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    Pakistan-Afghanistan Conflict | पाक-अफगानिस्तान संघर्ष चरम पर... काबुल पर हवाई हमले, तालिबान का 55 सैनिकों को मारने का दावा

    3 hours from now

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    पाकिस्तान ने शुक्रवार तड़के अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और दो अन्य प्रांतों में हवाई हमले किए। अफगानिस्तान के सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। यह कार्रवाई ऐसे समय में की गयी है जब अफगानिस्तान ने बृहस्पतिवार देर रात सीमा पार पाकिस्तान पर हमला किया था। दोनों पड़ोसी देशों के बीच बढ़ती हिंसा के कारण कतर की मध्यस्थता से हुआ युद्धविराम भी अब कमजोर पड़ता दिख रहा है। बॉर्डर पार लड़ाई में कम से कम 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गएअफ़गानिस्तान के तालिबान अधिकारियों के मुताबिक, बॉर्डर पार लड़ाई में कम से कम 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। पाकिस्तान ने काबुल और दूसरे शहरों में एयरस्ट्राइक की, जिससे दोनों पड़ोसियों के बीच तनाव बढ़ गया।लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफ़गान सेना ने जवाबी कार्रवाई में अफ़गान एयरस्पेस में घुसे एक पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट को मार गिराया है। शुक्रवार सुबह काबुल में धमाके और एयरक्राफ्ट की आवाज़ें सुनी गईं। यह तब हुआ जब तालिबान ने कहा कि उसकी सेना ने विवादित डूरंड लाइन के पास मिलिट्री बेस और पोस्ट पर कब्ज़ा कर लिया है। पाकिस्तान ने इन आंकड़ों पर सवाल उठाया और कहा कि उसने अफ़गान लड़ाकों को भारी नुकसान पहुंचाया है। तालिबान के स्पोक्सपर्सन ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान पर काबुल, कंधार और पक्तिया के इलाकों को टारगेट करने का आरोप लगाया। मुजाहिद ने X पर लिखा, “कायर पाकिस्तानी सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ इलाकों में एयरस्ट्राइक की हैं; अच्छी बात ये है कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।” पाकिस्तान पर हमले के कुछ घंटों बाद काबुल में हवाई हमलेकाबुल में कम से कम तीन विस्फोटों की आवाज सुनी गई, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि राजधानी में हमले कहां हुए और इनमें किसी के हताहत होने की जानकारी भी तुरंत नहीं मिल सकी। सरकारी प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने बताया कि पाकिस्तान ने दक्षिण में कंधार और दक्षिण-पूर्वी प्रांत पकतिया में भी हवाई हमले किए। अफगानिस्तान ने कहा कि उसकी सेना ने रविवार को सीमा क्षेत्रों में पाकिस्तान के घातक हवाई हमलों के जवाब में बृहस्पतिवार देर रात पाकिस्तान में सीमा पार हमला किया और दावा किया कि उसने पाकिस्तान सेना की 12 से अधिक चौकियों पर कब्जा कर लिया।पाकिस्तान ने रविवार को किए हवाई हमलों को इलाके में छिपे आतंकवादियों पर कार्रवाई बताया था। मुजाहिद ने बृहस्पतिवार रात ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पाकिस्तानी सेना के बार-बार विद्रोह और हमलों के जवाब में डूरंड रेखा के पास स्थित पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और प्रतिष्ठानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए गए।’’ अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि जवाबी हमले सीमा से लगे छह प्रांतों में किए गए। दोनों देशों के बीच 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा को डूरंड रेखा कहा जाता है, जिसे अफगानिस्तान औपचारिक रूप से मान्यता नहीं देता। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने सीमा पार झड़पों की खबरों पर चिंता जताई। उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि महासचिव ने दोनों पक्षों से मतभेदों को कूटनीति के जरिए सुलझाने की अपील की है। दोनों देशों ने हताहतों के अलग-अलग आंकड़े दिए। