Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    DDU में 'ड्रोन लैब' की शुरुआत:प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से ड्रोन की बारीकियों को समझेंगे स्टूडेंट्स, रिसर्च का मिलेगा मौका

    4 hours ago

    2

    0

    दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट्स ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) में 'महायोगी गुरु गोरखनाथ ड्रोन टेक्नोलॉजी लैब' का शानदार उद्घाटन हुआ। इस लैब के जरिए पूर्वांचल के स्टूडेंट्स ड्रोन से संबंधित हर जानकारी प्रैक्टिकली ले सकेंगे। ड्रोन उड़ाने से लेकर नए रिसर्च करने तक हर चीज का लाभ यूनिवर्सिटी के अंदर ही मिलेगा। युवाओं को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे उनके लिए नौकरी और स्टार्टअप के नए रास्ते खुलेंगे। लैब उद्घाटन अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन, 'ड्रोन मैन ऑफ इंडिया' के नाम से मशहूर राहुल सिंह भी मौजूद रहे। उनके साथ एडीजी अशोक कुमार, ऐश्प्रा फाउंडेशन के अतुल सराफ और SIF फाउंडेशन के जितेंद्र बहादुर सिंह भी शामिल हुए। पूरे इवेंट को RoboX टीम ने बहुत ही प्रोफेशनल तरीके से मैनेज और हैंडल किया। तकनीकी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा- कुलपति इस अवसर पर अपने संबोधन में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह लैब विश्वविद्यालय में तकनीकी शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। छात्रों को अनुसंधान और नवाचार के प्रति प्रेरित करेगी। ड्रोन के एक्सपर्ट्स तैयार होंगे-राहुल राहुल सिंह ने ड्रोन उद्योग में बढ़ती संभावनाओं पर चर्चा करते हुए इसे भविष्य के विशेषज्ञ तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर बताया। कानून व्यवस्था में मिलेगी मदद- ADG अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने तकनीक और सुरक्षा के समन्वय पर बल देते हुए कहा कि ड्रोन तकनीक कानून व्यवस्था और निगरानी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अतुल साराफ ने युवाओं को स्टार्टअप और नवाचार के लिए प्रेरित करते हुए इस पहल को भविष्य उन्मुख कदम बताया। एसआईएफ फाउंडेशन के निदेशक जितेंद्र बहादुर सिंह ने इस प्रकार के नवाचारों को निरंतर सहयोग देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को वैश्विक पहचान मिल सके। IET के डीन प्रो. हिमांशु पांडेय ने इसे संस्थान के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा के लिए प्रेरित किया। निदेशक प्रो. एस. एन. तिवारी ने कहा कि यह लैब रोजगार, कौशल विकास में सहायक सिद्ध होगी, वहीं ईसीई विभागाध्यक्ष प्रो. नरेंद्र यादव ने आश्वासन दिया कि लैब का प्रभावी उपयोग कर छात्रों के तकनीकी कौशल को सुदृढ़ किया जाएगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    लखनऊ टुडे, 30 मार्च- आपके काम की खबर:इकाना में LSG-DC की टीम प्रैक्टिस करेगी, उमानाथ बली प्रेक्षागृह में तिरंगा अवार्ड समारोह
    Next Article
    मन की बात में गूंजा बाराबंकी का नाम:पीएम मोदी ने सौरभ बैसवार के विचारों की सराहना की

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment