Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    DRDO की बड़ी कामयाबी: स्वदेशी एयर डिफेंस मिसाइल VSHORADS के तीन सफल परीक्षण, अब सेना में शामिल होने को तैयार

    3 hours from now

    1

    0

    ओडिशा के तट के पास चांदीपुर से अत्यंत कम दूरी की वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली के तीन उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि ये परीक्षण विभिन्न गति, दूरी और ऊंचाई पर उड़ने वाले उच्च गति वाले खतरों को बेअसर करने में वीएसएचओआरएडीएस (बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली) मिसाइल प्रणाली की क्षमता की पुष्टि करने के लिए किए गए थे।दुश्मन के विमानों को पलक झपकते करेगा ढेररक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये परीक्षण VSHORADS मिसाइल प्रणाली की क्षमता को फिर से प्रमाणित करने के लिए किए गए थे। इस प्रणाली को विभिन्न गति, सीमा और ऊंचाई पर उड़ने वाले 'हाई-स्पीड' खतरों को बेअसर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।सटीक निशाना: परीक्षण के दौरान, मिसाइलों ने दुश्मन के विमानों की नकल करने वाले उच्च गति वाले हवाई लक्ष्यों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया और उन्हें नष्ट कर दिया।अंतिम विन्यास परीक्षण: ये परीक्षण मिसाइल के उस अंतिम स्वरूप (Final Deployment Configuration) में किए गए, जिसे सेना उपयोग करेगी। इसमें लक्ष्य को पहचानने (Target Acquisition) और मिसाइल दागने का काम सीधे फील्ड ऑपरेटरों द्वारा किया गया। VSHORADS: क्या है इसकी खासियत? यह एक मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम (MANPADS) है, जिसे सैनिकों द्वारा आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है।स्वदेशी तकनीक: इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की प्रयोगशाला रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) ने अन्य DRDO लैब और भारतीय उद्योग भागीदारों के सहयोग से स्वदेश में ही विकसित किया है।बहुआयामी सुरक्षा: यह कम दूरी पर उड़ने वाले विमानों, हेलीकॉप्टरों और ड्रोन्स को नष्ट करने में सक्षम है।सटीक डेटा: चांदीपुर रेंज में तैनात टेलीमेट्री, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम और रडार जैसे उपकरणों ने परीक्षण के दौरान मिसाइल की प्रभावशीलता की पुष्टि की है। मिनिस्ट्री ने एक बयान में कहा, "सभी फ्लाइट-टेस्ट के दौरान, मिसाइलों ने अलग-अलग खतरे वाले सिनेरियो में दुश्मन के एयरक्राफ्ट की नकल करते हुए हाई-स्पीड एरियल टारगेट को इंटरसेप्ट किया और नष्ट कर दिया, और सभी एक्सट्रीम एंगेजमेंट पॉइंट्स को पूरा किया।" रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मिसाइल सिस्टम के सफल फ्लाइट-टेस्ट के लिए DRDO, सशस्त्र बलों और इंडस्ट्रीज़ को बधाई दी।उन्होंने कहा कि VSHORADS के लगातार तीन फ्लाइट ट्रायल एक बड़ी सफलता हैं, और इस सिस्टम को जल्द ही सशस्त्र बलों में शामिल किया जा सकता है।मंत्रालय ने कहा, "इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज, चांदीपुर द्वारा तैनात टेलीमेट्री, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम और रडार जैसे विभिन्न रेंज इंस्ट्रूमेंट्स द्वारा कैप्चर किए गए फ्लाइट डेटा ने कई तरह के हवाई खतरों के खिलाफ VSHORADS के असर को वैलिडेट किया है।"इसमें कहा गया है कि ये यूज़र वैलिडेशन फ्लाइट-ट्रायल संयुक्त बलों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ DRDO और डेवलपमेंट-कम-प्रोडक्शन पार्टनर्स के सीनियर अधिकारियों की मौजूदगी में किए गए थे। The @DRDO_India has successfully conducted three successive flight trials of Very Short-Range Air Defence System (VSHORADS) from Integrated Test Range (ITR), Chandipur off the coast of Odisha. These tests were carried out to revalidate the capability of VSHORADS missile system… pic.twitter.com/5dtAb45MHG— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) February 27, 2026
    Click here to Read more
    Prev Article
    केजरीवाल को बरी करने वाले जज Jitendra Pratap Singh कौन हैं? कांग्रेस और भाजपा नेताओं पर भी चला है चुके हैं 'न्यायिक हंटर'!
    Next Article
    काश ऐसा हुआ होता...इन 2 अधूरी ख्‍वाहिशों के साथ रिंकू सिंह के पिता ने दुनिया को कहा अलविदा, एक के लिए तो बेटे को पूरी जिंदगी रहेगा मलाल

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment