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    CSJMU में सीएस से बीटेक-एमटेक कोर्स में एडमिशन शुरु:एआई से बीटेक, छात्रों से टेक्नोलॉजी साल्यूशन पर कराया जा रहा काम

    2 hours ago

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    सीएसजेएमयू कैंपस के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में के सीएसई डिपार्टमेंट में बीटेक व एमटेक कोर्स में एडमिशन प्रोसेस शुरु हो गया है। कंप्यूटर साइंस के एचओडी डॉ. संदेश गुप्ता ने बताया कि यहां क्लासरूम का अर्थ अब सिर्फ ब्लैकबोर्ड और थ्योरी लेक्चर नहीं रह गया है, बल्कि इसे 'कोड लैब' में तब्दील कर दिया गया है। छात्र नियमित कोर विषयों (जैसे सी, जावा, पाइथन) की पढ़ाई के साथ-साथ कोडिंग, रियल-टाइम प्रॉब्लम सॉल्विंग, हैकाथॉन और लाइव प्रोजेक्ट्स में सीधे तौर पर भाग ले रहे हैं। एडमिशन के इच्छुक छात्र विवि कैंपस में जाकर जानकारी ले सकते हैं। बीटेक सीएस की 180 सीटें कैंपस में छात्रों को वेब डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे विषय पढ़ाकर इंडस्ट्री के मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। बीटेक (सीएसई) की चार वर्षीय इस कोर्स में कुल 180 सीटें हैं, जिसका वार्षिक शुल्क 1,15,200 रुपए निर्धारित है। बी.टेक (सीएसई) आर्टिफिसिएल इंजीनियरिंग विशेष रूप से एआई पर केंद्रित इस कोर्स में 90 सीटें उपलब्ध हैं, और इसका वार्षिक शुल्क भी 1,15,200 रुपए है। बी.टेक पाठ्यक्रमों में प्रवेश जेईई मेन (जेईई मेन), राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा या विश्वविद्यालय के तय मानदंडों के आधार पर सुनिश्चित किया जा रहा है। एमटेक की 30 सीटें पीजी कोर्सों में एमटेक (सीएसई) दो वर्षीय मास्टर डिग्री प्रोग्राम में 30 सीटें हैं, जिसका वार्षिक शुल्क ₹70,200 रखा गया है। वहीं, एमटेक में एडमिशन यूनिवर्सिटी के नियमानुसार मेरिट के आधार पर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, शोध के प्रति गंभीर छात्रों के लिए पीएचडी (Ph.D.) कार्यक्रम के द्वार भी खुले हुए हैं। कैंपस में छात्र और फैकल्टी मिलकर नए सॉफ्टवेयर, मोबाइल एप्लिकेशंस और टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस पर काम कर रहे हैं। यूआईईटी के निदेशक डॉ.आलोक कुमार ने कहा कि हमारा मुख्य प्रयास यह है कि छात्र केवल तकनीक के उपभोक्ता बनकर न रह जाएं, बल्कि वे भविष्य के इनोवेटर और क्रिएटर के रूप में अपनी पहचान बनाएं।
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