Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    बदमाश मारा गया तो बहन की धमकी-देखना कितने जनाजे उठेंगे:एक शेर गया, अभी दो जिंदा हैं; अलीगढ़ में शव पहुंचा तो पुलिस से नोकझोंक

    20 hours ago

    1

    0

    अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के टीचर के हत्यारोपी जुबैर को मेरठ में STF ने बुधवार तड़के 4 बजे मार गिराया। एनकाउंटर के बाद अलीगढ़ में तनाव का माहौल है। मेरठ मेडिकल कॉलेज में भाई का शव लेने पहुंची बहन मुबश्शिरा भड़क गई। मुबशिरा ने सोशल मीडिया पर लिखा- मुबारक हो यूपी और अलीगढ़ के लोगों… एक शेर गया है, अभी दो जिंदा हैं। देखना अभी कितने जनाजे उठेंगे। इस पोस्ट के वायरल होने के बाद अलीगढ़ पुलिस अलर्ट पर है। मुबशिरा ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि जुबैर को दिल्ली से उठाकर ले जाया गया। बाद में उसका एनकाउंटर कर दिया गया। एक अन्य वीडियो में उसने अलीगढ़ के कुछ लोगों को अपने परिवार की बर्बादी का जिम्मेदार बताया है। दोनों वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। बुधवार देर रात जुबैर का शव घर लाया गया, यहां पुलिस से नोकझोंक हुई। आज गुरुवार सुबह जुबैर का जनाजा उठा, उसे दफनाया गया। इस दौरान करीब 70 लोग मौजूद रहे। 3 तस्वीरें देखिए- 10 दिन से STF जुबैर की लोकेशन ट्रैस कर रही थी जुबैर मुनीर गैंग का मेंबर था। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह नई गर्लफ्रेंड और नए साथियों के साथ चोरी-छिपे डिस्को पार्टियों में शामिल हो रहा है। करीब 10 दिन से एसटीएफ लगातार उसकी लोकेशन ट्रैस कर रही थी। मंगलवार रात वह जैसे ही दिल्ली से बाहर निकला, मेरठ में STF ने मुठभेड़ में उसे मार गिराया। इससे पहले जयपुर में भी उसकी लोकेशन मिली थी, लेकिन वह पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हो गया था। एसटीएफ और अलीगढ़ पुलिस पिछले छह महीनों से जुबैर की तलाश में दिल्ली में सक्रिय थी। गांव में शव पहुंचने पर हंगामा जुबैर अलीगढ़ के थाना बरला क्षेत्र के नौशा गांव का रहने वाला था। ग्रामीणों ने बताया कि वह करीब 10 साल से गांव में नहीं दिखा। पांच भाई और दो बहनों में जुबैर चौथे नंबर पर था। बुधवार देर रात जब जुबैर का शव घर पहुंचा, तो वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान परिजनों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। बहन की ओर से जारी वीडियो के बाद पुलिस ने एहतियातन कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। AMU के टीचर को मारी थीं 5 गोलियां 24 दिसंबर 2025 की रात 8.45 बजे AMU के टीचर राव दानिश अली अपने दोस्तों के साथ कैनेडी हॉल पार्क में टहलकर निकले थे। मौलाना आजाद लाइब्रेरी कैंटीन के पास नकाबपोशों ने स्कूटी रोकी। उनसे कहा 'अब तो पहचानोगे, मैं कौन हूं।' इतना कहते हुए बदमाश ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं और भाग निकले। गोली दानिश के सिर में लगी थी। दोस्तों ने उनके छोटे भाई राव फराज अली को सूचना दी। घटनास्थल के पास ही सुलेमान हॉल में मौजूद फराज अली कुछ ही समय में मौके पर पहुंचे और लहूलुहान भाई को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। राव दानिश अली AMU के एबीके बॉयल स्कूल में कंप्यूटर टीचर थे। उस वक्त पुलिस जांच में सामने आया था कि 2018 में शाहबेज की हत्या हुई थी। जुबैर ने अपने भाइयों यासिर और फहद के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में जुबैर को 7 साल की सजा हुई थी। जुबैर को शक था कि दानिश ने उसके खिलाफ पुलिस को मुखबिरी की थी। इसके बाद उसने दानिश की हत्या की साजिश रची थी। 11 साल पहले क्राइम की दुनिया में कदम रखा, मुनीर गैंग से जुड़ा जुबैर अलीगढ़ के थाना बरला क्षेत्र के नौशा गांव का रहने वाला था। इस समय वह शाहीन बाग, दिल्ली में रहता था। उसने 2015 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। 2017 में वह मुनीर गैंग से जुड़ गया। इसके बाद उसने अपना अलग गैंग खड़ा कर लिया और हथियारों की तस्करी करने लगा। उसके खिलाफ अलीगढ़ और दिल्ली में हत्या और लूट जैसी धाराओं में 24 मुकदमे दर्ज थे। मुनीर गैंग के बारे में जानिए, जिससे जुबैर जुड़ा था कई संदिग्धों के फोन बंद जुबैर के एनकाउंटर और बहन के धमकी भरे पोस्ट के बाद अलीगढ़ में कई संदिग्धों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि यासिर और फहद के लिए रंगदारी वसूली करने आ रहा एक गुर्गा बीच रास्ते से गायब हो गया। सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि STF लगातार फरार बदमाशों की तलाश में दबिश दे रही है और पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। ------------------ ये खबर भी पढ़िए- प्रतीक को 13 दिन में 2 बार हार्ट अटैक आया: सगा बेटा नहीं होने पर भी मुलायम ने अखिलेश के बराबर रखा; जिंदगी से जुड़े किस्से अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव को 13 दिन में 2 बार दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ा। 30 अप्रैल को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर प्रतीक फ्लाइट से उतरकर VIP लाउंज की तरफ आ रहे थे। तभी उन्हें सीने में तेज दर्द उठा था। चक्कर आने से चलते-चलते गिर पड़े थे। पढ़ें पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    मंत्री रैपिड रेल से चले, डीएम पैदल दफ्तर आए, VIDEO:यूपी में कमल-कमल रटने वाले नेता ने स्कूटी निकाली, गनर को पीछे बैठाया
    Next Article
    आंधी में 50 फीट तक उड़े शख्स का इंटरव्यू:यूपी के नन्हे मियां बोले- बचने की उम्मीद नहीं थी; 100 फीट दूर गिरा, हाथ-पैर टूटे

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment