Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    एंबुलेंस में आक्सीजन खत्म होने से युवक की मौत:रामपुर से मुरादाबाद जाते समय ईंधन भी खत्म हुआ; डॉक्टर्स ने रेफर किया था

    6 hours ago

    1

    0

    रामपुर में एंबुलेंस में पेट्रोल और आक्सीजन के खत्म होने की वजह से एक युवक की जान चली गई। दरअसल, युवक ट्रैक्टर की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। वहां से परिजन उसे मुरादाबाद लेकर जा रहे थे। युवक आक्सीजन सपोर्ट पर था। परिजन के अनुसार, एंबुलेंस में आक्सीजन खत्म होने की वजह से रास्ते में ही युवक की हालत बिगड़ने लगी। थोड़ी ही देर में एंबुलेंस का ईंधन भी खत्म हो गया। डीजल खत्म होने से एंबुलेंस रास्ते में ही रूक गई। कुछ ही देर में युवक ने दम तोड़ दी। बुधवार देर रात की यह घटना थाना शहजादनगर के अहमदनगर जिबाई गांव की है। युवक रात में घर से खेत में जा रहा था, उसी समय तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आ गया। जानिए पूरा मामला… अहमदनगर जिबाई गांव के रहने वाले कुलदीप सिंह (38) किसानी करते थे। वे चार भाई थे। भाइयों में बंटवारा हो चुका था। परिवार में उनकी पत्नी, 8 साल का बेटा और 11 साल की बेटी है। बुधवार को रात करीब 10 बजे कुलदीप बाइक से अपने खेत पर जा रहे थे। इस समय गेहूं की कटाई चल रही है। वही देखने कुलदीप खेत जा रहे थे। लेकिन रास्ते में ही गांव के ही एक ट्रैक्टर ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में कुलदीप गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे और कुलदीप को घायल अवस्था में लेकर जिला अस्पताल गए। इमरजेंसी में प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर देख डॉक्टर ने उन्हें मेरठ रेफर कर दिया। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर से एक प्राइवेट एंबुलेंस किराए पर बुक की और उसी से कुलदीप को लेकर मेरठ न जाकर मुरादाबाद ले जाने लगे। कुलदीप के भतीजे हरविंदर सिंह ने बताया कि हम मुरादाबाद के आधे रास्ते में ही पहुंचे होंगे। तभी एंबुलेंस में लगे ऑक्सीजन सिलेंडर की गैस खत्म हो गई। हमने ड्राइवर से कहा थोड़ा तेज चलिए। इसके बाद थोड़ा और आगे बढ़े तो एंबुलेंस का पेट्रोल भी खत्म हो गया। ऑक्सीजन न मिलने की वजह से कुलदीप की मौत हो गई। गुस्साए परिजन ने एंबुलेंस में तोड़फोड़ की मौत के बाद गुस्साए परिजन ने एंबुलेंस में तोड़फोड़ की। जबकि ड्राइवर मौका पाकर वहां से भाग गया। परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मुरादाबाद के मझोला थाने में एंबुलेंस को सीज कर दिया गया है। एंबुलेंस के मानक क्या होते हैं? एम्बुलेंस के संचालन के लिए तय मानकों का पालन करना अनिवार्य होता है। इसमें वाहन का वैध रजिस्ट्रेशन और परमिट, प्रशिक्षित ड्राइवर व पैरामेडिकल स्टाफ की मौजूदगी, ऑक्सीजन सिलेंडर का हमेशा भरा और चालू हालत में होना, स्ट्रेचर, फर्स्ट एड किट और बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) उपकरण उपलब्ध होना शामिल है। साथ ही एम्बुलेंस 24×7 सेवा के लिए तैयार रहे और उसकी फिटनेस, ईंधन व तकनीकी स्थिति दुरुस्त होनी चाहिए। ऐसे मामलों में क्या कार्रवाई हो सकती है गंभीर मरीजों के लिए एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) सुविधा भी जरूरी मानी जाती है। इन मानकों में लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें IPC की धारा 304A (लापरवाही से मौत), 279/336/337/338 (जीवन को खतरे में डालना) के तहत केस दर्ज होना, एम्बुलेंस का परमिट निलंबित या रद्द होना, चालक व ऑपरेटर की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाया जाना शामिल है। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- लखनऊ में 250 से ज्यादा झोपड़ियां जलीं, 30 सिलेंडर फटे:युवक बोला- मेरे 4 बच्चे जिंदा जल गए; 10 km दूर तक दिखीं लपटें लखनऊ में बुधवार शाम साढ़े 5 बजे भीषण आग लग गई। विकासनगर इलाके में लगी इस आग से 30 से ज्यादा सिलेंडर फट गए। 250 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। करीब 10 किलोमीटर दूर तक आग की लपटें देखी गईं। आग लगने के बाद आसपास के करीब 20 मकानों को खाली करा लिया गया। पूरी खबर पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    संभल में ईदगाह-इमामबाड़े पर बुलडोजर चल रहा:भीड़ को अफसरों ने हटाया, 5 थानों की फोर्स और PAC तैनात
    Next Article
    योगी बोले- अब थानों पर हमला किया तो काम तमाम:पुलिस में 2 लाख से अधिक भर्तियां कीं, गोरखपुर में सुरक्षा भवनों का उद्घाटन किया

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment