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    डीपी यादव का महिला आरक्षण को समर्थन, शिक्षा आरक्षण मांगा:संभल कार्यालय का उद्घाटन किया, नीला गमछे पर बोले- नंगा बदन आदमी भी हितैषी हो सकता है

    8 hours ago

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    संभल में राष्ट्रीय परिवर्तन दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री डीपी यादव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने आगामी जिला पंचायत, ग्राम पंचायत और 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने नोएडा में हुई श्रमिकों की हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि समाज में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। शुक्रवार शाम 4 बजे संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के आदमपुर बस अड्डा स्थित कार्यालय का उद्घाटन पूर्व सांसद और उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री डीपी यादव ने किया। कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा और राधाकृष्ण की पेंटिंग भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष शिवम पाल, विनय कुमार, हसीब पठान, अमित यादव, मोहम्मद फैजान, विनेश कुमार, विनोद यादव और राजू पाल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। महिला आरक्षण बिल पर अपनी राय रखते हुए पूर्व मंत्री डीपी यादव ने कहा कि यह सरकार का एक अच्छा निर्णय है। हालांकि, उन्होंने सुझाव दिया कि परिसीमन और महिला आरक्षण में गरीब और पिछड़े वर्गों की महिलाओं को भी अलग से आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि इन वर्गों की महिलाओं में शिक्षा और रोजगार की कमी है, इसलिए उन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए। किसी की भलाई करने में कपड़ों का कोई रोल नहीं डीपी यादव ने यह भी कहा कि आरक्षण के बजाय यदि सरकार सभी महिलाओं और लड़कियों को निशुल्क शिक्षा प्रदान करने का काम करती, तो यह अधिक प्रभावी होता। बसपा सुप्रीमो मायावती के 'नीला गमछा डालने वाला दलितों का हितैषी नहीं हो सकता' वाले बयान पर डीपी यादव ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह अपनी-अपनी पार्टियों के विचार हैं और वह इस पर कोई सीधा कमेंट नहीं करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि किसी की भलाई करने में कपड़ों का कोई रोल नहीं होता, एक नंगे बदन आदमी भी हितैषी हो सकता है। पूर्व मंत्री ने कहा कि संभल अपना शहर है, अपनी पहचान है, ऐतिहासिक शहर है। हम यहाँ आते रहते हैं, लोगों के दु:ख-दर्द और खुशी में शामिल रहते हैं। अपने यहाँ बहुत सारे भाई-बहन रहते हैं। उन सबका साथ हमने लगातार दिया है और फिर वादा किया है हम उनका साथ देंगे, उन्हें बेहतर ज़िन्दगी, रोज़गार, शिक्षा और खुशहाल जिंदगी देने का काम करेंगे।
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