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जिनमें से कुछ के शव अफगानिस्तान ले जाए गए, जबकि ‘‘कई सैनिकों को जिंदा पकड़ लिया गया।’’ मंत्रालय के अनुसार, अफगानिस्तान के आठ सैनिक मारे गए और 11 घायल हुए। दूसरी ओर पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि पाकिस्तान के दो सैनिक मारे गए और तीन घायल हुए हैं, जबकि 36 अफगान लड़ाके मारे गए। पिछले कई महीनों से दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। अक्टूबर में सीमा पर हुई झड़पों में सैनिकों, नागरिकों और संदिग्ध आतंकियों की मौत हुई थी। हालांकि, कतर की मध्यस्थता से हुआ युद्धविराम काफी हद तक लागू रहा लेकिन सीमा पर बीच-बीच में गोलीबारी होती रही है। नवंबर में हुई कई दौर की शांति वार्ताएं भी किसी औपचारिक समझौते पर नहीं पहुंच सकीं। पाकिस्तान हाल के वर्षों में बढ़ती चरमपंथी हिंसा के लिए तहरीक-ए-पाकिस्तान (टीटीपी) और प्रतिबंधित बलूच अलगाववादी संगठनों को जिम्मेदार ठहराता है। टीटीपी, अफगान तालिबान से अलग है, लेकिन उसका उससे करीबी संबंध माना जाता है। पाकिस्तान का आरोप है कि टीटीपी अफगानिस्तान की सरजमीं से काम करता है, हालांकि काबुल और यह संगठन दोनों इस आरोप से इनकार करते हैं।पाकिस्तान ने दावों पर सवाल उठाएपाकिस्तान ने अफ़गान आंकड़ों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। इन्फॉर्मेशन मिनिस्टर अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और तीन घायल हुए, जबकि 36 अफ़गान लड़ाकों के मारे जाने की खबर है। X पर एक पोस्ट में, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, जिसे उन्होंने बिना उकसावे की फायरिंग बताया, उसका “कड़ा और असरदार जवाब” दे रहा है और अपनी ज़मीनी एकता की रक्षा करता रहेगा। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के प्रवक्ता मुशर्रफ़ अली ज़ैदी ने इस बात से इनकार किया कि किसी भी पाकिस्तानी सैनिक को पकड़ा गया है। दोनों पक्षों ने मरने वालों की संख्या में बिल्कुल अलग-अलग जानकारी दी, जिसे अलग से वेरिफ़ाई नहीं किया जा सका।पाकिस्तान का कहना है कि तालिबान ने ‘बिना उकसावे के फायरिंग’ कीपाकिस्तान के इन्फॉर्मेशन और ब्रॉडकास्टिंग मंत्रालय ने कहा कि अफ़गान तालिबान सेनाओं ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पाकिस्तान-अफ़गानिस्तान बॉर्डर के कई पॉइंट्स पर बिना उकसावे के फायरिंग शुरू कर दी। एक बयान में, मंत्रालय ने कहा कि इस कार्रवाई का पाकिस्तान के सुरक्षा बलों द्वारा “तुरंत और असरदार जवाब” दिया जा रहा है। बयान में कहा गया, “अफ़गान तालिबान सरकार ने गलत अंदाज़ा लगाया और KP में पाकिस्तान-अफ़गानिस्तान बॉर्डर पर कई जगहों पर बिना उकसावे के फ़ायरिंग की।” “तालिबान सरकार की सेनाओं को चित्राल, ख़ैबर, मोहमंद, कुर्रम और बाजौर सेक्टर में सज़ा दी जा रही है।” बयान के मुताबिक, शुरुआती रिपोर्टों से पता चला है कि अफ़गान पक्ष को भारी नुकसान हुआ है, जिसमें कई चौकियाँ और उपकरण नष्ट हो गए हैं।मंत्रालय ने आगे कहा, “पाकिस्तान अपनी क्षेत्रीय अखंडता और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाएगा।” राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने भी कहा कि पाकिस्तान अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान शांति और क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं करेगा। हमारी सेना का जवाब पूरी तरह और निर्णायक है। जो लोग हमारी शांति को कमज़ोरी समझेंगे, उन्हें कड़ा जवाब मिलेगा — और कोई भी पहुँच से बाहर नहीं होगा।” पाकिस्तान के बयान तालिबान के इस दावे का बिल्कुल उल्टा है कि दर्जनों पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और ठिकानों पर कब्ज़ा कर लिया गया। दोनों पक्षों द्वारा बताए गए हताहतों के आंकड़ों को अलग से वेरिफ़ाई नहीं किया जा सका।
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