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    बिश्केक में ईरानी राष्ट्रपति से मिले पीएम मोदी, पश्चिम एशिया में शांति और द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर चर्चा

    21 hours ago

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से कहा कि भारत आने वाले समय में ईरान के साथ व्यापार का दायरा ‘‘बढ़ाना और उसमें विविधता लाना’’ चाहता है। मोदी ने वार्ता एवं कूटनीति के जरिये पश्चिम एशिया संघर्ष के समाधान की भी अपील की। प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन से इतर पेजेश्कियान के साथ बैठक की।मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘बिश्केक में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात हुई। ईरान के साथ भारत की पुरानी दोस्ती को विभिन्न क्षेत्रों में और मजबूत करने के हमारे संकल्प को दोहराया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम आने वाले समय में द्विपक्षीय व्यापार के दायरे को विस्तारित करना और उसमें विविधता लाना चाहते हैं। हमने क्षेत्र के मौजूदा हालात पर चर्चा की।भारत स्थायी शांति सुनिश्चित करने के मकसद से की जा रही सभी कोशिशों का समर्थन करना जारी रखेगा।’’ विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के संघर्ष पर चर्चा की और उभरती स्थिति पर अपने विचार साझा किए। मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई और भारत के इस रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के ज़रिये सुलझाया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कोशिशें जारी रखने की जरूरत पर भी ज़ोर दिया।विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘उन्होंने समुद्री आवाजाही और वाणिज्य की स्वतंत्रता की रक्षा करने का आह्वान करते हुए इस बात पर जोर दिया कि किसी भी हालत में आम नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे -जिसमें वाणिज्यिक पोत परिवहन और समुद्री कर्मी शामिल हैं- को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।’’ एक बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स और एससीओ जैसे बहुपक्षीय संगठनों में ईरान के साथ मिलकर काम करने के भारत के इरादे को दोहराते हुए कहा कि उन्हें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति पेजेश्कियान का भारत में स्वागत करने का इंतजार है। मोदी और पेजेश्कियान की मुलाकात के बारे में ईरान की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि ईरान के राष्ट्रपति ने हालिया युद्ध के दौरान ईरान को नयी दिल्ली से मिले समर्थन और सहयोग के लिए ‘‘सराहना’’ की तथा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा कायम करने के लिए कूटनीतिक कोशिशों को तेज करने की जरूरत पर जोर दिया। पेजेश्कियान ने कहा, ‘‘हमारे प्रशासन की शुरुआत से ही, हमारी कोशिशें शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने और बातचीत एवं चर्चा के जरिये मुद्दों को सुलझाने पर केंद्रित रही हैं।’’ बयान के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से, कूटनीतिक तरीकों का इस्तेमाल करने के बजाय, अमेरिकियों ने युद्ध, असुरक्षा और जबरदस्ती अपनी मर्जी थोपने का रास्ता चुना है।’’ पेजेश्कियान ने कहा, ‘‘हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने लोगों को खतरे और असुरक्षा से बचाएं और उनके लिए शांति, सुकून और सुरक्षा पाने के लिए जरूरी हालात बनाएं।’’ राष्ट्रपति ने क्षेत्र और दुनिया में भारत की अहम स्थिति और क्षमताओं के साथ-साथ दोनों देशों के बीच गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का भी जिक्र किया।पेजेश्कियान ने मोदी से आग्रह किया कि वह अलग-अलग पक्षों के साथ भारत के व्यापक संपर्कों का इस्तेमाल करके उन्हें युद्ध और खून-खराबे के रास्ते से हटाकर बातचीत और समझौते के रास्ते पर लौटने में मदद करें। ईरान के राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र और दुनिया के ‘‘समझदार और जिम्मेदार’’ पक्षों की इच्छा और संकल्प शांति, सुरक्षा, स्थिरता बनाये रखने तथा युद्ध से बचने का है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना ​​है कि हमारे समक्ष मौजूद समस्याओं का समाधान बातचीत और सहयोग में है, और असुरक्षा एवं संघर्ष को फैलने से रोकने के लिए सभी उपलब्ध क्षमताओं का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।’’ मोदी ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान के साथ भी अलग से द्विपक्षीय बैठक की।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान के साथ एक शानदार बैठक हुई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, शिक्षा, फार्मास्यूटिकल्स और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने वाला है। हमें पूरा भरोसा है कि आने वाले समय में व्यापार और निवेश के संबंध और मजबूत होंगे।
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