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    DDU में क्लाइमेट चेंज और पर्यावरण पर सेमिनार:विशेषज्ञों ने सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर साझा किए अपने विचार

    7 hours ago

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    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गुरु गोरखनाथ शोध पीठ में शनिवार को भूगोल विभाग की ओर से नेशनल सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए प्रोफेसर, एक्सपर्ट और रिसर्च स्कॉलर्स ने भाग लेकर जियोग्राफी, क्लाइमेट चेंज, एनवायरनमेंट मैनेजमेंट और सस्टेनेबल डेवलपमेंट जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। सेमिनार का उद्घाटन वाइस चांसलर प्रो. पूनम टंडन, मुख्य अतिथि डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, बलिया विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. संजीत कुमार गुप्ता, प्रो. योगेश प्रताप सिंह, प्रो. जगदीश सिंह और प्रो. शिवाकांत सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन पर दिया जोर मुख्य अतिथि डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि तेजी से हो रहे क्लाइमेट चेंज को देखते हुए एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन और नेचुरल रिसोर्सेज के संतुलित उपयोग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जियोग्राफी केवल स्थानों के अध्ययन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज, पर्यावरण और डेवलपमेंट के बीच संतुलन को समझने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। वाइस चांसलर प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि इस तरह की नेशनल सेमिनार शिक्षकों और रिसर्च स्कॉलर्स को अपने रिसर्च वर्क को साझा करने का अच्छा प्लेटफॉर्म देती हैं। उन्होंने कहा कि अकादमिक डिस्कशन से नए विचार सामने आते हैं और रिसर्च को नई दिशा मिलती है। एक्सपर्ट्स और रिसर्च स्कॉलर्स ने पेश किए रिसर्च पेपर सेमिनार में विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए एक्सपर्ट्स और रिसर्च स्कॉलर्स ने क्लाइमेट चेंज, अर्बन डेवलपमेंट, रूरल प्लानिंग, डिजास्टर मैनेजमेंट और नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट जैसे विषयों पर अपने रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने कहा कि बदलती भौगोलिक परिस्थितियों को समझने के लिए जियोग्राफी का अध्ययन बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के टीचर्स, स्टूडेंट्स और बड़ी संख्या में रिसर्च स्कॉलर्स मौजूद रहे। सेमिनार के दौरान क्वेश्चन-आंसर सेशन भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सवाल पूछे और विषय से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।
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