हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई खातों को फ्रीज कर दिया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 2024 और 2026 की बैठकों में डॉ. रिचा मिश्रा और डॉ. अमोद सचान को बाहर करने के निर्णय के बावजूद वे संस्थान के फैसलों में कैसे शामिल हैं। प्रबंधन का विरोध, संस्थान की साख पर उठे सवाल हालांकि, संस्थान का वर्तमान प्रबंधन डॉ. अमोद सचान और डॉ. रिचा मिश्रा के हाथों में है। वे मानवेंद्र सिंह के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर रहे हैं। इस खींचतान ने संस्थान की साख पर सवाल खड़े किए हैं और छात्र-छात्राओं तथा कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। मानवेंद्र का कहना—असली ट्रस्टी और कमान तय सरकार/अदालत करें मानवेंद्र सिंह ने कहा कि अब सरकार और अदालत को तय करना है कि असली ट्रस्टी कौन है और संस्थान की कमान किसके पास रहनी चाहिए। बाराबंकी पुलिस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है। फर्जी डीड और फंड के गलत इस्तेमाल का आरोप मानवेंद्र ने आरोप लगाया कि पिछले 20-25 सालों से भरोसे के नाम पर संस्थान में जो चल रहा था, उसका कच्चा चिट्ठा अब सामने है। उन्होंने बताया कि डीड में हेराफेरी करके ओडी लिमिट और संस्था के फंड का गलत इस्तेमाल किया गया। मामला अब कोर्ट और पुलिस की विवेचना के अधीन है, और सारे साक्ष्य संबंधित अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं।
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