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    CRPF ने भवानीपुर को घेरा, ममता के गढ़ में RAF भी तैनात!

    4 hours from now

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    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए दूसरे चरण का मतदान शुरू हो चुका है। 29 अप्रैल ये वही तारीख है जिसका इंतजार बंगाल की वो जनता कर रही थी जिनकी बारी आई है आज अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने की। 4 मई को नतीजे आएंगे और वो नतीजे तय करेंगे कि सत्ता में वापसी होगी ममता बनर्जी की या फिर सत्ता परिवर्तन होगा।  बीजेपी ने अपने बड़े-बड़े धुरंधरों को मैदान में उतारा जिसमें योगी आदित्यनाथ से लेकर अमित शाह को सब ने देखा और इन नेताओं की बयानबाजी ने कैसे महिलाओं पर इंपैक्ट डाला है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पोलिंग बूथ के बाहर भी लंबी-लंबी कतारें हैं। योगी की रैली, अमित शाह की हुंकार और पीएम मोदी की बंगाल के जनता को लिखी गई चिट्ठी ने इस चुनाव को दिलचस्प बना दिया है।इसे भी पढ़ें: West Bengal Election 2026 Final Phase | अंतिम चरण में मतदान की धमाकेदार शुरुआत, पहले 2 घंटों में 18.39% वोटिंग4 मई को नतीजे बताएंगे कि आज की तारीख में किसकी किस्मत का फैसला कैद हुआ। लेकिन इन सबसे इतर भवानीपुर लगातार चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यह वो सीट है जहां से ममता बनर्जी चुनावी मैदान में खड़ी हैं। यह वो सीट है जो टीएमसी की पारंपरिक सीट बताई जाती है। यह वो सीट है जहां से एक बार फिर शुभेंदु अधिकारी के साथ ममता बनर्जी का मुकाबला होगा। हालांकि शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम से भी लड़ रहे हैं। लेकिन नंदी्राम में जिस तरीके से ममता बनर्जी को उन्होंने हराया था। उसके बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट को चुना था और अब यहां पर भी शुभेंदु अधिकारी उनके साथ डंके की चोट पर मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। भवानीपुर की जनता ने क्या सोचा है और क्या नहीं यह तो वक्त बताएगा। 4 मई के नतीजे बताएंगे लेकिन उससे पहले एक खबर आई भवानीपुर से और वो ये कि सीआरपीएफ के जवानों ने पूरे भवानीपुर को घेर लिया। उसके बाद फ्लैग मार्च निकाला गया। ह्यूमन चेन बनाई गई। दरअसल हुआ यह कि भवानीपुर के चक्रबेरिया रोड पर ममता बनर्जी बनाम शुभेंदु अधिकारी देखा गया। मतलब ममता बनर्जी के समर्थक यानी कि टीएमसी के समर्थक और बीजेपी के कार्यकर्ता जो शुभेंदु अधिकारी के समर्थक थे वो आमने-सामने आ गई। दोनों की रैलीज क्लैश हो गई। तीखी बहसबाजी हुई जिसे काबू करने के लिए पुलिस और आरएफ को फिर ह्यूमन चेन बनानी पड़ गई। इसी तनाव को देखते हुए 28 अप्रैल को सीआरपीएफ ने पूरे भवानीपुर इलाके में फ्लैग मार्च निकाला।इसे भी पढ़ें: West Bengal Assembly Elections 2026 | अंतिम चरण के रण में Mamata Banerjee का 'हुंकार', केंद्रीय बलों और BJP पर लगाए गंभीर आरोपइसका मुख्य उद्देश्य यह था कि आम जनता भवानीपुर में वोट डालने से डरे नहीं घबराए नहीं। उनको संदेश दिया गया कि बिना किसी दबाव के आपको वोट डालना है। जो भी सड़कों पर हो रहा है, राजनेताओं के बीच में हो रहा है। आपको घबराने की जरूरत नहीं है। आपको बताते चलें भवानीपुर की संकरी गलियों और बहु मंजिला इमारतों पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग ने बकायदा ड्रोन का इस्तेमाल करवाया है यानी कि ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है। आरएफ तैनात है। सीआरपीएफ ने फ्लैग मार्च निकाला है और यह बताने की कोशिश की जा रही है कि किसी को भी डरना नहीं है। भवानीपुर खास क्यों है? यह निर्वाचन क्षेत्र कोलकाता का वो हिस्सा है जहां पर बंगाली, गुजराती, पंजाबी, मारवाड़ी समुदाय की मिली-जुली आबादी है। माना जा रहा है कि भवानीपुर का नतीजा सिर्फ भवानीपुर तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि ये पूरे बंगाल का मूड तय करेगा। 
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