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    बरेली में अतिक्रमण हटाओ अभियान का असर:चौकी चौराहा के 25–30 स्ट्रीट फूड वेंडर्स बेरोजगार, स्टॉल पर चला बुलडोजर; रोजी-रोटी पर संकट

    17 hours ago

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    बरेली में नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान का असर अब दर्जनों परिवारों की आजीविका पर पड़ता दिख रहा है। शहर के व्यस्त चौकी चौराहा क्षेत्र में पिछले 20 से 25 वर्षों से छोटी-मोटी दुकानें और ठेले लगाने वाले करीब 25 से 30 स्ट्रीट फूड वेंडर्स को अचानक हटा दिया गया है। यहां कोई छोले-भटूरे बेचता था तो कोई फास्ट फूड और आइसक्रीम, लेकिन अब सभी दुकानें बंद हो चुकी हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे दशकों से यहां काम कर रहे थे, लेकिन नगर निगम की कार्रवाई के बाद वे सड़क पर आ गए हैं। हालात ऐसे हैं कि कई परिवारों में पिछले कुछ दिनों से चूल्हा तक नहीं जला है। एडमिशन का समय, बीमारी का बोझ बढ़ा प्रभावित वेंडर्स ने बताया कि यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब स्कूलों में बच्चों के एडमिशन चल रहे हैं। काम बंद होने से उनकी आमदनी पूरी तरह रुक गई है, जिससे फीस भरना और बच्चों का दाखिला कराना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा कई परिवारों में गंभीर बीमार मरीज भी हैं, लेकिन कमाई बंद होने के कारण दवाइयों का खर्च उठाना भी कठिन हो गया है। कभी फूड हब था चौकी चौराहा, अब वीरान चौकी चौराहा क्षेत्र शाम के समय स्ट्रीट फूड का बड़ा केंद्र माना जाता था, जहां भारी भीड़ जुटती थी। अब यहां सन्नाटा पसरा है और फूड पॉइंट वीरान हो गया है। इस कार्रवाई की जद में कई पुराने स्टॉल संचालक भी आए हैं। परेशान वेंडर्स ने अपनी समस्या को लेकर बरेली के मेयर डॉ. उमेश गौतम, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, शहर विधायक व मंत्री डॉ. अरुण कुमार और सांसद छत्रपाल गंगवार से गुहार लगाई है। वेंडिंग जोन की मांग पिछले 10 दिनों से बेरोजगार बैठे वेंडर्स की मांग है कि या तो उन्हें उसी स्थान पर दोबारा काम करने की अनुमति दी जाए या फिर किसी उचित वेंडिंग जोन में स्थानांतरित किया जाए, जहां ग्राहकों की पहुंच बनी रहे और उनकी रोजी-रोटी फिर से पटरी पर लौट सके। फिलहाल, उन्हें केवल आश्वासनों का ही सहारा मिला है और समाधान का इंतजार जारी है।
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