Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    डॉक्टर बोले-ब्रेन डेड, घर ले जाओ:एंबुलेंस में गड्‌ढे के झटके से लौटी सांसें; पीलीभीत में अंतिम संस्कार की चल रही थी तैयारी

    5 hours ago

    1

    0

    पीलीभीत की एक महिला को बरेली के डॉक्टरों बरेली में ब्रेन डेड घोषित कर दिया। हॉस्पिटल ने महिला को डिस्चॉर्ज कर परिजनों से घर ले जाने के लिए कहा। घर पर अंतिम संस्कार की तैयारी होने लगी। महिला के पति उसे एंबुलेंस से लेकर घर लौटने लगे। बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर अचानक एंबुलेंस में गड्डे की वजह से धक्का लगा। झटके की वजह महिला के शरीर में हरकत हुई और सांस चलने लगी। परिजन फिर उसे दूसरे अस्पताल में ले गए। 13 दिन इलाज के बाद वह स्वस्थ होकर घर लौट आई। महिला 22 फरवरी को घरेलू काम करते हुए अचानक बेहोश हो गई थी। उन्हें बरेली के अस्पताल में ले जाया गया। दो दिनों तक वेंटिलेटर पर रहने के बावजूद उनके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई थी। मामला शहर कोतवाली थाना क्षेत्र का है। मामले को विस्तार से जानते हैं... कुलदीप शुक्ला (55) शहर कोतवाली में अपने परिवार के साथ रहते हैं। 22 फरवरी की शाम उनकी पत्नी विनीता शुक्ला (50) घर के काम के दौरान अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं। वह पीलीभीत कोर्ट में वरिष्ठ सहायक हैं। उन्हें तुरंत बरेली के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। दो दिनों तक वेंटिलेटर पर रहने के बावजूद उनके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई । आंखों की पुतलियां फैल गईं। डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रेन डेड' जैसी स्थिति बताते हुए घर ले जाने की सलाह दी। परिजनों ने भारी मन से विनीता को एम्बुलेंस में रखा और पीलीभीत के लिए रवाना हो गए। पति कुलदीप कुमार शुक्ला ने कहा- 24 फरवरी को हम घर लौट रहे थे। तभी बरेली हरिद्वार नेशनल हाईवे पर अचानक एंबुलेंस में गड्डे की वजह से झटका लगा। झटके की वजह से विनीता (50) के शरीर में हरकत होने लगी और उनकी सांस चलने लगी। पति बोले- परिवारवालों को अंतिम संस्कार की तैयारी के लिए कह दिया था कुलदीप ने कहा- मैंने परिवारवालों से अंतिम संस्कार की तैयारी के लिए कह दिया था। उनकी सांसे नहीं चल रही थीं। केवल दिल की धड़कन चल रही थी, वो भी समय के साथ धीमी होती जा रही थी। एंबुलेंस जैसे ही हाफीजगंज पहुंची। गड्ढे की वजह से झटका लगा। इसके बाद मेरी पत्नी ने सांस लेना शुरू कर दिया। शरीर में हरकत होने लगी। ये किसी चमत्कार से कम नहीं था। मैंने परिवार वालों को अंतिम संस्कार की तैयारियों को रोकने के लिए तुरंत कहा। ग्लासको कामो स्केल 3 पर पहुंच गया था इसके बाद पति कुलदीप पत्नी को तुरंत पीलीभीत के न्यूरोसिटी अस्पताल ले गए। न्यूरोसिटी अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉक्टर राकेश सिंह ने सबसे पहले बरेली के अस्पताल से विनीत के मेडिकल हिस्ट्री जानी। फिर उनका इलाज शुरू किया। डॉक्टर राकेश सिंह ने बताया- विनीता के ब्रेनस्टेम रिफ्लेक्स नहीं मिले। जबकि उनका ग्लासगो कोमा स्केल सामान्य यानी 15 अंको से गिरकर 3 अंक पर आ गया था। जो पूरी तरह से ब्रेन के सक्रिय न होने का संकेत देता है। आंखों की जांच में पुतलियों का फैलाव (मायड्रायसिस) पाया गया, जो दिमाग के निष्क्रिय होने का संकेत था। जांच के दौरान विनीता के पैरों पर दांतों के निशान भी मिले, जिससे डॉक्टर को स्नेक प्वाइजनिंग (न्यूरोटॉक्सिन) का संदेह हुआ। इसी आधार पर उन्हें एंटी-वेनम और सपोर्टिव इलाज दिया गया। 13 दिन बाद घर लौटीं विनीता महज 24 घंटे के भीतर विनीता के शरीर ने इलाज पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया। बिना वेंटिलेटर के 13 दिनों के इलाज के बाद, विनीता अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपने पैरों पर चलकर घर लौट रही हैं। पति ने कहा- अब वह होश में भी हैं और हमसे बात भी कर रही हैं। स्वस्थ होने के बाद विनीता ने भावुक होकर कहा- मुझे याद ही नहीं कि मेरे साथ क्या हुआ। उनके पति कुलदीप कुमार ने इसे भगवान का आशीर्वाद और डॉक्टरों की मेहनत का परिणाम बताया है। ---------- यह खबर भी पढ़ें… शियाओं का नंगे पांव मातम, ट्रम्प-सऊदी प्रिंस की तस्वीरें रौंदी; लखनऊ में 21वें रमजान में जुलूस निकाला, ताबूत चूमने की मची होड़ लखनऊ में आज 21वें रमजान का जुलूस निकाला गया। नम आंखों के साथ शिया समुदाय के लोग हजरत अली के ताबूत की जियारत किया। ईरान-इजराइल जंग के विरोध में जुलूस के रास्ते में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन सलमान और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीरें सड़क पर चिपकाई गईं। जुलूस में शामिल अकीदतमंद ‘या अली मौला’ और ‘हैदर मौला’ के नारे लगाते हुए इन तस्वीरों को पैरों से रौंदते हुए गुजरे। नंगे पांव और काले कपड़े पहने महिला-पुरुष, बुजुर्ग और बच्चों में ताबूत को छूने और चूमने की होड़ मची हुई है। पढ़ें पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    प्रतापगढ़ में हनुमानगंज बाजार बंद, व्यापारियों का विरोध प्रदर्शन:कंधई इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरना
    Next Article
    NCERT किताब विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, केंद्र सरकार को डोमेन एक्स्पर्ट कमेटी के गठन का दिया आदेश

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment